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छात्र संगठनों से टिकट पाने की होड़

Jhansi

Updated Wed, 19 Sep 2012 12:00 PM IST
झांसी। छात्रसंघ चुनाव की तिथि अभी घोषित नहीं की गई हैं, परंतु इसकी सरगर्मी दिखाई देने लगी है। खासतौर पर बुंदेलखंड महाविद्यालय चुनावी रंग में रंग गया है। संभावित प्रत्याशी टिकट को लेकर छात्र संगठनों के दरवाजे खटखटाने लगे हैं। सबसे ज्यादा मारामारी सपा छात्रसभा के टिकट को लेकर है। एबीवीपी में भी दावेदारों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है।
छात्रसंघ चुनाव पर लगी रोक हटने के बाद से छात्र राजनीति एक बार फिर से कुलाचें भरने लगी है। खासतौर पर बुंदेलखंड महाविद्यालय में चुनावी रंगत पूरे शबाब पर है। चुनाव की तिथि अभी तय नहीं है, परंतु संभावित प्रत्याशियों ने हवा का रुख अपनी ओर मोड़ने के लिए प्रचार तेजी के साथ शुरू कर दिया है। टिकट हासिल करने के लिए दावेदार छात्र संगठनों के भी दरवाजे खटखटा रहे हैं। टिकट को लेकर सबसे ज्यादा मारामारी सपा छात्रसभा में है।
छात्रसभा के जिलाध्यक्ष जगमोहन सेमरी के अनुसार अब तक अध्यक्ष पद के टिकट के लिए आधा दर्जन आवेदन आ चुके हैं। जबकि, महामंत्री व उपाध्यक्ष पद पर पांच - पांच आवेदन आए हैं। इसके लिए पुस्तकालय मंत्री पद के लिए अब तक तीन आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
वहीं एबीवीपी में भी दावेदारों की कमी नहीं है। परिषद के प्रदेश सहमंत्री ओमबिहारी भार्गव के अनुसार अध्यक्ष पद पर तीन, महामंत्री व उपाध्यक्ष पद पर दो - दो तथा पुस्तकालय मंत्री पद के टिकट के लिए अब तक तीन दावेदार आगे आए हैं।

छात्रसभा व एबीवीपी में चला शह मात का खेल
झांसी। बुंदेलखंड महाविद्यालय में होने वाले छात्रसंघ चुनाव में पिछले एक दशक में मुख्य मुकाबला समाजवादी छात्रसभा व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बीच रहा है। 1997 में यहां अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के वीर सिंह गुर्जर ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद 98 में निर्दलीय नरेंद्र झा बाजी मार ले गए थे। 99 में सपा छात्रसभा के यशेंद्र सिंह राजपूत जीते थे। इसके बाद सन 2000 में एनएसयूआई समर्थित जितेंद्र सिंह गुर्जर ने जीत का परचम फहराया था। 2001 में सपा छात्रसभा के जवाहर सिंह भूरे जीते थे। जबकि, 2002 में हाईकोर्ट की रोक के चलते चुनाव नहीं हुए थे। इसके बाद 2003 में एक बार फिर से छात्रसभा ने बाजी मारी थी। 2004 में यह सीट एबीवीपी के मौकम सिंह गुर्जर ने हथिया ली थी। 2005 में मानसिंह यादव ने जीत दर्ज करते हुए छात्रसभा का परचम फहराया था। इसके बाद 2006 में हुए चुनाव में एबीवीपी के अमित साहू बाजी मारने में कामयाब हुए थे।
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