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अफसरों ने बना दिया, शिक्षकों को ठेकेदार

Kushinagar

Updated Wed, 11 Jul 2012 12:00 PM IST
कसया। बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने ही अध्यापकों को ठेकेदार बना दिया है। स्थिति यह है कि कसया ब्लाक में ही आधा दर्जन भवन प्रभारी ऐसे हैं जिन्होंने केवल एक सत्र में ही कई स्कूलों और अतिरिक्त कक्षा कक्ष का निर्माण कराया है जबकि एक सत्र में एक अध्यापक एक से अधिक भवन का प्रभारी नहीं हो सकता। हैरत तो यह है कि नियमों के खुल्लम खुल्ला उल्लंघन के बावजूद खुद खंड शिक्षाधिकारी भी इसे गलत नहीं मानते।
उल्लेखनीय है कि बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों और अतिरिक्त कक्षा कक्षों के निर्माण में भवन प्रभारी बनाए जाने के लिए कुछ नियम बना रखा है। जिसमें किसी भी स्कूल पर मेन बिल्डिंग या एसीआर(अतिरिक्त कक्षा कक्ष) वहीं के अध्यापक बनवाएंगे। अगर किसी कारणवश वह अध्यापक मना करता है तो फिर उसी ग्राम सभा और न्याय पंचायत के अध्यापकों को क्रमानुसार वरियता दी जाएगी। अगर उस न्याय पंचायत का भी कोई अध्यापक भवन बनवाने को तैयार नहीं है तो उस विद्यालय के नजदीक वाले दूसरे न्याय पंचायतों के अध्यापकों को ही भवन प्रभारी बनाया जाएगा। इतना ही नहीं एक शिक्षण सत्र में एक अध्यापक को एक ही विद्यालय पर निर्माण की जिम्मेदारी दी जा सकती है। विशेष परिस्थिति में एक ही कैंपस या एक ही ग्राम सभा में बन रहे दो भवनों का चार्ज दिया जा सकता है। परंतु कसया ब्लाक में तो यह सारे नियम बहुत पहले के टूट चुके हैं। इस विकास खंड के दर्जन भर अध्यापक तो ऐसे हैं जो पूरे साल केवल भवन ही बनवाते हैं। कमीशन के इस खेल में न तो कोई नियम मायने रखता है न ही नैतिकता।
बीएसए आफिस में नहीं है रिकार्ड
कसया। भवन निर्माण के लिए सर्वशिक्षा अभियान के तहत बीएसए दफ्तर में एक अलग से पूरा विभाग ही है जिसमें अभियंता और लेखाधिकारी से लगायत बाबू तक कार्यरत हैं। भवन निर्माण की स्वीकृति, बजट और कार्यपूर्ति की सारी रिपोर्ट इनके यहां होती है लेकिन भवन प्रभारियों की लिस्ट की जानकारी नहीं दी जाती है। ऐसी ही स्थिति खंड शिक्षाधिकारी कार्यालयों की भी है।
ध्यापकों की कमी के चलते ऐसा होता है: बीईओ
कसया। एक ही अध्यापक को नियम के विपरीत एक से अधिक स्कूलों का भवन प्रभारी बनाए जाने के सवाल पर कसया के खंड शिक्षाधिकारी अशोक कुमार सिंह का कहना था कि ऐसा अध्यापकों की कमी के चलते करना पड़ रहा है। बीते सत्र में 80 अतिरिक्त कक्षा कक्षों का निर्माण कराना था इसलिए कुछ लोगों के पास एक से अधिक जगह का चार्ज हो गया होगा। नियमों का उल्लंघन के सवाल पर बीईओ का कहना था कि यह सब पूर्व खंड शिक्षाधिकारी का किया है, हमने कुछ नहीं किया।
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