आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

चना और मटर पर भरोसा जता रहे किसान

Jhansi

Updated Mon, 22 Oct 2012 12:00 PM IST

झांसी। किसानों को चना और मटर पर भरोसा है, तभी तो रबी के सीजन में इन्हीं फसलों की बुआई पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए कृषि विभाग ने भी कमर कस ली है।
दलहनी फसलों में चना और मटर सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। खासकर बुंदेलखंड में यह फसलें भरपूर बोई जाती हैं। इससे किसानों को फायदा भी खूब होता है। यही वजह है कि कृषि विभाग ने चना के लिए 46587 हेक्टेअर और मटर के लिए 41470 हेक्टेअर क्षेत्रफल में बुआई का लक्ष्य रखा है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो मटर व चना उचित जल निकासी वाली दोमट, बलुई दोमट, मार व पड़वा मिट्टी में काफी उपजाऊ होता है। बुंदेलखंड में मटर की आदर्श आईपीएफ- 99-25, विकास आईपीएफडी-9913, इंद्र केपीएमआर, जेपी 885 और प्रकाश आदि प्रजातियां काफी अच्छा उत्पादन देती हैं। अधिकतम 130- 135 दिनों में तैयार होने वाली यह फसलें 20 से 32 कुंतल प्रति हेक्टेअर तक उत्पादन देती हैं। इसी तरह बुंदेलखंड में चना की राधे व जेजे 16 प्रजातियां काफी उपजाऊ हैं। यह 135 से 150 दिन में पककर तैयार हो जाती हैं। यदि देर से बुआई करना है तो पूसा-372, उदय और पंतजी-186 प्रजाति लाभदायक रहती है, जो 25 से 30 कुंतल प्रति हेक्टेअर तक उत्पादन देती हैं। जो किसान पलेवा करके बुआई करते हैं, उन्हें प्रति हेक्टेअर 40 किलोग्राम यूरिया जुते खेत में डालकर पलेवा करना चाहिए। इसके अलावा मिट्टी का शोधन करके बुआई करनी चाहिए। मटर की बुआई का समय 15 अक्तूबर से 31 अक्तूबर के बीच रहता है। अगर पलेवा करके देर से बुआई करनी है तो भी 15 नवंबर से पहले बुआई हो जानी चाहिए, अन्यथा फसल कमजोर रहेगी। लगभग यही समय चना की बुआई का है।
कृषि विभाग ने इस बार जिले में 1800 कुंतल चना का बीज और 2000 कुंतल मटर का बीज किसानों को मुहैया कराने का लक्ष्य रखा है। इसमें से विभाग के पास 659 कुंतल चना और 1767 कुंतल मटर उपलब्ध है और किसान इसे खरीद भी रहे हैं। बाकी बीज 25 अक्तूबर के आसपास आने की संभावना है।


दो पानी लगाएं
झांसी। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो चना और मटर की भरपूर पैदावार लेने के लिए पहला पानी 40 से 60 दिन के अंदर फूल आने से पहले लगाएं। दूसरा पानी फली में दाना बनते समय लगाना चाहिए। यदि जाड़े में पानी बरस गया तो समझो किसान चना और मटर की फसल पैदा कर मालामाल हो जाएगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

शरद से ब्रेकअप के बाद टूट गई थी दिव्यांका, इस एक्टर ने बदल दी जिंदगी

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

फिल्में न होने के बावजूद करोड़ों की मालकिन हैं रेखा, लाइफस्टाइल देख होगी जलन

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

इस नक्षत्र में जन्मे लोग आम और आंवले के पेड़ से रहें दूर, फायदे में रहेंगे

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

गॉडफादर न होने पर क्या होता है, कोई इस हीरोइन से पूछे! पहली फिल्म में कुछ यूं हुई थी बेबस

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

ईद पर सलमान खान से लेकर शबाना आजमी के घर बनता है ये लजीज खाना

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

Most Read

ईद पर शबाना के SMS से DM का दिल पसीजा, तोहफे में दी ईदी

Eid Mubarak Shabana sent SMS to Varanasi DM, got Idi in gift
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

मारा गया कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल, देर रात हुआ एनकाउंटर

gangster anandpal encountered by rajasthan police
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

अखिलेश ने उठाए सवाल, पूछा-ईदगाह पर क्यों नहीं आए सीएम योगी

akhilesh yadav questions why CM yogi did not visit Eidgah on Eid.
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

हरियाणा से मिला सुराग और फिर यूं चला एनकाउंटर आॅपरेशन

gangster  anandpal singh full encounter update
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर पर सवाल, ये दे रहे है दलीलें

question raised over gangster anandpal singh encounter
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर: जीता था शाही लाइफ और करता था दाउद को फॉलो

anand pal singh's lifestyle
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top