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पुरातत्व कर्मी व पीआरडी जवानों में भिड़ंत

Jhansi

Updated Sun, 30 Sep 2012 12:00 PM IST
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई किले में अवैध कमाई के बंटवारे को लेकर शनिवार दोपहर पुरातत्व कर्मियों और पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) जवानों के बीच गुत्थमगुत्था हो गई। जमकर लात-घूंसे और लाठी-डंडे चले, जिससे दो लोगों को चोटें आईं। इस दौरान पर्यटकों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस दोनों पक्षों के लोगों को लेकर थाने आई। देर सायं दबाव के चलते दोनों पक्षों ने समझौता करते हुए अपनी गलती स्वीकार कर ली।
किले के अंदर पुरातत्व कर्मियों और पीआरडी जवानों के बीच बहुत दिनों से विवाद चल रहा है। आए दिन मारपीट और गाली-गलौज होना आम बात हो गई है। ऐसा नहीं कि दोनों के बीच चल रहे विवाद की जानकारी अधिकारियों को नहीं है। न सिर्फ दोनों विभाग के अधिकारी बल्कि जिलाधिकारी तक इसके बारे में जानते हैं। यही वजह है कि तीन सितंबर को जिलाधिकारी गौरव दयाल ने झांसी विकास प्राधिकरण के सचिव को पत्र लिखकर दोनों विभाग के कर्मियों से वार्ता करके तालमेल बैठाने को भी कहा था, प्राधिकरण सचिव कोई प्रयास करते इससे पूर्व ही शनिवार को मारपीट की घटना हो गई।
चुटैल पीआरडी जवानों ने थाने पर बताया कि मारपीट करने वाले पुरातत्व विभाग के कर्मचारी किला में ड्यूटी करने का विरोध करते हैं। आरोप लगाया कि पुरातत्व कर्मी अवैध रूप से किला में प्रवेश करने वाले युवाओं से वसूली करते हैं, जिसका वे विरोध करते हैं, जो पुरातत्व कर्मियों को नागवार गुजरता है। उन्होंने बताया कि बीते शुक्रवार को भी इन्हीं पुरातत्व कर्मियों से विवाद हुआ था। इसकी जानकारी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। शनिवार को भी दोनों कर्मचारी अवैध वसूली कर रहे थे। जब उन्होंने विरोध किया तो मारपीट की गई। आरोप है कि पुरातत्व कर्मियों ने उन्हें घेरकर डंडों से पीटा जिससे उनके हाथ में चोट आई। वहीं, पुरातत्व कर्मियों का कहना है कि पीआरडी जवान किला के अंदर घुसकर अवैध रूप से कमाई करने के लिए पर्यटकों को परेशान करते हैं। जब वे विरोध करते हैं तो रौब गालिब करते हैं।
देर शाम विभागीय बड़ों के दबाव के चलते दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया। पीआरडी जवानों की ओर से सुपरवाइजर करन सिंह व हरिओम और पुरातत्व विभाग की ओर से मृदुल प्रसाद, सुनील कुमार और देवेंद्र कुमार ने लिखित में समझौता कर लिया। समझौते में दोनों पक्षों ने लिखकर दिया है कि ड्यूटी के दौरान दोनों के बीच किसी कारण के चलते विवाद हो गया। बात थाने तक आ गई। हम अपनी गलती स्वीकार करते हैं, ऐसी गलती आगे नहीं होगी।
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