आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

एचआईवी संक्रमित रोगियों में बढ़ी जागरूकता

Kushinagar

Updated Thu, 29 Nov 2012 12:00 PM IST
पडरौना। रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली, मुंबई सरीखे महानगरों में गए कुछ लोग पैसे कमाने के साथ घर लौटते समय एक ऐसी बीमारी साथ लेकर चले आए, जिसका नाम सुनकर मरीज की रूह कांप जाए। इस बीमारी को बढ़ाने में कुशीनगर जिले से होकर गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग-28बी के किनारे ढाबों में चलने वाले देह व्यापार भी जिम्मेदार रहे हैं। एड्स के मरीजों की तादाद इस जिले में आठ साल पहले तक काफी कम थी, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ गई है। कुशीनगर जिले के जिला अस्पताल में एआरटी सेंटर खुल जाने से इस मर्ज के रोगियों को काफी राहत मिली है। जांच, इलाज और दवा के लिए अब उन्हें गोरखपुर में नंबर नहीं लगाना पड़ रहा है, बल्कि इस एआरटी सेंटर से जांच, इलाज और दवा मुफ्त में मिल जा रही है। मरीजों को गोरखपुर आने-जाने में होने वाले किराए के खर्च से भी मुक्ति मिल गई है।
इनसेट
वर्ष 2011 में एआरटी सेंटर जिला अस्पताल में खुल जाने के बाद एचआईवी पाजीटिव मरीजों की जांच, इलाज, दवा और सही सलाह के लिए उपलब्ध सुविधाएं-
1. एकीकृत परीक्षण एवं परामर्श केंद्र (आईसीटीसी)- इस केंद्र में एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की जांच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध है।
2. सुरक्षा क्लीनिक (एसटीआई/आरटीआई)- यहां यौनजनित रोगों की जांच, दवा और परामर्श दिया जाता है। क्योंकि यौनजनित रोगों से संक्रमण का खतरा 5-10 गुना अधिक होता है।
3. पीपीटीसीटी- इस केंद्र में एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं की जांच और परामर्श के साथ इनसे होने वाले बच्चों को 18 महीने तक निगरानी में रखा जाता है। एचआईवी पाजीटिव माता-पिता के बच्चों के जन्म के बाद पहली जांच डेढ़ महीने पर, दूसरी डीबीएस जांच छह महीने पर तथा तीसरा रैपिड टेस्ट 18 महीने पर किया जाता है। इसके बाद बच्चे के स्वस्थ होने की फाइनल रिपोर्ट दी जाती है।
4. एआरटी सेंटर- इस सेंटर में मरीजों के सीडी-4 की जांच होती है। यदि सीडी-4 350 से कम है तो मरीज को एआरटी दवा दी जाती है। एआरटी तीन दवाओं का मिश्रण होता है। सीडी-4 350 से अधिक होने पर मरीज को खान-पान, रहन-सहन के बारे में सलाह दी जाती है। साथ ही समय-समय पर सीडी-4 की जांच भी होती रहती है। सीडी-4 की जांच हर छह माह पर होती है। यह जांच दवा लेने तथा दवा न लेने वाले दोनों तरह के मरीजों की होती है।
इनसेट
बड़े ही नहीं बच्चे भी हैं एचआईवी की चपेट में
इस बीमारी ने सिर्फ बड़ों को ही नहीं बल्कि बच्चों को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया है। अधिकतर बच्चों को यह बीमारी अपने माता-पिता से मिली है। सूत्रों के मुताबिक एआरटी सेंटर में 912 एड्स पाजीटिव रोगी पंजीकृत हैं। इन मरीजों में 626 की दवा चल रही है। इनमें 42 बच्चे भी हैं।
इनसेट
सही सलाह ने दी 23 मासूमों को जिंदगी
जिला अस्पताल के पीपीटीसीटी सेंटर में एचआईवी पॉजिटिव महिलाओं की जांच और सलाह ने ऐसे रोगियों में जिंदगी के प्रति नई उम्मीद पैदा की है। सूत्रों के अनुसार इस सेंटर में 23 एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं की जांच और सलाह दी गई। इन महिलाओं ने मिले परामर्श को अक्षरश: पूरा किया, जिसका परिणाम रहा कि एक साल के अंदर इन सबने स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया।
इनसेट
वर्ष 2004 से अब तक के मरीजों की संख्या
वर्ष एचआईवी पाजीटिव मरीजों की संख्या
2004 21
2005 27
2006 23
2007 88
2008 66
2009 135
2010 120
2011 300
2012 (27 नवंबर तक) 348
कुल योग- 1128

इनसेट
क्या कहते हैं परामर्शदाता...
सुरक्षा क्लिनिक के काउंसलर शिवकुमार पांडेय ने बताया कि इस केंद्र में यौन जनित रोगों का इलाज तथा सही सलाह मिलने के कारण एचआईवी संक्रमण का खतरा नहीं रहता है। मरीज डाक्टरों की सलाह के अलावा स्वेच्छा से भी इलाज कराने के लिए आते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे रोगियों का इलाज सुरक्षा क्लिनिक में नाको की तरफ से उपलब्ध कराए गए सहायक किट एसटीआई से किया जाता है। यहां नि:शुल्क जांच के साथ-साथ सलाह भी दी जाती है। पीपीटीसीटी की परामर्शदाता उपासना तिवारी का कहना है कि यहां गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच और परामर्श दिया जाता है। ताकि यदि माता-पिता एचआईवी से संक्रमित हों तो उनसे बच्चे को कोई बीमारी न लगे। बच्चे के जन्म के बाद 18 महीने तक उसे निगरानी में रखा जाता है।
एआरटी सेंटर के काउंसलर धनंजय पांडेय एचआईवी पॉजिटिव मरीजों में जागरूकता बढ़ी है। तमाम मरीज इलाज के लिए बेझिझक आते हैं। इस वजह से इनकी संख्या भी अधिक हुई है। एआरटी सेंटर में जांच और दवा समय पर हो जा रहा है। मरीजों को अब गोरखपुर जाकर नंबर लगाने के बजाय अपने जिले में ही इलाज की सारी सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि एआरटी दवा के इस्तेमाल और सलाह को अपनाकर ऐसे मरीज सामान्य जिंदगी जी सकते हैं।
इनसेट
जिले की संस्थाएं
1. डिस्ट्रिक नेटवर्क फार पॉजिटिव पीपुल : इस संस्था के लोग एचआईवी पॉजिटिव मरीजों के साथ रहकर जागरूकता बढ़ाते हैं।
2. सवेरा : यह संस्था सेक्स वर्करों पर काम करती है।
3. पूर्वांचल सेवा संस्थान : इस संस्था ने अभी हाल ही में एचआईवी संक्रमित मरीजों पर काम करना शुरू किया है। इसमें लिंकवर्कर हैं, जो कुशीनगर जिले के 100 गांवों में जाकर जागरूक करेंगे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

hiv-infected patients

स्पॉटलाइट

फिल्मों से गुमनाम हुई ये हीरोइन अब है अरबों की मालकिन, फिर देगी जुड़वा बच्चों को जन्म

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

नीरस होते रोमांस में गर्माहट लाएंगे ये तेल, रानियां भी करती थीं इस्तेमाल

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

बाप की तरह विलेन ना बन पाया, लेकिन एड की दुनिया का बेताज बादशाह है प्राण का ये बेटा

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

Modi@3: मोस्ट स्टाइलिश पीएम ऑफ द वर्ल्ड, देखें जानदार 'Look'

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

B'Day Spl: सरेआम SRK से पिट चुके हैं शिरीष कुंदर, 8 साल बड़ी फराह से शादी से पहले बनाते थे मोबाइल

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

Most Read

यूपी: IAS-PCS अफसरों के 15 ठिकानों पर IT की रेड

income tax raid on ias pcs and five government clerks house in delhi ncr
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

MCD उपचुनावः भाजपा का नहीं खुला खाता, आप को मिली जीत

mcd bypoll on 2 seats: know results here as aap won a seat
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

J&K: मेजर गोगोई के सम्मान के विरोध में NC का प्रदर्शन

national conference leaders protested against major gogoi in Srinagar
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

अल्पसंख्यकों का कोटा खत्म करने की बातें आधारहीन: यूपी सरकार

 UP govt to end minority quota
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

पाकिस्तान पर बरसे कुमार विश्वास, कहा- शरीफ रहो नहीं तो शरीफा बना दिए जाओगे

kumar vishwas takes dig on pakistan denial over their post in nowshera being destroyed by india
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर अबू दुजाना 5वीं बार फरार

Lashkar-e-Toiba Kashmir commander Abu Dujana again escapes from the security in Pulwama 
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top