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रनिंग स्टाफ को मनमाने तरीके से दी तैनाती

Jhansi

Updated Sat, 15 Dec 2012 05:30 AM IST

झांसी। रेलवे परिचालन विभाग रनिंग स्टाफ (चालक व सह चालक) से मनमाने तरीके से काम ले रहा है। नार्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ के प्रतिनिधि मंडल ने इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक को जानकारी देते हुए रनिंग स्टाफ में व्याप्त इस विसंगति की जांच की मांग की है।
डीआरएम को सौंपे ज्ञापन में अवगत कराया गया कि पदोन्नति आदेश जारी करने के लिए सर्वप्रथम लोको पायलट मेल/ एक्सप्रेस, लोको पायलट (पैसेंजर) और फिर लोको पायलट गुड्स की रिक्तियों को भरा जाना चाहिए था। इन पदों के भरने से आफिशियेटिंग भत्ते की भारी भरकम राशि का भुगतान नियंत्रित हो सकता था। रेल संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में लोको पायलट भी उपलब्ध हो सकते थे। आरोप लगाया गया कि लोको पायलट गुड्स तथा पैसेंजर के पद पर पदोन्नति जारी करते समय न तो ट्रैक्शन का ध्यान रखा गया और ही ट्रैक्शन के अनुसार कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिलाया गया। उदाहरण के तौर पर विगत तीस जुलाई 2012 को लोको पायलट (गुड्स) से लोको पायलट (पैसेंजर) के पद पर पदोन्नति करने हेतु 136 कर्मचारियों का पैनल बनाया गया था। 17 अगस्त 2012 को उक्त पैनल से बाइस कर्मचारियों की पदोन्नति के आदेश जारी करके उनके नाम के समक्ष दर्शाए गए स्टेशनों पर पदस्थापना कर दी गई। इस आदेश में बाइस कर्मचारियों में से मात्र आठ कर्मचारी डीजल इंजन संचालन हेतु प्रशिक्षित थे। इस आदेश पर केवल दो कर्मचारियों ने अनुपालन किया, शेष कर्मी पूर्ववत कार्य करते रहे। तत्पश्चात 19 सितंबर को पुन: संशोधित आदेश जारी करते हुए उक्त सूची 40 कर्मचारियों की कर दी गई। इनमें कुछ ऐसे कर्मचारियों के भी नाम शामिल कर दिए गए, जो पहले पदोन्नत होकर कार्य मुक्त हो चुके थे। इसके अलावा इस सूची के अठारह कर्मचारी डीजल इंजन संचालन हेतु प्रशिक्षित थे, फिर भी चालीस कर्मचारियों को कार्य मुक्त कर दिया गया। चूंकि बाइस कर्मचारी मात्र विद्युत इंजन संचालन हेतु प्रशिक्षित थे, उनसे रेल प्रशासन कार्य ले पाने में असमर्थ था। इसी तरह बीस कर्मचारी जो 19 सितंबर को बांदा में पदस्थ किए गए थे, आज भी झांसी में काम कर रहे हैं, जबकि उनका वेतन भुगतान बांदा से हो रहा है। ऐसी स्थिति मंडल के अन्य डिपो में भी है।
प्रतिनिधि मंडल में मंडल सचिव आर डी शर्मा, जोनल संगठक चंद्रकांत चतुर्वेदी, सहायक महामंत्री अजय मित्तल, आर के ठकुरानी शामिल थे।
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