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मुख्यमंत्री के फैसले के विरोध की रणनीति तैयार

Kasganj

Updated Sun, 16 Dec 2012 05:30 AM IST
कासगंज/सोरों। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा गोंडा के राजापुर को गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली घोषित किया जाना किसी को रास नहीं आ रहा। हर कोई मुख्यमंत्री के निर्णय से आहत है। सोरों के राजनीतिक, गैर राजनीतिक, सामाजिक एवं साहित्यिक संगठनों में जबरदस्त आक्रोश है। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री के द्वारा बिना सभी पक्षों को सुने एक तरफा फैसला करना दुर्भाग्यपूर्ण कदम है। सोरों पक्ष के लोगों का मत है कि सोरों (शूकर क्षेत्र) ही तुलसीदास की जन्मस्थली है। इसके अकाट्य प्रमाण मौजूद हैं। ऐसे में इसका विवाद अनावश्यक है।
गंगा भक्त समिति ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा का विरोध करते हुए संघर्ष की रणनीति तैयार की है। अध्यक्ष सतीश भारद्वाज का कहना है कि यह घोषणा दुर्भाग्यपूर्ण है। तुलसी श्रम समिति के शिव बैंदेल ने कहा कि वाराह पुराण में पृष्ठ संख्या 137 के श्लोक संख्या सात से स्पष्ट है कि विश्व में सोरों के अलावा कोई दूसरा शूकर क्षेत्र है ही नहीं। भाजपा भी इस घोषणा के विरोध में है, पार्टी ने इसे वापस लेने की मांग की है। शूकर क्षेत्र एक दर्शन के संयोजक रामसरन शर्मा, संत तुलसीदास नगर विकास समिति, आर्यावर्तीय ज्योतिर्विज्ञान संस्थान, विश्वम्भरा सांस्कृतिक पीठ, अखिल भारतीय तुलसी जन्म महोत्सव समिति, सलोने समर्पित सेवा संस्थान, तुलसी विचार मंच द्वारा भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर विरोध दर्ज कराया गया।

तुलसी की पाठशाला में रोज होता है मानस का पाठ
सोरों। संत तुलसीदास एवं उनके भाई नंददास के द्वारा सोरों में गुरु नरहरिदास से शिक्षा ली गई थी। आज भी यह पाठशाला सोरों में मौजूद है। तुलसीदास के गुरु नरहरिदास की 19वीं पीढ़ी के वंशज यहां रहते हैं। योगेश चौधरी 19वीं पीढ़ी के ही वंशज हैं। उनका कहना है कि नित्यप्रति ही पाठशाला में रामचरित मानस का पाठ होता है।


सोरों में रहते हैं तुलसीदास के वंशज
सोरों। तुलसीदास के वंशज शूकर क्षेत्र सोरों में रहते हैं। भले ही तंगहाली ने इन वंशजों का पीछा नहीं छोड़ा है, मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। तुलसीदास के चचेरे भाई नंददास की पीढ़ी के वंशज अशोक कुमार शुक्ला सोरों में रहकर मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनके दो भाई बाहर रह रहे हैं। उनका कहना है कि तुलसीदास का जन्म सोरों शूकर क्षेत्र में ही हुआ है। मुख्यमंत्री की घोषणा पर उन्होंने आश्चर्य जताया।
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