आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

गंडक में बढ़ने लगा जलस्तर

Kushinagar

Updated Sat, 04 Aug 2012 12:00 PM IST
खड्डा। मैदानी इलाकाें और नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही झमाझम बारिश से बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से इजाफा होने लगा है। शुक्रवार की सुबह आठ बजे वाल्मीकिनगर बैराज पर नदी का डिस्चार्ज 1,80,600 क्यूसेक रहा। भैंसहा गेज स्थल पर दिन में 12 बजे नदी 95.10 मीटर जलस्तर पर बही। यानी नदी खतरे के निशान से महज 90 सेमी नीचे बह रही है। भैंसहां में 60 मिमी बारिश हुई तो नेपाल के त्रिवेणी में 91.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है।
अगर बरसात का यही क्रम बना रहा तो बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। अचानक नदी उफान पर आई तो क्या महज दो अवर अभियंताओं के भरोसे बांध की सुरक्षा हो जाएगी। जबकि डिस्चार्ज और आपदा के समय सूचना का आदान-प्रदान करने वाला वायरलेस सिस्टम खराब पड़ा है। नेपाल से उफनाने वाली बड़ी गंडक अचानक अपना रौद्र रूप दिखाने के लिए मशहूर है। कुछ वर्षों पूर्व नदी के दबाव के चलते छितौनी बांध के किमी 3.200 पर मदनपुर गांव के पास बंधा कट गया था। बड़ी गंडक नहर की पटरी को तोड़कर नदी नहर में समा गई थी। उस समय शासन-प्रशासन सकते में आ गया था। किसी तरह नहर की एक पटरी के सहारे खड्डा क्षेत्र को बाढ़ से बचाया गया था। इसके बाद भी कोई ऐसा कार्य नहीं हुआ, जिससे बाढ़ बचाव की पुख्ता व्यवस्था हो सके। समय-समय पर निर्माण कार्य में धांधली भी उजागर हुई और एक सहायक अभियंता एमके सिंह को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। फिर भी स्थिति नहीं सुधरी। आलम यह है कि छितौनी बांध, नौतार बांध, दरगौली बांध सहित कई अहम जगहों व एशिया के सबसे बड़े वीरभार ठोकर को बचाने के लिए बाढ़ खंड कुशीनगर प्रथम डिवीजन में कुल नौ अवर अभियंता तैनात थे। इनमें से दो रिटायर हो गए जबकि पांच का तबादला हो गया। अब महज दो जेई के जिम्मे पूरे बांध की सुरक्षा है।
बताते चलें कि बाढ़ की सूचना का आदान-प्रदान करने के लिए वाल्मीकिनगर बैराज, झुलनीपुर, खड्डा, कसया, पडरौना, हाटा, तमकुही आदि जगहों पर वायरलेस सिस्टम लगाए गए थे। ये अधिकतर जगहों पर खराब पड़े हैं। कर्मचारियों को मोबाइल फोन से डिस्चार्ज पता करना पड़ रहा है। उधर, कागजों में नदी के किनारे गांवों के प्रधानों की अध्यक्षता में सुरक्षा समितियां भी बनाई जाती हैं लेकिन इनकी बैठकों का कभी पता ही नहीं चलता। यही कारण है कि आग लगने पर कुंआ खोदने वाली कहावत को हर बार चरितार्थ किया जाता है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

रोमांस के मामले में चंचल होती हैं इस राशि की लड़कियां, जानिए दूसरी राशियों के बारे में सब कुछ

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

असल जिंदगी में बेहद शर्मीले ये एक्टर टीवी शो में हुए न्यूड, तस्वीरें आईं सामने

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

सलमान की पहली फिल्म में काम कर चुकी इस हीरोइन ने की ऐसी गलती, खानी पड़ी थी जेल की हवा

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

लगातार माउस के इस्तेमाल से कलाई में होता है दर्द? ये टिप्स देंगे राहत

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

अमृता के एलिमनी मांगने पर बोले सैफ, 'मैं कोई शाहरुख खान नहीं जो पैसे देता रहूं'

  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

Most Read

MCD उपचुनावः भाजपा का नहीं खुला खाता, आप को मिली जीत

mcd bypoll on 2 seats: know results here as aap won a seat
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

यूपी कैबिनेट बैठक: विधायकों को मिलने वाली सुविधाओं में बदलाव, दिव्यांगों को तोहफा

important decisions of yogi cabinet meeting
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

अल्पसंख्यकों का कोटा खत्म करने की बातें आधारहीन: यूपी सरकार

 UP govt to end minority quota
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

ED का शिकंजा, मीसा भारती का CA गिरफ्तार

ED arrested Misa Bharti's chartered accountant Rajesh Agarwal in money trail scam
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

11 सुरक्षाकर्म‌ियों से घ‌िरे रहेंगे श‌िवपाल, योगी सरकार ने दी जेड श्रेणी सुरक्षा

 shivpal and suresh khanna gets z security
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

जानिए, बहरोड़ का नेमीचंद कैसे बन गया चंद्रास्वामी

Chandraswami has connections from Rajasthan
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top