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गांवों में स्वरोजगार लाएंगे युवा

Kanpur

Updated Mon, 18 Jun 2012 12:00 PM IST
कानपुर। आदर्श गांव की स्थापना के उद्देश्य से शहर आए आईआईटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी और विदेशी विश्वविद्यालयों के छात्रों ने रविवार को गांवों में स्वराज स्थापित करने की योजना बनाई है। उनका कहना है कि अगले 5 साल में बिधनू विकास खंड के तिस्ती, गंगादीन निवादा, पलिया गांव में काम किया जाएगा। चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार, कृषि और पेयजल की समस्या को दूर करके गांव वालों को खुशहाल बनाया जाएगा।
चेन्नई के कुथंबाकम गांव को आदर्श बनाने वाले और राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता प्राप्त रंगास्वामी ईलैंगों ने रविवार को स्टाक एक्सचेंज सभागार में ग्राम्य मंथन का उद्घाटन किया। साथ ही विकसित गांवों का मॉडल दिखाया। उन्होंने बताया कि सबसे पहले गांवों का कलस्टर बनाएं। फिर गांव वालों को जागरूक करके समस्याएं दूर करने की पहल करें। आपसी सहयोग से विकास की रणनीति बनाएं। फिर रोजगार की संभावना विकसित करें। फैक्ट्री, हाउसिंग सोसायटी, रोजगार के केन्द्र स्थापित करें। शिक्षा की अलख जगाने के लिए लाइब्रेरी स्थापित कराएं। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूलों को पढ़ाई का आदर्श केन्द्र बनाएं। इसमें गांव के युवाओं की सहभागिता जरूरी है। यह कार्यक्रम देररात तक चला। फिर आईआईटी दिल्ली, डीयू, विदेशी विश्वविद्यालय से आए युवा बिधनू विकास खंड के गांव तिस्ती, गंगादीन निवादा और पलिया के दौरे पर निकल गए। उनके साथ राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता ईलैंगों भी हैं, जो कि गांवों को आदर्श बनाने का माडल बनाएंगे। छात्रों की यह टीम 24 जून तक गांवों में रहेगी, जहां ग्रामीण, किसानों से बातचीत करकेे समस्या का समाधान खोजा जाएगा। इससे पहले डा. अवध दुबे, डा. एएस प्रसाद, डा. एसपी सिंह ने ग्राम्य मंथन फोरम और गांवों को चमकाने की पहल की सराहना की। कहा कि युवा ही देश की ताकत हैं। उन्होंने जो चाह, वह करके दिखाया है।
कार्यक्रम के आयोजक और यूथ एलायंस की प्रवक्ता अंगना दीवान और प्रखर भारतीय ने बताया कि उद्घाटन सत्र उत्साहित करने वाला रहा है। समाज के हर तबके ने गांवों को चमकाने की तारीफ की है। सोमवार की सुबह से छात्रों की टीम तीनों गांवों में डेरा डालेगी। ग्रामीण, किसानों से बातचीत करके चिकित्सा, रोजगार, शिक्षा, कृषि और पेयजल की समस्या का समाधान ढूंढेगी। देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले 37 छात्र-छात्राओं की मंशा है कि अगले पांच सालों में बिधनू विकास खंड के तीन गांवों में स्वराज की स्थापना की जाए। बिजली को छोड़कर गांव में किसी भी सरकारी वस्तु का इस्तेमाल न करें। खुद जागरूक होकर समस्या का समाधान निकालें।
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