आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

टूट रहा है साक्षर भारत का सपना

Kushinagar

Updated Sun, 28 Oct 2012 12:00 PM IST
पडरौना। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते कुशीनगर में साक्षर भारत का सपना टूटता नजर आ रहा है। योजना के लक्षित अवधि बीत जाने के बाद भी अब तक प्रेरक चयन का ही काम पूर्ण नहीं हो पाया, निरक्षरों को पढ़ाना तो दूर की कौड़ी है। भारत सरकार ने योजना को जिस अवधि तक के लिए विस्तार दिया है उसका भी आधा हिस्सा बीत चुका है और अभी तक निरक्षरों की वास्तविक गणना काम भी पूर्ण नहीं हुआ।
उल्लेखनीय है कि कुशीनगर जनपद में वर्ष 1986 से ही राष्ट्रीय साक्षरता मिशन के तहत कार्यक्रम चलते रहे हैं। उत्तर साक्षरता और विशेष साक्षरता अभियान चलाने के बाद भी जनपद से निरक्षरों की फौज कम नहीं हुई तो वर्ष 2008 में सरकार ने अन्य जनपदों की तरह यहां भी साक्षरता मिशन को बंद कर दिया। तब इस जिले में 428000 निरक्षर थे। उन्हें साक्षर बनाने के लिए एक बार फिर सरकार ने साक्षर भारत योजना के तहत भी इस जिले को चयनित कर लिया। वर्ष 2009 के सितंबर महीने में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जब योजना प्रारंभ हुई तो पूर्व आकलन के आधार पर कुशीनगर जनपद में 399000 निरक्षर थे। इन्हें साक्षर बनाने के लिए जनपद के प्रत्येक गांव से दो हजार रुपये प्रतिमाह के मानदेय पर दो-दो प्रेरकों का चयन किया जाना था। इनमें से एक प्रेरक अनिवार्य रूप से महिला रखी गई। योजना के सफल संचालन के लिए इस बार जिला लोक शिक्षा समिति, ब्लाक लोक शिक्षा समिति और ग्राम लोक शिक्षा समिति बनायी। हर ब्लाक में मानदेय पर ब्लाक समन्वयक रखे गए। नियमित निगरानी के लिए जिले में चार जिला समन्वयक भी बनाए गए। योजना के तहत प्रत्येक गांव में एक साक्षरता केंद्र खोला जाना है जहां नवसाक्षरों का ज्ञान बढ़ाने के लिए अनिवार्य रूप से पत्र-पत्रिकाएं मंगाने का प्रावधान है। परंतु यह सारी कवायद कुशीनगर जनपद में जिम्मेदारों की मनमानी के चलते अधूरी ही रह गयी। पहले योजना संचालन का जिम्मा बेसिक शिक्षा विभाग के पास था। परंतु बीएसए की व्यवस्तता को देखते हुए अब डॉयट प्राचार्य को इसका प्रभारी बनाया गया है।
यहां यह बता दें कि कुशीनगर डॉयट पहले से ही कर्मचारियों की किल्लत से जूझ रहा है, ऊपर से साक्षर भारत स्कीम का दायित्व मिल गया है। यहां का स्टाफ बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी और शिक्षा मित्रों के प्रशिक्षण में व्यस्त है। लिहाजा, प्रेरक चयन का मामला निपटाने के लिए किसी के पास फुर्सत ही नहीं है। नतीजतन, प्रेरक चयन का अभी भी कम से कम 100 मामला लंबित है। गांव-गांव निरक्षरों की वास्तविक गणना और वीटी ट्रेनिंग का काम भी पूरा नहीं हो पाया। गांवों में खुलने वाले साक्षरता केंद्राें का भी अस्तित्व कागज में ही है। यहां यह बता दें कि जब योजना शुरू हुई तो तय हुआ कि 31 मार्च 2012 तक शत-प्रतिशत निरक्षरों को साक्षर बना देना है, मार्च तक प्रेरक चयन का काम पूरा नहीं हो पाया तो सरकार ने योजना को एक साल के लिए विस्तार दिया था। 31 मार्च 2013 को यह अवधि भी समाप्त हो जाएगी लेकिन योजना का हाल देखकर इस बात की उम्मीद कम ही है कि निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए कुछ खास हो पाएगा।
छह महीने में करना है साक्षर
पडरौना। साक्षर भारत योजना के तहत गांव के निरक्षरों को छह महीने में साक्षर बनाना है। गांव के प्राथमिक विद्यालय में इनकी एक परीक्षा करायी जाएगी। इसमें उत्तीर्ण लोगों को वहां के प्रधानाध्यापक एक प्रमाण पत्र देंगे। इस प्रमाण पत्र के आधार पर नवसाक्षरों को सीधे पांचवीं कक्षा में नामांकन मिल सकता है।
मार्च अभी बहुत दूर है: प्राचार्य
पडरौना। प्रेरक चयन और वीटी प्रशिक्षण का काम अधूरा होने के सवाल पर साक्षर भारत योजना के प्रभारी और डॉयट प्राचार्य राकेश कुमार का कहना है कि मामले विवादित हैं, इसीलिए निस्तारण नहीं हो पाया है। योजना के लिए लक्षित मार्च 2013 अभी काफी दूर है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

ऑफिस में महिलाएं इस काम में करती हैं सबसे ज्यादा समय बर्बाद

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

देखें, रियल लाइफ में कैसे दिखते हैं 'बाहुबली' के ये फेमस स्टार

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

कैटरीना ने टॉवल में खिंचवाई तस्वीर, सोशल मीडिया पर वायरल

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

कपड़े धोते हुए पत्नी की हो गई थी मौत, पति ने ऐसे कर दिया दोबारा जिंदा..

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

लोगों पर छाया 'बाहुबली' का खुमार, प्रभास की तस्वीर पर चढ़ा दूध

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

योगी की चेतावनी- 9 से 6 ऑफिस में ही दिखें, कभी भी बज सकता है फोन

press con of minister shrikant sharma
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

अंकल पेंट मत करना, पापा दरोगा हैं, इसके बाद सीओ ने क्या किया

Do not paint uncle, Papa is Daroga, what did the CO do after this
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

शहीद की मां का दर्द,‘प्रधानमंत्री से कुछ नहीं होता तो मैं ही कर दूंगी आतंकवादियों का खात्मा’

martyr ayush mother says about pm modi
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

शहीद कैप्टन आयुष के घर पहुंचे अख‌िलेश, बोले- 'अपनी ताकत का एहसास कराए सरकार'

martyr captain's body will come today
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

JEE Main 2017 : टॉपर कल्पित ने बताया अपनी सफलता के पीछे का राज

JEE Main 2017 Interview: topper kalpit was also a 10/10 CGPA scorer in class 10th
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

शहीद कैप्टन के पिता का बड़ा बयान, कहा-'केंद्र सरकार की खराब पॉलिसी की वजह से मरा मेरा बेटा'

big statement of father martyr captain ayush yadav
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top