आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

रास्ता बंद, जांच शुरू

Kanpur

Updated Sat, 06 Oct 2012 12:00 PM IST
कानपुर। रेलवे जंक्शन कानपुर के प्लेटफार्म नंबर एक पर स्थित डिप्टी एसपी जीआरपी के ऑफिस के समीप सपानेत्री नीलम रोमिला सिंह के कारें पार्क करने के मामले में जीआरपी ने जांच शुरू कर दी है। जीआरपी प्रभारी एके निगम ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि जांच एसआई को सौंपी है। शनिवार को रिपोर्ट आने पर कार्रवाई करेंगे। जीआरपी थाने के पीछे स्थित उस गेट को भी शुक्रवार को बंद करवा दिया गया, जिस रास्ते से सपा नेत्री कारें लेकर गुरुवार को जीआरपी ऑफिस के नजदीक प्लेटफार्म नंबर एक तक पहुंच गईं थीं। उप मुख्य यातायात प्रबंधक अखलाक अहमद ने आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त से कहा है कि प्लेटफार्म पर हर हाल में वाहन लाना प्रतिबंधित करें। उन्होंने जीआरपी को हिदायत दी है कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति हुई तो उनको दोषी मानकर कार्रवाई की जाएगी। वहीं डिप्टी एसपी जीआरपी एसएन तिवारी ने बताया कि सत्ता का कोई दबाव नहीं है। कानून सबके लिए बराबर है। शुक्रवार को वे क्राइम मीटिंग में इलाहाबाद आए हैं। शनिवार को इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट लेकर कार्रवाई कराएंगे। उधर, सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने सपानेत्री के इस आचरण की भर्त्सना की है। शुक्रवार को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से पूछा कि क्या सत्ता पक्ष का नेता होने का मतलब कानून तोड़ना और बेअदबी है तो सभी ने एक स्वर में कहा कि जब कोई खुद को पार्टी से बड़ा समझने लगता है तो ऐसी ही हरकतें करता है। नेताओं ने कहा कि कानून तोड़ने का अधिकार किसी को नहीं है। सत्तादल के नेताओं को तो विशेष रूप से इसका ध्यान रखना चाहिए क्योंकि उनकी जवाबदेही सबसे ज्यादा है। सत्ता के मद में चूर होकर गलत काम करने वाले को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। फिलहाल सपा ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए उन्हें नोटिस देकर स्पष्टीकरण लेने की बात कही है। प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने इस बाबत जो भी कहा, ज्यों का त्यों पेश है-
पार्टी से निकाला जाना चाहिए
बसपा शासन में जब कोई कार्यकर्ता भी गलती करता था तो पार्टी सुप्रीमो मायावती उसे बाहर का रास्ता दिखाती थीं। पर सपा शासन में सब कुछ चलता है। कानून का उल्लंघन करने वाली नीलम रोमिला सिंह को सपा प्रमुख पार्टी से बाहर कर दें तो भविष्य में कोई कार्यकर्ता ऐसी गलती नहीं दोहराएगा।
राम रतन कुरील
जिलाध्यक्ष-बसपा

सजा मिलनी चाहिए
लोकतंत्र में कानून सभी के लिए बराबर है। जब आम आदमी को मामूली गलती पर पुलिस जेल भेज देती है तो सपा नेता ने तो यात्रियों की सुरक्षा के साथ ही रेलवे एक्ट का खुला उल्लंघन कर कानून तोड़ा है। उन्हें भी सजा मिलनी चाहिए, वरना पब्लिक यही समझेगी कि सपा शासन में भेदभाव होता है।
सुरेंद्र मैथानी
जिला संयोजक-भाजपा

कठोर कार्रवाई हो
कानून तोड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई हो ताकि आम जनता के बीच संदेश जाए कि सत्ता की धमक में गलती करने पर भी सजा मिलती है। जब ऐसी कार्रवाई होगी तो कोई दूसरा व्यक्ति गलती करने की जुर्रत नहीं करेगा।
सुभाषिनी अली
पूर्व सांसद-माकपा

सीएम कार्रवाई करें
सत्ता में आते ही सपा कार्यकर्ता बेलगाम हो जाते हैं। सपा शासन का इतिहास रहा है कि जब-जब सत्ता में आई है, तब-तब कानून की धज्जियां उड़ी हैं। मुख्यमंत्री को चाहिए कि वह ऐसे लोगों पर सीधे कार्रवाईं करें तो मिसाल बनेगी, साथ ही पार्टी की छवि भी सुधरेगी।
ओमेंद्र भारत
जन राज्य पार्टी अध्यक्ष


पुलिस डरे नहीं, हिम्मत दिखाए
गैरकानूनी काम करने वालों पर कार्रवाई करने में पुलिस को सत्ता पक्ष का डर नहीं होना चाहिए। जब आम आदमी गलती करता है तो पुलिस उसका घर खोद डालती है। अब सपा नेता ने कानून का उल्लंघन किया है तो पुलिस हिम्मत दिखाकर कार्रवाई करे। तभी कानून तोड़ने वाले डरेंगे।
महेश दीक्षित, जिलाध्यक्ष कांग्रेस


कार्रवाई ऐसी हो कि पार्टी कार्यकर्ता सबक लें
प्लेटफार्म पर गाड़ी ले जाने वाली सपा नेत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए साथ ही पार्टी की छवि बचाने के लिए सपा प्रमुख को कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं को ताकीद करना चाहिए कि वे ऐसा आचरण करें, जिससे आम जनता सबक ले। कड़ी से कड़ी कार्रवाई करके जीआरपी भी मिसाल कायम करे।
प्रदीप यादव (जद यू)




नीलम को नोटिस, नेतृत्व को रिपोर्ट देंगे: चंद्रेश
कानपुर। सपा ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। जिलाध्यक्ष चंद्रेश सिंह ने माना कि नीलम रोमिला सिंह ने कानून का उल्लंघन किया है। इस कारण उन्हें नोटिस देकर स्पष्टीकरण लिया ही जाएगा। साथ ही इस घटनाक्रम की रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को भी देंगे। सत्ता में होने से किसी को कानून तोड़ने का अधिकार नहीं मिल जाता। कानून सबके लिए बराबर है। जनता के बीच पार्टी की छवि खराब न हो, इस कारण उन्हें नसीहत भी देंगे कि भविष्य में ऐसी गलती न करें वर्ना संगठन को अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी पड़ेगी।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

फिल्म 'अवतार' के 4 सीक्वल आएंगे, रिलीज डेट आई सामने

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

बंदर के पोज में क्यों बैठे हैं 'गुंडे', ट्विटर पर डाली फोटो

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

यूरिन इंफेक्शन से दूर रखेंगे ये सुपर फूड्स, ट्राई करके देखें

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

महिला बॉडीगार्ड ज्यादा रखने की कहीं ये वजह तो नहीं?

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

जानें कैसे 400 ग्राम दूध बचा सकता है आपको आने वाली दुर्घटनाओं से

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

यूपी डीजीपी का पद छोड़ते वक्त ये ट्वीट कर गए जावीद अहमद, आपने पढ़ा?

javeed ahmed tweets before leaving the post of UP dgp
  • शनिवार, 22 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार ने की आजम खां की सुरक्षा में कटौती

 UP govt reviews security of leaders.
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

3 हजार ईंट लेकर पहुंचे मुस्लिम, बोले- बनाओ राममंदिर

muslims reach ayodhya with 3000 bricks for ram temple construction
  • शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार का गरीबों को एक और तोहफा, अब मई से दोगुना मिलेगा...

The Yogi Government's gift to the poor, now it will double in May ...
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

दिल्ली से लौटते ही बदल गए कांग्रेस नेताओं के सुर, पढ़िए किसने क्या कहा

himachal congress leaders and ministers statements
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

मोदी-राजे ने नहीं दी लाल बत्ती, क्यों उतारूं, अड़ा ये MLA

MLA said, I do not remove lal batti
  • शनिवार, 22 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top