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बारह अस्पतालों में चलेगी जननी शिशु सुरक्षा योजना

Jhansi

Updated Wed, 03 Oct 2012 12:00 PM IST

झांसी। एक साल से ठप जननी शिशु सुरक्षा योजना से संकट के बादल छंट गए हैं। जनपद के बारह अस्पतालों में यह योजना चलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके शुभारंभ की तैयारियां पूरी कर ली हैं। डीएम का आदेश मिलते ही योजना शुरू हो जाएगी।
शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने जनपद में प्रतिमाह 100 से ज्यादा डिलीवरी वाले अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों को इस योजना के लिए चुना है। जिला महिला अस्पताल, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज, बबीना, बड़ागांव, गुरसरांय, बामौर, मऊरानीपुर, बंगरा, मोंठ, चिरगांव के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, न्यू पीएचसी समथर व न्यू पीएचसी बघेरा में जेएसएसके को शुरू किया जाना है।
स्वास्थ्य विभाग ने योजना को संचालित करने के लिए वाहन व भोजन की टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। अब कार्यक्रम को औपचारिक रूप से शुरू करने के लिए जिलाधिकारी से स्वीकृति मांगी गई है। वहां से हरी झंडी मिलते ही इसी माह किसी भी दिन कार्यक्रम का श्रीगणेश हो जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनोद यादव का कहना है कि जेएसएसके के संचालन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

क्या है जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम ?
झांसी। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत चिह्नित अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं को सात दिनों तक मुफ्त भोजन व नाश्ता की सुविधा रहती है। साथ ही दवाइयां व सभी प्रकार की जांचें भी मुफ्त में प्रदान की जाती हैं। प्रसव के बाद महिला को अस्पताल से उसके घर तक छोड़ने की जिम्मेदारी एंबुलेंस की होती है, जोकि जेएसएसके के तहत संचालित की जाती है।


क्यों एक साल लटकी रही योजना?
झांसी। शासन ने सन 2011 में इस योजना की शुरुआत की थी। इसी क्रम में झांसी में भी योजना के शुभारंभ की तैयारियां पूरी की गई थीं, लेकिन उद्घाटन समारोह में जिलाधिकारी ने वाहनों की खराब हालत व लॉग बुक्स की अधूरी व्यवस्था देख योजना का उद्घाटन करने से ही मना कर दिया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने वाहनों का टेंडर निरस्त करते हुए जांच के लिए कमेटी बनाई थी। हालांकि, बाद में जांच कमेटी ने मामले को रफा दफा कर दिया। एक साल में तीन से ज्यादा बार टेंडर जारी होने के बाद भी कोई वाहन संचालक योजना को चलाने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसी कारण यह योजना एक साल तक ठप रही।
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