आपका शहर Close

जोर लगा के हइसा, पानी में गया पइसा

Kanpur

Updated Fri, 07 Dec 2012 05:30 AM IST
हाईलाइटर -: लाख विरोध के बाद राज्य सरकार भी एफडीआई के लिए मौन सहमति दे चुकी है। इससे आम आदमी और व्यापारी का भला कम और नुकसान ज्यादा होना तय है। मगर हजारों श्रमिकों के परिवारों की रोजी-रोटी से जुड़ी लाल इमली के चलने की राह में एक मामूली कांटा दूर करने का मुद्दा सिर्फ चर्चा भर में है। फ्री-होल्ड करने के लिए सपा की पिछली सरकार ने सहमति दे दी थी, मगर आज तक इसे अमल में नहीं लाया गया।
स्टाफ रिपोर्टर
कानपुर। दो साल पहले रिवाइवल प्लान की घोषणा, 2007 से अब तक 150 करोड़ रुपए का वेतन बंट गया, 86 करोड़ रुपए केंद्र सरकार की सहायता राशि मिली, कई अरब की संपत्तियां हैं। इतना सबकुछ होने के बावजूद लाल इमली में उत्पादन ठप हो चुका है। बिक्री पर किसी का ध्यान नहीं है। अब चर्चा है कि सार्वजनिक क्षेत्रों की अन्य मिलों की तरह लाल इमली भी बंद हो जाएगी।
लाल इमली में वर्तमान में 800 श्रमिक और 200 सुपरवाइजर और अधिकारी कार्यरत हैं। इन पर सालाना वेतन के मद में 25 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। वर्ष 2006-07 से मिल के उत्पादन कार्य में भारी गिरावट शुरू हुई थी। उस वक्त होने वाला करीब 25 करोड़ का उत्पादन अब ठप हो चुका है। मिल के एक अधिकारी के मुताबिक वर्ष 2002-03 में 37 करोड़ की ग्रांट और 49 करोड़ का लोन लाल इमली को दिया गया था, ताकि यह सुचारू हो सके। मगर यह रकम भी मिल को परेशानियों से उबारने में नाकाफी साबित हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक जितना पैसा मिल में फुटकर रूप में आया, अगर एक बार में उतनी रकम खर्च कर दी जाती तो मिल में न सिर्फ जबर्दस्त उत्पादन हो रहा होता, बल्कि मिल के खर्चे और वेतन आदि के लिए भी किसी का मुंह न देखना पड़ता। रिवाइवल दो वर्ष पूर्व स्वीकृत किया जा चुका है, मगर इसमें मिल की संपत्तियों को फ्री-होल्ड कराकर बेचने की शर्त लगी है। पिछली सपा सरकार के दौरान 8 फरवरी 2005 में कैबिनेट ने वर्ष 98 के सर्किल रेट पर फ्री-होल्ड को अनुमति दे दी थी। मगर यह फैसला कभी धरातल पर आया ही नहीं। बसपा सरकार ने तो सारी छूट ही वापस ले ली। अब फिर से स्थिति वही आ गई है। मुख्य सचिव के साथ वार्ता फिर आरंभ की गई है। हालांकि दो बैठकें विभिन्न वजहों से हो ही नहीं पाई हैं।

बयान

मंत्रालय के निर्देशों के हिसाब से कार्यवाही की जाती है। फ्री-होल्ड के मामले पर मुख्य सचिव से बैठक होनी है, उसमें कुछ हल निकलने की उम्मीद है।
हीरक उपाध्याय, सीएमडी (बीआईसी)

लाल इमली को चलाने की राजनीतिक इच्छाशक्ति है ही नहीं। इसे चलाने का दावा एक लॉलीपाप बनकर रह गया है, जिसे वोट बटोरने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
राजू ठाकुर, महामंत्री सूती मिल मजदूर संघ
Comments

Browse By Tags

water haisa paisa

स्पॉटलाइट

Big Boss 11: अखाड़े में अर्शी ने किया कुछ ऐसा जिसे देख हिना ने उठाया ये खतरनाक कदम!

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

26 अक्टूबर को शनि बदलेंगे अपनी चाल, 3 राशि से हटेंगी शनि की तिरछी नजर

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने सात वचन निभाने की खाई कसमें

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

डेटिंग पर जाने से पहले हर लड़की करती है ये 4 काम, जानकर यकीन नहीं होगा

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

इस तेल से नहीं टूटेंगे बाल, एक बार लगाकर तो देखें जनाब

  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

भाजपा के बाद अब कांग्रेस में भी उठे बगावत के सुर, पांच सीटों पर विरोध

himachal assembly election 2017 rebels pose threat to Congress contesting as an independent
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

क्लीनिक के अंदर छप रहे थे जाली नोट, एक चूक से हुआ खुलासा

Fake currency gang caught by police
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

शहीद पुलिस कर्मियों को सीएम योगी की श्रद्धांजलि, 20 से बढ़ाकर 40 लाख की सहायता राशि

cm yogi attended police smriti diwas programme
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

यूपी सरकार ने किए 18 पीसीएस और 16 एसडीएम के तबादले

Up government transferred pcs and sdm
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

हिमाचल प्रदेश: मिनटों में गिरा करोड़ों का पुल, हवा में 'लटके' ट्रक और कार

Six injured after a bridge collapsed in Chamba of Himachal Pradesh
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +

हिमाचल प्रदेश: खाई में गिरी बस, 2 लोगों की मौत, 10 घायल

bus fell into a gorge in Nankhari of Himachal Pradesh
  • शनिवार, 21 अक्टूबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!