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कैसे होगा मंत्री के आदेश का पालन?

Jhansi

Updated Sun, 21 Oct 2012 12:00 PM IST

झांसी। सड़कों के गड्ढे भरकर उनकी मरम्मत करने के कार्य के लिए नगर निगम द्वारा निकाले गए टेंडर लेने के लिए ठेकेदार आगे नहीं आ रहे हैं। ऐसे में पेचवर्क का कार्य लटक सकता है। यदि ऐसा हुआ तो प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह के पिछले दिनों सड़कों के गड्ढे भरने और टूट - फूट सही करने के निर्देशों का पालन होना मुश्किल हो जाएगा।
महानगर में हजारों वाहनों का ट्रैफिक दबाव, नियमित सफाई न होने से फैलने वाली गंदगी और कई जगह पानी फैलने के कारण डामरीकृत सड़कें अपनी उम्र पूरी करने के पहले ही उखड़ने लगती हैं। ऐसी कई सड़कें हैं, जिनमें गड्ढे हो गए हैं। खंडेराव गेट की सड़क पर कई गड्ढे हैं। इलाइट - सीपरी मार्ग पर स्पीड हाउस से हाइडिल कालोनी जाने वाले मार्ग के जंक्शन पर चार इंच गहराई तक सड़क कटी पड़ी है। सिविल लाइन में विद्युत वितरण खंड महाप्रबंधक कार्यालय से सिंचाई कार्यशाला की ओर जाने वाली सड़क के किनारे करीब चार इंच ऊपर होने के कारण वाहन सवारों को दिक्कत होती है। इसके अलावा अन्य सड़कें भी उखड़ी पड़ी हैं। इसे देखते हुए नगर निगम ने वार्ड नंबर 23 सिमराहा की सड़क, वार्ड नंबर 42 सिविल लाइन में जेल चौराहा से डीएम कार्यालय, कचहरी गेट होते हुए गांधी पार्क तक की सड़क, वार्ड नंबर 31 में लहर की देवी से रेलवे क्रासिंग तक की सड़क, वार्ड नंबर दो हंसारी पावर हाउस के पास की सड़क, वार्ड नंबर 54 में जीआईसी से पानी की टंकी तक की सड़क, शहर में रानीमहल के सामने मुहल्ला कुम्हरयाना की सड़क, सैंयरगेट से ओरछा गेट तक की सड़क और गोविंद चौराहा से मिनर्वा चौराहा तक सड़क की मरम्मत कराने का निर्णय लिया था। इसके लिए गत दिवस टेंडर डाले गए, लेकिन सिर्फ दो कामों के लिए ही ठेकेदार आगे आए हैं। अफसरों को लगता है कि अगर सिर्फ दो काम के वर्क आर्डर जारी कर दिए गए तो बाकी काम लटक सकते हैं। ऐसे में अन्य सड़कों के लिए ठेकेदारों से बातचीत की जा रही है। फिलहाल, मामला अटका हुआ है।


मलाई छानेंगे, छाछ नहीं
झांसी। नगर निगम के ज्यादातर ठेकेदार मरम्मत के कार्य से बचते हैं। यही वजह है कि पूर्व में भी विभिन्न वार्डों में मरम्मत के कार्य नहीं हो सके थे। जानकारों की मानें तो मरम्मत में ठेकेदारों को कोई मुनाफा नहीं होता है। इसलिए उनके बीच आपस में ट्यूनिंग बनी हुई है कि सिर्फ निर्माण संबंधी कार्यों में हाथ डालेंगे, मरम्मत में नहीं।
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