आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

इमरजेंसी में तीमारदारों को बंद करके पीटा

Kanpur

Updated Fri, 01 Jun 2012 12:00 PM IST
कानपुर। हैलट इमरजेंसी में गुरुवार को जूनियर डाक्टरों ने फिर उपद्रव किया। मौत के बाद मरीज के हाथ में लगा वीगो जल्दी निकालने के लिए कहने पर डाक्टरों ने तीमारदारों ने गालियां दी और एतराज करने उन्हें इमरजेंसी में बंद करके पीटा। मारपीट में महिलाओं के कपड़े तक फट गए। जब तीमारदार बाहर भागे तो डाक्टरों ने लाठी-डंडे से उन्हें दौड़ाकर पीटा। इस दौरान दूसरे मरीजों के तीमारदार और राहगीर भी डाक्टरों का निशाना बन गए। बाद में वहां पहुंची स्वरूप नगर थाना पुलिस ने तीमारदारों की बचाया। मरीज के बेटे ने मेडिसन विभाग के जूनियर डाक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। एक महीने के भीतर जूनियर डाक्टरों द्वारा मारपीट की यह चौथी घटना है।
कारवालो नगर रायपुरवा निवासी श्याम प्रजापति (50) लीवर रोग से पीड़ित थे। गुरुवार दोपहर परिजन उन्हें लेकर हैलट पहुंचे और मेडिसन विभाग के प्रोफेसर डा. एसी गुप्ता के आधीन इमरजेंसी में भर्ती किया गया। करीब 2.30 पर श्याम की सांसें थम गईं। बेटे सतीश प्रजापति ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पिता के हाथ में लगा वीगो हटाने को कहा तो डाक्टर भड़क गए। डाक्टरों ने सतीश, उसकी मां शांति, चाचा सियाराम प्रजापति, मौसी कमला, मौसेरे भाई राजकुमार, मौसा छेदीलाल को इमरजेंसी में बंद करके पीटा। मारपीट में शांति और कमला के कपड़े भी फट गए। दोनों बहनें परिजनों को बचाने के लिए डाक्टरों के पैर पकड़कर गिड़गिड़ाती रहीं। किसी तरह सतीश और उसके परिवार वाले जान बचाने के लिए बाहर भागे तो डाक्टरों ने लाठी-डंडे से उन्हें दौड़ाकर अस्पताल के गेट तक पीटा। डाक्टरों ने इमरजेंसी से निकल रहे ग्वालटोली निवासी मुकेश यादव और आकाश को भी पीटा। उत्पात की सूचना पाकर स्वरूपनगर थाना प्रभारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इस कारण करीब एक घंटे तक इमरजेंसी में काम ठप रहा। सतीश ने पुलिस पर डाक्टरों को बचाने का आरोप लगाया। बकौल सतीश, काफी दबाव के बाद डाक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। उधर, थानाप्रभारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

नहीं थम रहा है पिटाई का सिलसिला
18 मई को जूनियर डाक्टरों ने वार्ड-4 के बेड संख्या-6 में भर्ती श्रीनिवास के भाई अनुज, साले अरविन्द कुमार, बहनोई शिवकुमार और महिलाओं को पीटा था। बाद में हैलट चौकी प्रभारी ने उन्हें बंधन मुक्त कराया। 19 मई जूनियर इमरजेंसी में मरीज को और 20 मई को वार्डब्वाय को पीटा गया।

वर्जन
डाक्टरों और तीमारदारों में विवाद हुआ था। इससे चिकित्सा व्यवस्था कुछ देर के लिए प्रभावित हुई पर कोई कैजुअलटी नहीं हुई।
डा.एसबी मिश्रा, ईएमओ, हैलट
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

क्या ये गाने आपको पुराने दौर में ले जाते हैं, सुनकर कीजिए तय

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

उपन्यासकार वेद प्रकाश शर्मा की ये कहानी आपके दिल को छू जाएगी

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

हर उभरती हीरोइन को कंगना से सीखनी चाहिए ये 6 बातें, सफलता चूमेगी कदम

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

WhatsApp लाया अब तक का सबसे शानदार फीचर, आपने आजमाया क्या ?

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

बेसमेंट के वास्तु दोष को ऐसे करें दूर

  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

Most Read

काशी की महिला ज्योतिषियों ने बताया यूपी चुनाव का परिणाम

femal astrologers from kashi tell about result of up electionp
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +

पांच दिन बंद रहेंगे बैंक

Banks closed five days
  • गुरुवार, 16 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

भितरघात की चिंगारी से झुलसती सपा

spark of sabotage scorched SP
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • मंगलवार, 21 फरवरी 2017
  • +

IPL-10 में धूम मचाने को तैयार यूपी के ये 10 खिलाड़ी

ten players from up select in ipl
  • सोमवार, 20 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top