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मजदूरों को अपने खेत में काम करने पर मिलेगी मजदूरी

Kannauj

Updated Sat, 11 Aug 2012 12:00 PM IST
कन्नौज। मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि का विविधीकरण करने व मजदूरों को सौ दिन का रोजगार दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने इस योजना को अमली जामा पहनाया है। मजदूरों को अपने ही खेत में काम करने पर भी मजदूरी मिलेगी।
ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थित के सुदृढ़ीकरण के लिए कृषि के साथ-साथ उद्यानीकरण को बढ़ावा देना आवश्यक है। परियोजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के स्वामित्व वाली निजी भूमि पर उद्यान विकसित करने हेतु प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर इसका क्रियान्वयन होगा। इस योजना में अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के परिवार, गरीबी रेखा से नीचे के परिवार, भूमि सुधार व इंदिरा आवास के लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। लाभार्थी चयन प्रक्रिया में उद्यानिकी प्रजाति का पौधरोपण करने के इच्छुक हैं, उनसे रोजगार की मांग का आवेदन मांगा जाएगा। इसमें लाभार्थी द्वारा पौधरोपण के प्रस्तावित स्थल का विवरण/पौधरोपण हेतु प्रस्तावित प्रजातियां, स्वयं के पास उपलब्ध सिंचाई सुविधा आदि का विवरण अंकित किया जाएगा। लाभार्थी अपना आवेदन जिला कार्यक्रम समन्वयक को दे सकते हैं। ग्राम पंचायत द्वारा लाभार्थीवार प्रस्तावों का विवरण ग्राम सभा में प्रस्तुत किया जाएगा। ग्राम सभा में ऐसे लाभार्थी जिनके पास प्रस्तावित उद्यान की सिंर्चाई हेतु पर्याप्त व्यवस्था है, को प्राथमिकता दी जाएगी। लाभार्थी परिवार जिनकी भूमि एक साथ जुड़ी हो अर्थात साथ-साथ लगी हुई हो, उनकी शामिल निजी भूमि पर प्रस्तावित उद्यान विकास का कार्य एक बड़े भू-भाग पर एक साथ लिया जा सकता है।
केंद्र सरकार की ओर से जारी निर्देशों के तहत धनराशि का स्थानांतरण कार्यक्रम समन्वयक द्वारा ग्राम पंचायतों को किया जाएगा। ग्राम पंचायतें योजनाओं के सापेक्ष लाभार्थी के खेतों पर कार्य कराएंगी। लाभार्थी परिवार के सदस्यों द्वारा स्वयं भी मजदूरी की जा सकती है। योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले सभी मजदूरों को मजदूरी का भुगतान बैंक अथवा पोस्ट आफिस में खुले खाते के माध्यम से किया जाएगा। उद्यानीकरण परियोजना हेतु अच्छी किस्म की पौध उपलब्धता का दायित्व उद्यान विभाग का होगा। पौधों को लाभार्थी अपनी पसंद की नर्सरी से क्रय कर सकेगा। पौधों के लागत की अनुमानित धनराशि का चेक लाभार्थी को एडवांस उपलब्ध कराया जाएगा।
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