आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

बिना हाजिरी कर रहा था काम

Kushinagar

Updated Thu, 06 Dec 2012 05:30 AM IST
रामकोला। विपणन विभाग के रामकोला गोदाम पर मंगलवार को बोरियों से दबकर मरने वाला पल्लेदार वहां उपस्थित ही नहीं था। यह पढ़ने में अटपटा जरूर लग रहा है, लेकिन है सच्चाई। वहां मजदूर के रूप में उसकी कोई हाजिरी नहीं बनी है। कारण यह कि रजिस्टर नहीं है। विभागीय लापरवाही की वजह से बिना किसी रजिस्ट्रेशन के ही ठेकेदार के साथ वह काम कर रहा था। यदि नियमों का पालन किया गया होता तो शिवशरण के परिवार को ताउम्र तकलीफ नहीं झेलनी पड़ती।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को रामकोला एसएमआई गोदाम से राशन की निकासी करते समय गोदाम के अंदर बोरियों के भरभराकर गिरने के कारण दो पल्लेदार साधु और शिवशरण दब गये। इलाज के लिए लेकर जाते समय शिवशरण की मौत हो गई। इस मौत ने गोदाम पर चल रही लोडिंग-अनलोडिंग की पूरी व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया। विभागीय सूत्रों की मानें तो यहां ठेका बिना किसी मानक के पूरा किए ही चल रहा है। नियमानुसार लेबर सप्लाई या अन्य कोई जोखिम भरा कार्य कराने के पहले ठेकेदार को श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है। मजदूरों की संख्या पर कर्मचारी बीमा योजना के तहत बीमा कराया जाता है। यही नहीं यदि लेबर 30 दिनों तक लगातार काम पर आता है तो उसका पीएफ भी कटवाना ठेकेदार की जिम्म्ेादारी होती है। इसके लिए नियम है कि कार्य स्थल पर ही हाजिरी रजिस्टर भरा जाना चाहिए। कार्य स्थल पर ठेकेदार की तरफ से एक सुपरवाइजर का होना भी आवश्यक होता है। सुपरवाइजर कोई विषम परिस्थति आने पर मजदूर की मदद करेगा। मंगलवार को रामकोला के एसएमआई गोदाम पर जब मजदूर के साथ दुर्घटना हुई, उस वक्त वहां लोडिंग-अनलोडिंग का ठेका लिए लोगों या उनके कर्मचारी का कोई पता नहीं था। यदि कोई होता तो समय से मजदूर को अस्पताल पहुंचा देता और उसकी जान बच जाती। सूत्र बताते हैं कि पिछले तीन वर्षों से यह ठेका बिना कागज वाले उसी ठेकेदार के पास है। मजदूर शिवशरण अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। उसका बड़ा बेटा तिलकधारी अभी 16 वर्ष तथा छोटा बेटा गिरधारी 5 वर्ष का ही है। इस परिवार के पास रोटी का संकट आ गया है। यदि लेबर बीमा हुआ होता तो शिवशरण की विधवा और उसके अनाथ हुए बच्चों को जीवन यापन के लिए कुछ मिल भी जाता। इस संबंध में डिप्टी आरएमओ रूपेश सिंह का कहना है कि लेबर इंस्पेक्टर को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा जाएगा। इसकी विभागीय जांच भी करायी जाएगी।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

सैमसंग ने लॉन्च किए दो नए फोन, जानिए क्या है S-8 और S-8 प्लस की खासियत

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

जब डायरेक्टर ने अमिताभ से कहा, 'तुम्हें कहानी की समझ होती तो आज एक्टर नहीं डायरेक्टर होते'

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

इस 'भुतहा' बंगले में जो भी हीरो रहा वो बन गया सुपरस्टार, जानें पूरी कहानी

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

करण जौहर के बच्चों की तस्वीरें आईं सामने

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

फेसबुक ऐप में आया नया फीचर, वीडियो/फोटो शेयर करना होगा मजेदार

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

Most Read

योगी सरकार के इस ऑर्डर ने उड़ाये ‘गुरुओं के होश’

yogi government orders surprised teacher
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

CM योगी ने की नमाज से सूर्य नमस्कार की तुलना

up cm yogi adityanath speech in lucknow yog festival
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

छात्रा बनकर थाने पहुंचीं सीओ ने दी तहरीर, मुंशी ने दर्ज नहीं की रिपोर्ट    

CO Vandana Sharma
  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

योगीराज में सूबे की चर्चित जिलाधिकारी बी. चंद्रकला प्रतिनियुक्ति पर पहुंचीं दिल्ली

Yogiraj discussed the District Magistrate B. chandrakala Delhi reached deputation
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

यूपी में अवैध कत्लखाने बंद करने पर बोले बाबा रामदेव

 baba ramdev on illigal slaughter houses.
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

एक्‍शन मोड में योगी सरकार, बनारस के 15 थानों पर नए थानेदार

Yogi Sarkar in action mode, new SHO at 15 locations in varanasi
  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top