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हर दुकान में ताला, जबरदस्त बंद कर डाला

Kanpur

Updated Fri, 21 Sep 2012 12:00 PM IST
कानपुर। एफडीआई, डीजल मूल्यवृद्धि और सिलेंडर की सब्सिडी घटाने के विरोध में बुधवार को शहर में जबर्दस्त बंदी देखने को मिली। शहर के ज्यादातर थोक और फुटकर बाजारें बंद रहीं। सुबह सब्जी और फल मंडियां भी बंद रहीं। आम लोग भी घरों से बाहर कम निकले। गुरुवार सुबह शहर सन्नाटे की एक तस्वीर सा रहा। बैग टांगे स्कूली बच्चे दिखे या फिर अस्पताल जाते मरीज। नौकरीपेशा लोग भी दफ्तरों के लिए जाते नजर आए। ‘अमर उजाला’ ने शहर के अलग-अलग पांच कोनों से बंद का नजारा देखा, उसे हू-ब-हू पाठकों सामने पेश कर रहे हैं।
स्थान: नौघड़ा कपड़ा बाजार
समय: दोपहर 2:25 बजे
संवाददाता: अमित अवस्थी
मैं दीपशिखा साड़ी सेंटर के बाहर हूं। बाजार में सन्नाटा है। इक्का-दुक्का लोग बाजार में पैदल आ-जा रहे हैं। पूरी बाजार में कपडे़ की कोई 2 हजार दुकानें है। इससे सटा कलक्टरगंज का गल्ला बाजार, नयागंज का सर्राफा बाजार, शक्कर पट्टी, किराना बाजार, वनस्पति एंड ऑयल मार्केट, पेंट बाजार, आयरन एंड हार्डवेयर, मशीनरी मार्केट, बिसाती बाजार और आसपास छोटी-मोटे कई फुटकर बाजार हैं। कहीं भी एक भी दुकान नहीं खुली है। नयागंज रोड पर बच्चे क्रिकेट खेल रहे हैं। पूजा साड़ी सेंटर नौघड़ा के कर्मचारी रामदीन ने बताया कि ऐसी बंदी उन्होंने अरसे बाद देखी है। कर्मचारी राजेश ने भी उनकी हां में हां मिलाते हुए इस पर सहमति दे दी।

स्थान-नवीन मार्केट चौराहा
समय-शाम 3: 44 मिनट
संवाददाता- रजा शास्त्री
मैं शिक्षक पार्क के पास हूं। यहां तीन तरफ बनी दुकानें बंद हैं। शिक्षक पार्क के अंदर महिला कॉंस्टेबिल किसी से बतिया रही है। तभी सोमदत्त प्लाजा की तरफ जा रहे युवक ने नारा बुलंद किया-‘अभी तो यह अंगड़ाई है, पीछे सीबीआई है।’ सपा नगर-ग्रामीण दफ्तर के नीचे खड़े सपा कार्यकारिणी सदस्य चंद्रभान सिंह परिहार और मोहित मिश्र मुस्करा दिए। सामने नवीन मार्केट की मेन सड़क पर सारी दुकानें बंद हैं। चाट के ठेले सजे हैं। यहां सपरिवार चाट खा रहे टेनरी कारीगर विनोद वर्मा का बेटा अनूप सामने गुब्बारे देखकर मचल उठा। ‘एक टिकिया और खा लो, गुब्बारा बहुत महंगा है’ विनोद ने बेटे को डपटा। मुर्गा मार्केट की तरफ दुकानें बंद हैं। रफूगरों की दो दुकानें 10 मिनट पहले खुली हैं। सपा नेता मुंसिफ अली रिजवी एक से बड़े गर्व से कह रहे हैं कि ‘गजब बंद रहा आज’।

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स्थान: किदवईनगर
समय: शाम 4 बजे
संवाददाता: नीरज दीक्षित
मैं किदवईनगर स्थित केके मार्केट की फुटपाथ पर खड़ा हूं। यहां मिठाई और खाने-पीने की दुकानें छोड़कर सभी दुकानें बंद हैं। फल और चाट के ठेले सजना शुरू हो गए हैं। आगे के कुछ दुकानदार भी आधे मन से शटर के ताले खोलने में लगे हैं। कुछ के शटर आधे खुल थे। हर कोई बंदी की चर्चा कर रहा हैं। कारोबारी प्रभूशंकर साथियों से बोले कि बंदी तो ठीक रही, लेकिन सरकार को इससे कोई फर्क नही पड़ेगा। साथी ने जवाब दिया कि भाई धंधा करना तो दूभर होता जा रहा है। कासगंज स्वीट हाउस के मालिक बोले भइया खुली दुकान की तस्वीर काहे खींच रहे हो, पीछे देखो दुकानें अभी भी बंद है कुछ उनकी फोटो ले लो...।
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स्थान: फेथफुलगंज बाजार
शाम: 4:10 बजे
संवाददाता: राममहेश मिश्र
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मैं लवली ब्यूटी पार्लर के पास बाजार के तिराहे पर खड़ा हूं। यहां आसपास कोई तीन सौ छोटी-बड़ी दुकानें हैं। इनमें से आधी दुकानें खुली हैं। इक्का-दुक्का ग्राहक दिख रहे हैं। सुबह सब्जी मंडी भी बंद थी पर अब खुल गई। कुछ दुकानदार काउंटर पर बैठे चाय की चुस्की ले रहे हैं। अब सब्जी मंडी में भी चहल-पहल हो गई है। चाट वाले सुरेश का तर्क था कि ये बंदी जरूर रंग लाएगी। तभी दूसरे दुकानदार राकेश ने उसकी बात काटते हुए कहा कि कई बार बंदी हुई पर फायदा नेताओं को हुआ, पब्लिक को तो भुगतना ही है। सुबह के समय बाजार की सभी दुकानों पर ताला लटका था। सब्जी मंडी में भी सन्नाटा था। पर दोपहर 2 बजे के बाद सब्जी और फलों के ठेले सजने शुरू हो गए थे।
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स्थान- गुमटी नंबर 5 बाजार
समय- शाम 4:48 बजे
मैं गुरु गोविन्द सिंह चौक चौराहे पर हूं। बाजार के सभी शोरूम और दुकानें बंद हैं। बंबा रोड सब्जी मंडी खुली है जो सुबह बंद थी। फल की इक्का-दुकानें खुली हैं। फुटपाथ पर कुछ दुकानें सज गई हैं। चौक चौराहे के पास स्थित चाऊमिन कार्नर भी शाम को खुल गया। यहां भीड़ है। गुमटी क्रासिंग से लेकर संतनगर चौराहे तक जबरदस्त भीड़ है। आम दिनों में जाम रहने वाली इस सड़क पर वाहन आराम से गुजर रहे थे। गुमटी नम्बर पांच चौक चौराहा से संतनगर चौराहा तक 250 दुकानें हैं। एटूजेड कलेक्शन के कर्मचारी राजेन्द्र ने बताया कि सुबह बंदी का ये आलम था कि सब्जीमंडी, फलमंडी तक नहीं खुली थी। मार्केट में लगने वाली कई चाय की दुकानें बंद थी।
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