आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

एक गुट लालायित तो दूसरा अड़ा जिद पर

Kushinagar

Updated Thu, 02 Aug 2012 12:00 PM IST
कसया। मैत्रेय परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों में आखिरकार फूट पड़ ही गई। जिलाधिकारी से वार्ता के बाद जहां किसानों का एक गुट अपनी जमीन देने के लिए लालायित नजर आ रहा है तो वहीं दूसरा गुट अब भी अपनी जिद पर अड़ा है। जमीन देने या न देने के मुद्दे को लेकर प्रभावित किसानों के बीच आपस में ही तल्खी बढ़ने लगी है।
उल्लेखनीय है मैत्रेय परियोजना की स्थापना के लिए शासन ने करीब आठ सौ एकड़ जमीन अधिग्रहित करने की अधिसूचना जारी की थी। इस अधिग्रहण से सिसवां, डुमरी, अनिरुद्धवां, विशुनपुर विंदवलिया, बेलवा पलकधारी सिंह और सबया गांव के किसान प्रभावित हो रहे थे। किसानों ने भूमि बचाओ संघर्ष समिति का गठन करके इस अधिग्रहण के विरोध में आंदोलन शुरू किया। आंदोलनकारियों का तीखा तेवर देख प्रशासन बैकफुट पर चला गया। 16 जून 2007 को किसानों ने भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सिसवा महंथ चौराहे पर क्रमिक धरना शुरू कर दिया। बुधवार को इस धरने का 1875वां दिन था। धरनास्थल पर मेधा पाटेकर, अरुंधती राय, संदीप पांडेय, भाकियू नेता राकेश सिंह टिकैत, बाबा हरदेव जैसे लोग आ चुके हैं। कई बार किसान जिलाधिकारी कार्यालय तक यहां से पदयात्रा कर चुके हैं। पिछले साल अलीगढ़ में कांग्रेस की ओर से आयोजित किसानों की महापंचायत में भी यहां के किसान गए थे। इतना लंबा आंदोलन देख पिछली सरकार ने 523 एकड़ जमीन को अधिग्रहण से मुक्त करने की घोषणा कर दी थी। अब मामला केवल 273 एकड़ का चल रहा है।
लंबे समय से विवादित इस मामले को यूं तो कुशीनगर आने वाला हर जिलाधिकारी और कसया आने वाला हर एसडीएम जरूर टच करता है लेकिन किसी को कामयाबी नहीं मिली। जिलाधिकारी रिग्जियान सैंफिल ने भी इस मामले को सुलझाने का प्रयास शुरू किया। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को तहसील सभागार में किसानों की एक बैठक भी हुई। इस बैठक के बाद ही जमीन देने और न देने को लेकर किसान दो गुटों में बंटने लगे। बुधवार को इस मामले में तल्खी तब और बढ़ी जब एसडीएम की अध्यक्षता में चल रही मीटिंग के दौरान जमीन देने के हिमायती कुछ किसानों ने भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोवर्द्धन प्रसाद गौंड़ को मीटिंग से बाहर निकालने की मांग कर डाली।
एक भी इंच जमीन न देने का संकल्प
कसया। मैत्रेय परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रही भूमि बचाओ संघर्ष समिति ने अपना आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। बुधवार को तहसील परिसर में ही समिति के सदस्यों ने बैठक करके आर-पार का निर्णय लिया। समिति के सदस्यों ने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन वे अपनी एक इंच भी जमीन इसके लिए नहीं देंगे।
उल्लेखनीय है कि मैत्रेय परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का किसान विरोध कर रहे हैं। पिछले 11 साल से इस मामले को लेकर आंदोलन चल रहा है। सिसवा महंथ चौराहे पर भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोवर्द्धन प्रसाद गौंड़ के नेतृत्व में पिछले सात साल से अनवरत धरना चल रहा है। जिलाधिकारी आर सैंफिल की पहल पर बुधवार को प्रभावित किसानों की मीटिंग एसडीएम की अध्यक्षता में तहसील सभागार में चल रही थी। इस मीटिंग से बाहर निकले भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोवर्द्धन प्रसाद गौंड़ तथा समिति के अन्य सदस्यों ने अलग बैठक की और प्रशासन के इस कदम का विरोध किया। गोवर्द्धन ने कहा कि प्रशासन जब तक भूमि अधिग्रहण के लिए जारी अधिसूचना को रद नहीं करता है तब तक वे लोग कोई बात नहीं मानेंगे। समिति की बैठक में यह भी तय हुआ कि प्रभावित गांवों में अगर प्रशासन की तरफ से कोई कर्मचारी जाता है तो उसे बंधक बनाया जाएगा। समिति की इस बैठक को सूर्यकांत त्रिपाठी, उदयभान यादव, दिग्विजय नाथ, गोविंद पटेल, विद्याधर सिंह, रामअशीष आदि ने संबोधित किया।
किसानों को किया आगाह
कसया। हवाईपट्टी भूमि अधिग्रहण विरोधी मंच के अध्यक्ष राधेश्याम गौंड़ ने मैत्रेय परियोजना के लिए जमीन देने वाले किसानों को आगाह किया है। किसान नेता ने कहा है कि प्रशासन जमीन लेने के बाद वायदे से मुकर जाता है। बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में राधेश्याम गौंड़ ने कहा है कि प्रशासन ने हवाईपट्टी के लिए भी जमीन लेते वक्त किसानों से वायदों की झड़ी लगा दी थी। अब जमीन अधिग्रहीत होने के बाद वही प्रशासन किसानों की कोई बात सुनने को तैयार नहीं है। राधेश्याम ने यह भी कहा है कि बिना मुआवजा तय किए ही किसानों से सहमति प्राप्त कर लेने के बाद प्रशासन मनमाना रेट तय करेगा और तब किसानों को मजबूरी में उसे मानना पड़ेगा। किसान नेता ने प्रभावित किसानों को बिना किसी बहकावे में आए खूब सोच विचार कर निर्णय लेना होगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

group lalayit

स्पॉटलाइट

काजोल ने रानी को किया इग्नोर, क्या रिश्तों में आ गई दरार?

  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

टाटा का टॉप गियर, पिछड़ जाएंगी अन्य कंपनियां!

  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

जिंदा लोगों को यहां कर दिया जाता है दफन, धूमधाम से होता है जश्न

  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

करना चाहते हैं सरकारी नौकरी, तो HAL में करें अप्लाई

  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

एलोवेरा को इस तरह करेंगे यूज तो हफ्ते भर में गायब हो जाएंगी झुर्रियां

  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

Most Read

सीएम बनते ही याेगी ने लिया बड़ा फैसला, हांफने लगी यूपी की पुलिस

cm yogi adityanath first decision for up police
  • मंगलवार, 21 मार्च 2017
  • +

सीएम बनते ही सुपर एक्शन में योगी, युवाओं के लिए कर दिया ये बड़ा एेलान

cm yogi adityanath first action for youth
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

कुख्यात चीनू पंड‌ित को रेस्टोरेंट में नाश्ता करा रही थी पुल‌िस और तभी...

Chinu Pundit
  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

योगीराज में सूबे की चर्चित जिलाधिकारी बी. चंद्रकला प्रतिनियुक्ति पर पहुंचीं दिल्ली

Yogiraj discussed the District Magistrate B. chandrakala Delhi reached deputation
  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

डीजीपी पर आरोप लगाने वाले आईपीएस हिमांशु ‌कुमार निलंबित

 IPS himanshu kumar suspended.
  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

एक्‍शन मोड में योगी सरकार, बनारस के 15 थानों पर नए थानेदार

Yogi Sarkar in action mode, new SHO at 15 locations in varanasi
  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top