आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

‘सिर दे के अपना हाथ बचाया हुसैन ने’

Kanpur

Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
कानपुर। नवीं मोहर्रम की रात पूरे शहर में ताजिया के जुलूस उठे। इमाम बारगाहों में मजलिसें हुईं। कुली बाजार बड़ा बूचड़खाना से अलम का जुलूस उठा। इसी तरह कुरसवां पटकापुर से अंजुमन मोईनुल मोमनीन के बैनर तले अलम का जुलूस उठाया गया। जुलूसों में लोग मर्सिया और नोहाख्वानी करते रहे॥ ‘जो कह दिया करके दिखाया हुसैन ने, वादा किया था जो वो निभाया हुसैन ने। सुनते हैं सिर बचाने को उठते हैं सबके हाथ, सिर दे के अपना हाथ बचाया हुसैन ने।’ शिया जामा मसजिद में अंजुमन मोहम्मदी मोइनुल अजा के बैनर तले मजलिस-ए-अजा हुई। ताजियों को आज बड़ी करबला नवाबगंज और छोटी करबला ग्वालटोली में दफन किया जाएगा।
शनिवार की शाम ताजियों को इमाम बाड़ों पर रख दिया। लोगों ने मन्नती ताजिये इमाम चौकों पर रखे। रात को शहर के विभिन्न क्षेत्रों से छोटे-बड़े ताजियों के जुलूस निकले। जुलूसों में मातम, मर्सिया और नोहाख्वानी होती रही। इस दौरान लोगों ने लंगर वितरित किया। इमाम बाड़ों में शब्बेदारियां हुईं। मजलिसों में करबला की जंग का बयान किया गया। हुसैनी वक्ताओं ने बताया कि किस तरह जालिम यजीद की फौजों ने इमाम आली मकाम के प्यासे-भूखे साथियों पर तीर चलाए। इसे सुनकर श्रद्धालु दहाड़ें मारकर रोने लगे। मजलिसों में मुंसिफ अली रिजवी, मिजा खादिम हुसैन, मिर्जा जफर अब्बास, डॉ जुल्फिकार अली रिजवी आदि रहे।
------------------
पैकियों ने निशान का तवाफ किया
कानपुर। निशान को लेकर लश्कर-ए-पैक, कासिद-ए-हुसैन का जुलूस शनिवार शाम कीलवाले हाते से निकला। पैकियों का जुलूस दादा मियां का चौराहा, बेकनगंज, मीरपुर आदि क्षेत्रों से होता हुआ। देर रात नवीन मार्केट चौराहा पहुंचा। यहां निशान को बीच में रखकर पैकियों ने तवाफ किया। इसके बाद ‘या अली’, ‘या हुसैन’ के नारे बुलंद करता, हाथों में नंगी तलवार लिए, नंगे पैर पैकियों का लश्कर बड़ा करबला नवाबगंज की तरफ रवाना हो गया। निशान को ले जाने को लेकर लोगों में कई जगह विवाद की स्थिति पैदा हो गई। पैकियों का जुलूस बड़ी करबला पहुंचने के बाद खलीफा शकील अहमद ‘नियामत’ लेने गए। रविवार सुबह खलीफा पैकियों की कमर खोल कर उन्हें ‘नियामत’ वितरित करेंगे। खलीफा ने बताया कि ‘नियामत’ दूध के रंग का द्रव्य होता है, जिसे श्रद्धालुओं को दिया जाता है।
-------------------
दहकते अंगारों पर मातम किया
कानपुर। नवीं मोहर्रम की आधी रात छोटी करबला ग्वालटोली में 15 फुट लंबे गड्ढे में अंगारे भरे थे। अंजुमन मोहम्मदी के बैनर तले हुसैनी नारे बुलंद करता हुआ जुलूस पहुंचा। पहुंचते ही एक दर्जन लोग या हुसैन, या अब्बास के नारे बुलंद करते नंगे पैर अंगारों पर चलने लगे। आग का मातम पौन घंटे तक चलता रहा। अंगारों से भरे गड्ढे को बड़ी संख्या में लोग घेरे हुए थे। इस दौरान तीन-चार लोग बेहोश होकर गिर पड़े, जिन्हें बाहर ले जाकर होश में लाया गया। आग के मातम के बाद जुलूस ग्वालटोली मछली तिराहा होता हुआ नवाब कंपाउंड जाकर समाप्त हो गया। सकेरा इस्टेट में लोगों ने अंजुमन बज्म-ए-हुसैन के बैनर तले आग का मातम किया।
------------------
दसवीं मोहर्रम को तब
.10 अक्टूबर सन 680 था
.सुबह से दोनों पक्षों में युद्ध शुरू हो गया
.यजीदी फौजियों ने युद्ध नीति का उल्लंघन किया
.खेमों पर मनाही के बावजूद तीर चलाए
.छोटे बच्चों, यतीमों, गुलामों को नियम विरुद्ध शहीद किया
.शहीदों के शवों को घोड़ों की टापों से रौंदा
.खेमों में बीमारों से मारपीट की
.दोपहर के बाद इमाम साहब की शहादत हो गई
.इस जंग में मोहियाल ब्राह्मण सिद्धदत्त अपने पांच बेटों के साथ शहीद हुए
-----------
-----------
ये हैं करबला के शहीद
-इमाम हुसैन, अली अकबर, अब्दुल्लाह (अली असगर), अब्दुल्लाह इब्ने अली, अब्बास इब्ने अली, उसमान इब्ने अली, मोहम्मद इब्ने अली, अबीबक्र, अब्दुल्लाह इब्ने हसन, कासिम इब्ने हसन, औन इब्ने अब्दुल्लाह, मोहम्मद इब्ने अब्दुल्लाह, जफर इब्ने अकील, अब्दुल्लाह इब्ने मुसलिम, अबू अब्दुल्लाह इब्ने मुसलिम, मोहम्मद इब्ने अबू सईद, सुलेमान, कारिब, मुंजे, मुसलिम इब्ने आसौजा, सईद इब्ने अब्दुल्लाह, बिश्त इब्ने अम्र, यजीद इब्ने हसीन, इमरान इब्ने काब, नईम इब्ने असलान, जुहैर इब्ने कैन, अम्र इब्ने कुजी, हबीब, हुर्र इब्ने यजीद, अब्दुल्लाह इब्न उजैर, नाफे, अनस, कैस इब्ने मुसाहर, अब्दुल्लाह इब्ने उरवा, अब्दुल्लाह रहमान, शकील, जौन, हुज्जाज, इब्ने जैद, काशिफ, कुर्श, किनाना, दरगम, जोबैन, जैद इब्ने सुबैत, उबैदुल्लाह, अमीर कानब, सालिम, सैफ, जुहैर, जैद इब्ने मीकल, हुज्जाज इब्ने मशरूफ, मसूद, मसूद इब्ने हुज्जाज का बेटा (नाम पता नहीं), मजमा, अम्मार, हैयन, जुंदाद, उमर इब्ने खालिद, सईद, यजीद इब्ने जियाद, जहीर, जवाला, बनी का दास सालिम, असलम इब्ने खतीर, जुहैर इब्ने सुलैम, कासिम इब्ने हबीब, उमर इब्ने अदू, अबू तमामा, हंजला आदि
-----------
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

Film Review: कॉफी विद डी: रोचक विषय की भोंथरी धार

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

क्या फ‌िर से चमकेगा युवराज का बल्ला और क‌िस्मत, जान‌िए क्या होने वाला है आगे

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

BHIM एप के 1.1 करोड़ डाउनलोड, जानिए क्यों बाकी पेमेंट एप से बेहतर

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

कार का अच्छा माइलेज चाहिए तो पढ़ लें ये टिप्स

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

FlashBack : इस हीरोइन ने इंडस्ट्री छोड़ दी पर मां-बहन के रोल नहीं किए, ताउम्र रहीं अकेली

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

Most Read

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

सपा ने गठबंधन में नहीं दी जगह, अब रालोद ने घोषित किए प्रत्याशियों के नाम

RLD declares its candidates for UP election.
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top