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दुर्घटना के तीन कारण- नींद, नशा, तेज रफ्तार

Kasganj

Updated Fri, 02 Nov 2012 12:00 PM IST
कासगंज। जिंदगी कीमती है, इसे दुर्घटना से बचाना जरुरी है। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा बन जाती है और कई बार जान तो बच जाती है, लेकिन जीवन भर की विकलांगता दे जाती है। इसलिए जरुरी है कि सुरक्षित यातायात के लिए नियमों का पालन किया जाए। तेज रफ्तार व लापरवाही से वाहन न चलाएं। स्वयं वाहन चलाते समय दूसरे वाहन की आवाजाही को लेकर भी सतर्क रहें।
एसपी महेश कुमार मिश्रा शहर ने अंबेडकर पार्क में आयोजित यातायात पखवाड़े के शुभारंभ कार्यक्रम के मौके पर यह विचार व्यक्त किए। उन्हाेंने कहा कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह स्वयं यातायात के नियमों का पालन करें और दूसरों को इसके लिए जागरुक करें। खासकर अपने बच्चों को जरुर नियमों के पालन को प्रेरित करे।
अपर पुलिस अधीक्षक एसएन शर्मा ने कहा कि हमेशा वाहन चलाते समय सावधानी बरतना जरुरी है। नशा की स्थिति में वाहन नहीं चलाना चाहिए और गति पर नियंत्रण बेहद जरुरी है।
कार्यक्रम के दौरान चौधरी नुरूल हसन, डा. लायक अली खान ने एसपी व अन्य पुलिस अधिकारियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन डा. राधाकृष्ण दीक्षित ने किया। एआरटीओ आनंद निर्मल, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र वर्मा, टीएसआई रामबहादुर सिंह, केपी सिंह, बाबू सिंह यादव, मंदीप चण्डौक, डा. वीके तौमर, जितेन्द्र वार्ष्णेय, पप्पू यादव, प्रवीन जादौन, राजू यादव, पुष्पेन्द्र साहू सहित अन्य लोग मौजूद रहे। दस माह में 75 लोगों की जान गई। जनवरी से अब तक दस माह में 163 सड़क दुर्घटनाएं जनपद भर में हुई हैं, जिनमें 75 लोगों की मौत हुई है एवं 122 घायल हुए हैं। मोबाइल पर बात करते समय और नशे की स्थिति में हुई हैं कई भीषण दुर्घटनाएं
कासगंज। सड़क पर वाहन चलाते समय जहां खुद की सावधानी जरुरी है, वहीं सामने और पीछे से गुजरने वाले वाहनों से भी सतर्कता जरुरी है। वाहन चलाते समय लापरवाही एवं मोबाइल पर बात करने के चलते कई हादसे हो चुके हैं। पिछले दिनों मोबाइल पर बात करते समय एक कार खड्ड में जा गिरी, जिसमें तीन जानें चली गईं।
दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक 163 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। इन दुर्घटनाओं में ज्यादातर मामलों में लापरवाही प्रमुख कारण है। लापरवाही व तेज गति से वाहन चलाना ही दुर्घटनाअेां का प्रमुख कारण है। वहीं दुपहिया वाहन चालकों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत का प्रमुख कारण हैलमेट का न पहनना रहा है। हैलमेट न पहनने वाले ज्यादातर लोग गंभीर इंज्युरी के शिकार हुए और उनकी जान चली गईं। कछला के नजदीक धौलाकुंआ पर मोबाइल पर बात करते समय मोड़ आने पर कार खड्ड में जा गिरी और दो कारोबारियों की मौत हुई थी। वहीं पिछले माह नदरई में नशे व तेज गति के चलते एक दुर्घटना में आठ जानें गईं।
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