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‘अमर उजाला’ में हुआ फादर्स डे सेलिब्रेशन

Kanpur

Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
कानपुर। ‘लाख तूफां आए जिंदगी में हमारी, हर आंधियों से लड़ने की ताकत है मेरे पापा में...’। फादर्स डे मौके पर रविवार को ‘अमर उजाला’ कार्यालय फजलगंज में हुए ‘फादर्स डे सेलिब्रेशन’ में यह भावना हर बच्चे की जुबां पर थी। इस मौके पर हर बच्चे ने अपने पापा को अपने शब्दों में खूबसूरती से बयां किया और उनके लिए प्यार भरी पाती लिखी।
किसी ने अपने प्यारे पापा को सुपर हीरो तो किसी ने जन्नत बताया। किसी ने पापा को सेंटा क्लाज तो किसी ने सुपर किंग कहा। पर मतलब सबका एक ही था कि पापा एक ऐसी छांव हैं, जहां न तो जीवन की धूप होती है न दुनिया की डरावनी हकीकत। अमर उजाला इवेंट हॉल में हुए सेलिब्रेशन में 15 बच्चों ने बारी-बारी से अपने पापा के ऐसे ही हौसले को सलाम किया। पापा हरजीत सिंह के लिए प्यार और दुलार की सबसे सुंदर परिभाषा लिखने वाली नवोदय विद्यालय सरसौल की छात्रा पल्लवी कौर ने पहला स्थान पाया। गोविंद नगर की इंदु सिंह ने दूसरा स्थान हासिल किया। जूही लाल कालोनी की बहनों शमा, फलक और तमन्ना को तीसरा स्थान मिला। इनके पापा सऊदी अरब में रहते हैं। बच्चियां दो साल में एक बार ही पापा से मिल पाती हैं। कार्यक्रम मेंतीनों बहनों ने ‘हो मेरी जान तुम पापा, मेरे भगवान तुम पापा...’ भी गाया। वहीं, आनंदिता और माही को ‘डियर पापा यू आर माई सेंटाक्लाज एंड माई पिज्जा डिलीवरी मैन, आई एम योर प्रिंसेस एंड यू आर माई सुपर डैड’ लिखने पर स्पेशल कैटिगरी प्राइज दिया गया। उधर, बच्चों ने अपने पापा के साथ मिलकर केक काटा और गीत गाए। कार्यक्रम में ‘अमर उजाला’ परिवार की ओर से सभी प्रतिभागियों को गिफ्ट, कैप और ‘मेरे पापा’ स्लोगन लिखी टी-शर्ट दी गई।

इतनी शक्ति हमें देना दाता
कार्यक्रम में पल्लवी कौर, नीलू तिवारी, रिचा कर्नाटक, प्रांशिका मिश्रा, सलोनी, मुस्कान, इंदू सिंह, अरविंद कुमार, शमा, फलक, तमन्ना, आबरीना, रुचि गुप्ता, आनंदिता और माही ने अपने पापा के लिए ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो न...’ गीत सुनाया।

पापा ने भी गाया, बच्चे मन के सच्चे...
फादर्स डे सेलिब्रेशन में बच्चों का उत्साह देख पापा भी पीछे नहीं रहे। पल्लवी के पापा हरजीत सिंह, मुस्कान के पापा सुशील सिंह, रुचि गुप्ता के पापा जय कृष्ण गुप्ता, आबरीना के पिता मोहम्मद आबरू, सलोनी नागपाल के पापा जगमोहन लाल चावला, प्रांशिका के पिता सुनील मिश्रा और ऋचा के पापा गौरीशंकर ने ‘बच्चे मन के सच्चे, सारी दुनिया के आंख के तारे...’ गीत गाया।


माही और आनंदिता ने मोहा मन
फादर्स डे सेलिब्रेशन में नौबस्ता से आई सबसे छोटी बच्ची 5 साल की माही और छह साल की आनंदिता ने खूब धूम मचाई। दोनों ने कैटवॉक करते हुए ‘अनारकली’ गीत पर डांस किया। आनंदिता के पिता आनंद मिश्रा और दादाजी सत्य भूषण मिश्रा ने भी उनके साथ मस्ती की।

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विजेता की पाती
मेरे पापा ही मेरे जीवन की डोर हैं। उन्होंने मुझे मां की ममत्व और पिता की सुरक्षा दी है। मेरी मां मेरे जन्म के समय गुजर गई थीं। तब पापा ही थे, जिन्होंने मुझे बोतल से दूध पिलाया, लोरी सुनाते हुए उंगली पकड़ कर चलना सिखाया और अब मुझे समाज में दौड़ना सिखा रहे हैं। मुझे कभी मां की कमी नहीं लगी। क्योंकि पापा ने जितना प्यार दिया है, मां शायद उसमें कंजूसी कर देतीं। मेरे पिता का प्यार, हौसला, साहस और आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ है। मेरे पापा मेरे दोस्त हैं। मैं आज अपने पिता के हौसले के बल पर ही आगे बढ़ रही हूं। मेरे पापा हर मुश्किल में मेरे साथ हिमालय की तरह खड़े हैं...।
पल्लवी कौर जौहर, छात्रा कक्षा 8, जवाहर नवोदय विद्यालय, सरसौल

उप विजेता की पाती
हमारे जीवन की कहानी हमारे पापा से ही शुरू होती है। आज मेरे मध्यमवर्गीय परिवार में मेरे पापा और हम तीन बहनें ही हैं। मेरी उम्र दो साल की थी जब मां को कैंसर हो गया था। पापा प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। मैंने महसूस किया है कि मां की मौत के बाद पापा पर दुखों के कितने पहाड़ टूटे हैं लेकिन पापा ने हार नहीं मानी। मम्मी का सपना साकार करते हुए हमें पढ़ाया लिखाया। बड़ा किया, समाज के तौर तरीके सिखाए। मैंने देखा है कि पापा ने अपनी खुशियों की परवाह किए बगैर और कितनी कठिनाइयों के बाद हम बहनों को अच्छी परवरिश दी। मैं यह सब कभी नहीं भूल सकती।
इंदू सिंह, छात्रा बीएससी द्वितीय वर्ष, डीबीएस कालेज, गोविंद नगर


द्वितीय उपविजेता की पाती
मेरे पापा मेरे हीरो हैं
क्योंकि उन्होंने अपने आंसू छिपाये बस हमें खुश देखने के लिए, छोड़ दिया गम का रास्ता सिर्फ हमें हंसता देखने के लिए। उन्होंने मुश्किलों में भी हमें मुस्कुराना सिखाया।
दे दूं इस जहां की मैं उन्हें हर एक खुशी, मेरी हर आरजू को हकीकत बनाया मेरे पापा ने, जिस मुकाम पे आज हम हैं वो मुकाम हासिल कराया है मेरे पापा ने।
फलक नाज, शमा, तमन्ना (बहनें), जूही लाल कालोनी
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