आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

बुंदेलखंड की ‘संस्कृति’ से अंजान है ‘मंत्रालय’

Jhansi

Updated Tue, 25 Sep 2012 12:00 PM IST
झांसी। बुंदेलखंड की विशाल सांस्कृतिक धरोहर में शुमार मऊरानीपुर का ऐतिहासिक जल विहार मेला किसी परिचय का मोहताज नहीं है। मंदिरों की नगरी मऊरानीपुर की नगर पालिका इस बार पर्व का 144 वां महा आयोजन करने जा रही है। लेकिन अफसोस, इस ऐतिहासिक आयोजन के बारे में उत्तर प्रदेश सरकार का संस्कृति मंत्रालय बेखबर है।
मऊरानीपुर ही नहीं पूरे बुंदेलखंड में जल विहार का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। विक्रम संवत कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जल विहार का आयोजन होता है। वैदिक भाषा में इस पर्व को जल झूलनी एकादशी और बुंदेली भाषा में इसे डोल ग्यारस कहा जाता है, इस आयोजन को बुंदेलखंड के झांसी जिले के मऊरानीपुर नगर से शुरू किया गया था जो अब पूरे बुंदेलखंड में धूमधाम से मनाया जाता है। इसमें मंदिरों में बैठे भगवान अपने भक्तों को दर्शन देने नगर भ्रमण करते हैं। नदी, तालाब में भगवान का अभिषेक किया जाता है। अभिषेक के बाद सामूहिक रूप में सभी मंदिरों के भगवानों की महाआरती की जाती है। मऊरानीपुर में यह आयोजन एकादशी से शुरू होकर चतुर्दशी तक चलता है। इस आयोजन की अनुपम छटा देखते ही बनती है। इस महा आयोजन को 144 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है, लेकिन प्रदेश के संस्कृति मंत्रालय को इस आयोजन की कोई खबर नहीं है। संस्कृति मंत्रालय के अधिकारी यह कहने में गुरेज नहीं करते हैं कि इस आयोजन को सांस्कृतिक विरासत बनाने की पहल क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने नहीं की है। बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष हरीमोहन विश्वकर्मा बताते हैं कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने संस्कृति और विरासत को बचाने की दिशा में कोई पहल नहीं की, इसीलिए यहां की संस्कृति को वह सम्मान नहीं मिल पाया, जिसकी वह हकदार है।
मऊरानीपुर क्षेत्र के मूल निवासी डा. ओमप्रकाश शास्त्री, प्राचार्य, नेहरू महाविद्यालय, ललितपुर ने बताया कि बुंदेलखंड का ऐतिहासिक जल विहार, वैदिक उत्सव है। सनातन धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है। वेदों में भी भगवान के जल विहार का वर्णन आता है।


संस्कृति मंत्रालय से यह होंगे लाभ
संस्कृति मंत्रालय यदि इस आयोजन को सांस्कृतिक आयोजन का रूप दे देती है, तो इसे आयोजित करने में नगर पालिका के समक्ष धन की कमी नहीं आयेगी। सरकार के सांस्कृतिक बजट से इसका आयोजन किया जाएगा। साथ ही इस आयोजन को भव्यता भी मिल सकेगी और नगर पालिका को इसके आयोजन के लिए मेला ग्राउंड भी मिल जाएगा।

जन प्रतिनिधि भेजें प्रस्ताव
मऊरानीपुर का यह महोत्सव संस्कृति विभाग की सूची में नहीं है। जल विहार मेला डेढ़ सौ साल से आयोजित हो रहा है और फिर भी संस्कृति विभाग को इसकी जानकारी नहीं है, ये खेद का विषय है। क्षेत्रीय प्रतिनिधियों को चाहिये कि इस आयोजन के बारे में संस्कृति मंत्रालय को प्रस्ताव भेजें।
- मनोज सिंह
सचिव, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

bundelkhands culture

स्पॉटलाइट

इस तरह से रहना पसंद करते हैं नए नवेले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

बारिश में कपल्स को रोमांस करते देख क्या सोचती हैं ‘सिंगल लड़कियां’

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

शाहरुख को सुपरस्टार बना खुद गुमनाम हो गया था ये एक्टर, 12 साल बाद सलमान की फिल्म से की वापसी

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

बिग बॉस ने इस 'जल्लाद' को बनाया था स्टार, पॉपुलर होने के बावजूद कर रहा ये काम

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

इस मानसून फ्लोरल रंग में रंगी नजर आईं प्रियंका चोपड़ा

  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

Most Read

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

यूपी: पेपर लीक गैंग ने लगाई दरोगा भर्ती में सेंध, पूरी परीक्षा रद्द

up police recruitment entire process cancel
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

J&K: आर्मी के जवानों ने थाने में घुसकर पुलिस को पीटा, अब्दुल्ला बोले- कार्रवाई हो

soldier beat policemen in jammu six injured
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

बुरे वक्त से निपटने के लिए लालू ने बनाया प्लान B, माया-मांझी का लेंगे सहारा!

RJD leader Lalu Prasad prepares plans alternate pact with Mayawati and Manjhi
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +

अलगाववादियों को भारत सरकार से भी मिल चुके हैं पैसे: फारूक अब्दुल्ला

GOI too gave funds to separatists says farook abdullah
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

5 साल की बेटी को नहला रही थी मां, दोनों को मिली खौफनाक मौत

5 year old and mother died after electrocuting
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!