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बस्ते के विवाद में कचहरी में गोली चली

Kanpur

Updated Sat, 11 Aug 2012 12:00 PM IST
कानपुर। शुक्रवार को कचहरी में बस्ते पर कब्जे के विवाद में दो गुट आमने-सामने आ गए। एक गुट की तरफ से हवाई फायरिंग कर दी गई इससे बवाल बढ़ गया। दूसरे गुट के वकीलों ने फायरिंग करने वाले की रायफल छीन ली। बाद में वरिष्ठ वकीलों ने बीच में पड़कर मामला शांत कराते हुए रायफल वापस कराई। मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। बता दें कि बस्तों के विवाद में ही करीब दो माह पहले लायर्स उपाध्यक्ष प्रशांत वाजपेयी को गोली मारकर घायल कर दिया गया था।
बार एसोसिएशन ने रजिस्ट्री दफ्तर की तरफ गेट के पास 18 बस्ते बनवाए हैं। इन बस्तों के आवंटन को लेकर शुरू से ही विवाद है। इसकी शिकायत बार कौंसिल और हाईकोर्ट तक की गई थी। उत्तर प्रदेश बार कौंसिल ने अग्रिम आदेशों तक बस्तों के आवंटन पर रोक लगा दी है। नए बने 14 नंबर बस्ते पर पूर्व संयुक्त मंत्री प्रकाशन कृष्णानंद झा, विकास मिश्र और सुमित शुक्ला का कब्जा है। सुबह करीब 10.30 बजे अजय कुमार मिश्र अपने कुछ साथियों के साथ पहुंचे। उनका कहना था कि बार महामंत्री ने यह बस्ता उन्हे आवंटित किया है। इसके बाद ताला तोड़कर उन्होंने कब्जे का प्रयास किया। करीब 11.30 बजे कृष्णानंद झा अपने साथियों केसाथ पहुंच गए और दोनों गुट आमने-सामने आ गए। हाथापाई की नौबत आ गई। अजय मिश्र के साथ रायफल लिए व्यक्ति ने हवाई फायरिंग कर दी। इस पर कृष्णानंद झा के साथियों ने रायफल छीन ली। बाद में बार के पूर्व महामंत्री नरेश चंद्र त्रिपाठी और अन्य वरिष्ठ वकीलों ने दोनों गुटों के वकीलों के समझाते हुए रायफल वापस कराई। कृष्णानंद झा का कहना है कि 1.40 लाख रुपए देने पर यह बस्ता उन्हें आवंटित किया गया है।


बार के कुछ साथियों के कारण ही बस्तों को लेकर विवाद चल रहा है। बार कौंसिल ने बस्ता आवंटन पर रोक लगा दी है। पहले आवंटित किए गए बस्तों के कागजात पर उनके हस्ताक्षर तक नहीं है। महामंत्री ने अपने स्तर से आवंटित किए हैं। साथी अधिवक्ता धैर्य रखें। किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
-रामेंद्र सिंह कटियार, अध्यक्ष बार एसोसिएशन


18 बस्तों का निर्माण कराया गया था। इनमें से 11 का आवंटन पहले ही हो चुका है। 7 बस्तों का आवंटन होना था। इससे पहले उत्तर प्रदेश बार कौंसिल का आदेश आ गया। पर पहले से आवंटित बस्तों पर अधिवक्ता अपना कब्जा ले रहे हैं और कुछ ने ले लिया है। कुछ अधिवक्ता इस मामले को अनावश्यक तूल देकर विवाद पैदा करा रहे हैं।
-पीयूष अवस्थी, महामंत्री बार एसोसिएशन
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