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क्या अफसर अपने बच्चों को भर्ती कराएंगे चिल्ड्रेन में ंअस्पताल की व्यवस्था से नाराज को

Kaushambi

Updated Thu, 05 Jul 2012 12:00 PM IST
इलाहाबाद। चिल्ड्रेन अस्पताल के बदतर हालात पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और अस्पताल प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। पिछले आदेश के अनुपालन में बुधवार को इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश की अदालत में नियत थी। मुख्य न्यायाधीश ने याचिका को सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति सुनील अंबवानी की खंडपीठ में भेज दिया। न्यायमूर्ति अंबवानी की खंडपीठ ने ही ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित समाचार ‘जन्म लेते ही जिंदगी से जंग’ पर स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा और मेडिकल कालेज के प्राचार्य तथा सीएमएस को तलब किया था।
अस्पताल की खराब व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए अदालत ने कहा कि चिल्ड्रेन अस्पताल में न कोई प्रबंधन है और न ही प्रशासन। अधिकारी हर बार यह आश्वासन देते हैं कि धन और संसाधन की कोई कमी नहीं है। अधिकारियों के कमरों में एसी चल रहे हैं और बीमार बच्चों के लिए पंखा तक दुरूस्त नहीं है। वाटर कूलर में कर्मचारी ताला बंद कर लेते हैं ताकि बच्चों के तीमारदारों को ठंडा पानी न मिल सके। फार्मासिस्ट महीने में एक बार आता है। न्यायालय ने अधिकारियों से कहा कि ऐसे लोगों को अस्पताल से निकाल बाहर करें। जो काम नहीं कर रहे या लापरवाह हैं उनके खिलाफ कड़े फैसले लें। न्यायालय ने वहां मौजूद अधिकारियों से पूछा कि क्या आप अपने बच्चे को इस अस्पताल में एडमिट करना चाहेंगे। सभी मसलों में अगली सुनवाई की तारीख 17 अगस्त को जवाब दाखिल करने को कहा है। इसी मामले को लेकर अजय मिश्र द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने कहा कि अस्पताल में करोड़ों रुपये के घोटाले हुए हैं। मरीजों को सुविधाओं के नाम पर कुछ भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने दवा खरीद में हुए घोटाले से भी कोर्ट को अवगत कराया। अस्पताल में पैथालॉजी और जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। प्रमुख सचिव ने बताया कि अस्पताल में 22 बेड वाला अलग विंग जुलाई में तैयार हो जाएगा। ऑपरेशन थिएटर का कार्य भी जल्दी पूरा कर लिया जाएगा। अस्पताल को एंबुलेंस और स्वचालित जनरेटर उपलब्ध करा दिया गया है। अदालत ने प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। उनको अगली तारीख पर उपस्थित रहने से छूट दी गई है। एसआरएन अस्पताल की सीएमएस डा. श्रद्धा द्विवेदी ने ब्लड बैंक की स्थिति की जानकारी दी। बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डा.पीसी मिश्रा ने अस्पताल में पिछले दिनों हुई बच्चों की मौत के बावत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अधिकतर नवजात बच्चों की मृत्यु हुई है।
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