आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

आयल पेंट की मूर्तियों की ज्यादा मांग

Kushinagar

Updated Sun, 07 Oct 2012 12:00 PM IST
पडरौना। दशहरा और दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही हर साल कलकत्ता से मूर्तिकार पडरौना आते हैं। इनकी बनाई मूर्तियां जिले के सभी हिस्सों में जाती हैं। अब बाहर से मूर्तियां मंगाने की जरूरत भी लगभग खत्म सी हो गई है। इन दिनों आयल पेंट की मूर्तियों की मांग अधिक है।
पांच दशक पहले की बात की जाय तो उस समय स्थानीय कारीगरों की मूर्तियां ही डोल, दशहरा और दीपावली पर स्थापित की जाती थीं, जो आकार में छोटी होती थीं। बुजुर्ग बताते हैं कि पडरौना नगर के छावनी मुहल्ले में स्थित श्री महादेव मंदिर का निर्माण कराने वाले रामा श्रीवास्तव ने सबसे पहले बनारस से मूर्तियां मंगानी शुरू कीं। वे मूर्तियां आकर्षक तो होती ही थीं, इनका आकार भी बड़ा होता था। धीरे-धीरे एक चलन सा हो गया और लोग बनारस, कोलकाता से मूर्तियां मंगाने लगे। इधर दो दशक से कोलकाता के मूर्तिकार खुद चले आ रहे हैं। दशहरा से चार महीने पहले आते हैं और दीपावली तक रहते हैं। इस दरमियान वे मां दुर्गा तथा अन्य देवी-देवताआें की आकर्षक मूर्तियां बनाते हैं। मूर्तियों में लागत के हिसाब से उनकी कीमत निर्धारित होती है। इस बार पडरौना के रामकोला रोड, बावली चौक, खड्डा रोड समेत आधा दर्जन स्थानों पर मूर्तिकाराें ने पांडाल बनाए हैं, जिसमें मूर्तियां बनाई जा रही हैं। मूर्तियों की कीमत पांच हजार से पच्चीस हजार रुपये तक है। इनकी मूर्तियां जिले के कोने-कोने तक जाती हैं। मूर्तिकारों ने बताया कि आजकल पत्थर कलर, वाटर पेंट, आयल पेंट, रेडियम पेंट आदि से बनी मूर्तियों की मांग ज्यादा है।
कोलकाता से ज्यादा संख्या में आते हैं मूर्तिकार
कोलकाता के कृष्णा नगर से आए मूर्तिकार सागर पाल बताते हैं कि वे 30 साल से मूर्तिकारी पेशे में हैं। 05 साल महराजगंज जनपद के सिसवा बाजार में रहे और उसके बाद से कुशीनगर जिले में मूर्तियां बनाते आ रहे हैं। कुल 12 कलाकारों के साथ वे काम कर रहे हैं। जन्माष्टमी पर 60 मूर्तियां बनाई गई थीं। दुर्गा पूजा के लिए 50 मूर्तियां बनाई जा रही हैं। सागर बताते हैं कि इन दिनों आयल पेंट से बनी मूर्तियों की मांग ज्यादा है।
पडरौना नगर के साहबगंज निवासी मनोज भी मूर्तिकार हैं। वह बताते हैं कि हर साल वे मूर्तियां बनाने के लिए कोलकाता से कलाकारों को बुलाते हैं और फिर पांडाल में मूर्तियाें को बनाया जाता है। इस साल 10 मूर्तिकार बुलाए गए हैं। 52 मूर्तियां इस बार बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि जिन मूर्तियाें में बारीकी ज्यादा होती है, उनकी मांग अधिक होती है। पत्थर कलर, वाटर पेंट, रेडियम पेंट वाली मूर्तियाें की मांग ज्यादा रहती है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

oil-painted sculptures

स्पॉटलाइट

'ट्यूबलाइट' का नया पोस्टर, सलमान के साथ खड़ा ये शख्स कौन?

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

आमिर, सलमान और शाहरुख को 'बाहुबली 2' से लेने चाहिए ये 5 सबक

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

ये कॉमेडियंस जल्द बनेंगे एक दूसरे के 'लाइफ पार्टनर'

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

'बाहुबली 2' नहीं देखी तो ये आठ डायलॉग्स बयां करेंगे फिल्म की पूरी कहानी

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

बुद्धि तेज करनी है तो भगवान गणेश को चढ़ाएं ये खास चीज

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

अखिलेश के बर्ताव से शहीद के परिजन नाराज, सपा समर्थकों की नारेबाजी से आक्रोश

akhilesh behavior displeases family of martyr
  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार का एक और सख्त फैसला, नोट‌िस बोर्ड पर लगेगी टीचर्स की फोटो

government officers pic will be placed on   noticeboard to ensure attenence
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अब SP की फ्रायरब्रांड प्रवक्ता ने दिया इस्तीफा

pankhuri pathak resign from samajwadi party
  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

अंकल पेंट मत करना, पापा दरोगा हैं, इसके बाद सीओ ने क्या किया

Do not paint uncle, Papa is Daroga, what did the CO do after this
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

शहीद कैप्टन के घर पहुंचे अख‌िलेश, बोले- 'अपनी ताकत का एहसास कराए सरकार'

martyr captain's body will come today
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

योगी की चेतावनी- 9 से 6 ऑफिस में ही दिखें, कभी भी बज सकता है फोन

press con of minister shrikant sharma
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top