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नहीं थे आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम

Kanpur

Updated Mon, 29 Oct 2012 12:00 PM IST
कानपुर। जेके जूट मिल में शनिवार रात लगी आग रविवार सुबह 9 बजे तक आग सुलगती रही। आग कैसे लगी, कितना नुकसान हुआ, यह जांच पूरी होने पर ही सामने आ सकेगा लेकिन मुख्य अग्निशमन अधिकारी की मानें तो मिल में आग बुझाने के पर्याप्त साधन नहीं थे। जो थे वे जर्जर थे। मिल कर्मचारी भी आग बुझाने के लिए प्रशिक्षित नहीं थे। मिल प्रबंधन से एनओसी के कागजात मांगने के साथ ही नोटिस देने की तैयारी की गई है। मिल प्रबंधन से आग बुझाने में लगे फायर ब्रिगेड कर्मचारी, संसाधन के अनुरूप मेहनताना की वसूली की जाएगी। मिल के वीविंग सेक्शन में लगी आग रातभर सुलगती रही। रात 2 बजे तक 70 से ज्यादा दमकलकर्मी आग से जूझते रहे। 2 दमकलें और कई दमकलकर्मी सुबह तक आग बुझाने में लगे रहे।
फजलगंज फायर स्टेशन प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मिल में बने बोरे और रा मैटेरियल बेतरतीब रखा था। बोरों की डंपिग गोदाम में नहीं की गई थी बल्कि बोरों के रोल मशीनों के ऊपर रखे थे। लपटें शांत होने के बाद बोरों के रोल को उलटाने-पलटाने के लिए पर्याप्त मजदूर नहीं थे। आग बुझाने का कोई भी सिस्टम अपग्रेड या पूर्णत: ठीक नहीं था। हाईड्रेंट सिस्टम पूरी क्षमता से नहीं चला। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एसके कुशवाहा ने बताया कि आग बुझाने में 15 दमकल, 70 से ज्यादा कर्मचारी और करीब 2 लाख लीटर पानी लगा। फौरी जांच में मिल में कई स्तर की लापरवाही उजागर हुई है। दीवार और छत का काफी हिस्सा गिरने से राहत कार्य में दिक्कत आई। मिल के लोगों से सुलग रहे बोरे हटाने के लिए लेबर देने को कहा गया लेकिन हाथ खड़े कर दिए गए। मिल में यदि सही उपकरण और मजदूर आग के लिए प्रशिक्षित होते तो इतना भीषण हादसा न होता। मिल प्रबंधन को नोटिस दी जा रही है कि वे उपकरण सही कराएं, मजदूरों को प्रशिक्षित करने का अभियान चलाएं। मिल प्रबंधन से आग बुझाने में लगे कर्मचारी, संसाधन के अनुरूप मेहनताना की वसूली की जाएगी। आग लगने के कारण और नुकसान की विस्तृत जांच की जा रही है।


इनसेट:

40 फीसदी स्थानों पर नहीं है अग्निरोधी संसाधन
कानपुर। शहर की करीब 40 फीसदी बहुमंजिला इमारतों और कारखानें ऐसे हैं, जहां आग बुझाने के संसाधन नहीं हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एसके कुशवाहा ने कहा कि सभी फायर स्टेशन प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अभियान चलाकर बहुमंजिला इमारतों और कारखानों का निरीक्षण करें। जहां मानक के अनुरूप आग्निरोधी उपकरण नहीं है, उनकेमालिकों को नोटिस जारी देकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शहर में करीब 300 बहुमंजिला इमारतें हैं। इनमें लगभग 100 ऐसी हैं, जो 5 मंजिल से ज्यादा ऊंची हैं। तकरीबन 5000 छोटे-बड़े कारखानें हैं। उन्होंने कहा कि आग बुझाने के यंत्रों का महीने में एक बार रिहर्सल करना चाहिए, ताकि वे क्रियाशील रहें।
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