आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

पुरखों की कारीगरी बचाएगी दो करोड़ लीटर पानी

अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी

Updated Thu, 01 Dec 2016 12:29 AM IST
sho pit

other

शो-पिट की खोज आज की नहीं है बल्कि दशकों पहले पुरखे इस्तेमाल करते थे। आधुनिकता की दौड़ में लोगों ने ही इस विधा का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है। जिसका परिणाम यह है कि प्रतिदिन करोड़ों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। अब यही पुरखों की कारीगरी प्रतिदिन दो सौ करोड़ लीटर पानी बचाएगी। बबुरा में 90 फीसदी शो पिट बन गए हैं। इसका बेहतर परिणाम सामने आया है। इसको देखते हुए 302 गांवों के प्रधानों ने शो पिट बनवाना शुरू कर दिया है, वह भी बिना किसी सरकारी मदद के।
  आठ ब्लॉकों वाले कौशाम्बी के छह ब्लॉक भूगर्भ जल संकट से जूझ रहे हैं। पांच साल पहले कराए गए सर्वे के बाद कड़ा, सिराथू, मंझनपुर, मूरतगंज, नेवादा और चायल डार्क जोन घोषित कर दिया गया था। इसके चलते इन ब्लॉकों में सरकारी अनुदान पर निजी नलकूपों की बोरिंग और विद्युत कनेक्शन प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिले को डार्क जोन से उबारने के लिए शासन के निर्देश पर वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्ट, चेकडैम और अन्य संसाधनों का करोड़ों रुपया खर्च हुआ पर सफलता नहीं मिली। प्रति व्यक्ति औसतन 20 लीटर पानी खर्च करता है। जिले में 11 लाख मतदाता है। इस हिसाब से प्रतिदिन दो करोड़ 20 लाख लीटर पानी खर्च होता है, जो नाली के जरिए बाहर चला जाता है।

ये पानी संचय नहीं होता है। डीएम अखंड प्रताप सिंह ने गंभीरता से लिया। बुद्धिजीवियों से विचार-विमर्श के दौरान उन्हें तीन दशक पहले पुरखों द्वारा अपनाए जाने वाले सिस्टम की जानकारी हुई। इसमें घर में नहाने, कपड़ा धोने, बर्तन मांजने में खर्च होने वाला पानी व्यर्थ नहीं जाता था। नाली के जरिए घर से निकलकर पानी दरवाजे पर बने गड्ढे में जाता था। इसके बाद छन-छनकर फिर भूगर्भ में पहुंचता था। इस सिस्टम का पता लगते ही डीएम ने इसे आधुनिक नाम शो-पिट देते हुए बबुरा गांव से इसकी शुरूआत कराई। दो सौ परिवार वाले गांवों में 181 शो-पिट लोगों ने निजी खर्च पर बनवा डाला। इसके लागू होने से पानी रिचार्ज होना तो शुरू ही हो गया, ग्रामीणों को गंदगी, कीचड़ और मच्छरों से भी निजात मिल गई। एक गड्ढे और फायदे अनेक देख जिले के 302 गांवों के प्रधान इसे अपनाने के लिए न केवल आगे आए बल्कि अपनी-अपनी ग्राम सभाओं में काम भी शुरू करा दिया।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

sho-pit

स्पॉटलाइट

पांच ऐसे स्मार्टफोन, कीमत 5000 रुपये से कम 4जी का दम

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

'ट्यूबलाइट' का नया पोस्टर, सलमान के साथ खड़ा ये शख्स कौन?

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

आमिर, सलमान और शाहरुख को 'बाहुबली 2' से लेने चाहिए ये 5 सबक

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

ये कॉमेडियंस जल्द बनेंगे एक दूसरे के 'लाइफ पार्टनर'

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

'बाहुबली 2' नहीं देखी तो ये आठ डायलॉग्स बयां करेंगे फिल्म की पूरी कहानी

  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

अखिलेश के बर्ताव से शहीद के परिजन नाराज, सपा समर्थकों की नारेबाजी से आक्रोश

akhilesh behavior displeases family of martyr
  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार का एक और सख्त फैसला, नोट‌िस बोर्ड पर लगेगी टीचर्स की फोटो

government officers pic will be placed on   noticeboard to ensure attenence
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

अब SP की फ्रायरब्रांड प्रवक्ता ने दिया इस्तीफा

pankhuri pathak resign from samajwadi party
  • रविवार, 30 अप्रैल 2017
  • +

अंकल पेंट मत करना, पापा दरोगा हैं, इसके बाद सीओ ने क्या किया

Do not paint uncle, Papa is Daroga, what did the CO do after this
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

शहीद कैप्टन के घर पहुंचे अख‌िलेश, बोले- 'अपनी ताकत का एहसास कराए सरकार'

martyr captain's body will come today
  • शनिवार, 29 अप्रैल 2017
  • +

योगी की चेतावनी- 9 से 6 ऑफिस में ही दिखें, कभी भी बज सकता है फोन

press con of minister shrikant sharma
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top