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एक ही सवाल- किस अधिकार से की समीक्षा?

Jhansi

Updated Wed, 19 Dec 2012 05:30 AM IST

झांसी। न तो वह प्रदेश सरकार में किसी जिम्मेदार पद पर हैं और न ही समाजवादी पार्टी में हैं। फिर किस अधिकार से उन्होंने अफसरों को तलब कर विकास कार्यक्रमों की समीक्षा की। न केवल समीक्षा बैठक की, बल्कि रिपोर्ट तलब की और लापरवाही करने पर दंडित करने की बात भी कही। यह ऐसा सवाल था जो मंगलवार को प्रशासनिक हलके से लेकर राजनीतिक गलियारों में दिन भर चलता रहा। हालांकि सवाल का जवाब तो स्वयं पूर्व मुख्यमंत्री एन डी तिवारी ने भी नहीं दिया, लेकिन जिस तरह से उन्होंने अफसरों की क्लास लगाई, उससे यही संदेश गया कि प्रदेश सरकार के लिए वह काफी अहम हैं।
मंगलवार की सुबह सर्किट हाउस में पूर्व मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त, पुलिस उपमहानिरीक्षक, जिलाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अफसरों को तलब कर विकास कार्यक्रमों व कानून व्यवस्था की समीक्षा की। कानून व्यवस्था की समीक्षा में एक बिंदु यह भी था कि प्रदेश में बसपा सरकार की तुलना में वर्तमान सपा सरकार के कार्यकाल में अपराधों की क्या स्थिति है। बैठक में जिस हनक के साथ उन्होंने सवाल किए, अफसरों को उसकी कतई उम्मीद नहीं थी। बीच- बीच में अफसरों को डांट भी लगाई। प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों की कतार में और भी नाम शुमार हैं, लेकिन इतना रुतबा किसी का नहीं है कि उनके तलब करते ही अफसर सारे काम छोड़कर मीटिंग में पहुंच जाएं। इतना ही नहीं, एन डी तिवारी ने विकास कार्यक्रमों का मौके पर स्थलीय निरीक्षण करने की भी बात कही।
पूर्व सीएम द्वारा समीक्षा करने की खबर फैलते ही सवाल खड़ा हो गया कि आखिर उन्होंने किस अधिकार से अफसरों की क्लास लगाई। सूत्रों की मानें तो सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह और प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह ने उन्हें प्रदेश सरकार के अब तक के कार्यकाल का आकलन करने का जिम्मा सौंपा है। इस बात को पिछले दिनों लखनऊ में सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ हुई मुलाकात से भी बल मिलता है। इसी सिलसिले में वह विभिन्न जिलों में जाकर समीक्षाएं कर रहे हैं। इससे पहले कानपुर, फिर जालौन से होते हुए वह झांसी आए। जब मीडिया कर्मियों ने यह सवाल नारायण दत्त तिवारी से पूछा तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि उनके मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में किए गए विकास कार्यक्रम थम गए हैं, उन्हें पुन: शुरू करने का सिलसिला आगे बढ़ाया जाएगा।
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