आपका शहर Close

बीमार हैं ग्रामीण क्षेत्रों के सब हेल्थ सेंटर

Jhansi

Updated Wed, 29 Aug 2012 12:00 PM IST
झांसी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित सब हेल्थ सेंटर बदहाल हैं। अधिकतर सेंटर गांवों से दूर खेतों में बने हैं, जहां मरीज तो क्या एएनएम भी रात में जाने से डरती हैं। अलबत्ता कुछ सेंटर गांव वालों के लिए भूसा भरने, उपले पाथने और जानवर बांधने के काम में उपयोग किए जा रहे हैं। सैकड़ा भर केंद्रों पर एएनएम न होने के कारण भगवान भरोसे चल रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले भर में ग्रामीण स्तर पर महिलाओं के संस्थागत प्रसव, बच्चों का टीकाकरण, गांव वालों के छोटे - मोटे प्राथमिक उपचार, मलेरिया की जांच एवं लोगों का स्वास्थ्य संबंधी रिकार्ड सुरक्षित रखने के लिए स्थापित किए गए उप स्वास्थ्य केंद्र (सब हेल्थ सेंटर) स्वयं बीमार चल रहे हैं। यहां आठ ब्लाकों में 326 सब हेल्थ सेंटर बनाए गए हैं, जिन पर एएनएम की तैनाती का प्रावधान है। एएनएम को सेंटर पर ही रात में रुकने के लिए एक कमरा व शौचालय भी बनाया जाता है, लेकिन बिजली, पानी की व्यवस्था न होने एवं आबादी से दूर होने के कारण अधिकांश केंद्रों पर एएनएम रात में नहीं रुकती हैं। हालात से देखते हुए अधिकारी भी एएनएम पर दबाव नहीं बनाते हैं।
हमारे चिरगांव संवाददाता के अनुसार चिरगांव ब्लॉक में बने 38 उप स्वास्थ्य केंद्र में से 26 में एएनएम तैनात हैं, जबकि 12 केंद्रों पर ताला लटका रहता है। बेतवा नदी के किनारे स्थित ग्राम ध्वानी के सब सेंटर में खिड़की व दरवाजे नहीं लगे हैं। कमरों में गोबर, उपले एवं सूखी घास रखी रहती है। चहारदीवारी के अंदर जानवर बंधे रहते हैं। ग्राम बिठरी, चेलरा, सारौल, बारेई, रामनगर, बरौल, रमपुरा, चंदवारी, खिल्लाबारी, उजयान, पिपरा व इटौरा सब केंद्रों पर एएनएम तैनात नहीं हैं। इस कारण यह केंद्र वर्षों से बंद पड़े हैं।
हमारे गरौठा संवाददाता के अनुसार गुरसरांय एवं बामौर ब्लॉक में 86 सब सेंटर हैं। बामौर ब्लॉक के 42 में से मात्र 23 सेंटरों पर एएनएम तैनात हैं, जबकि गुरसरांय ब्लॉक में 44 सेंटर में 29 सब सेंटर एएनएमविहीन हैं। गुरसरांय ब्लॉक के ग्राम बंगरा, बिरौना, एवनी, पुछी, सोनकपुरा, गुढ़ा, मोतीकटरा के सेंटर वर्षों से खाली पडे़ हैं। क्षेत्र की महिलाओं एवं बच्चों को टीकाकरण के लिये गरौठा या गुरसरांय जाना पड़ता है। बामौर ब्लॉक के ग्राम गरौठा खास अड़जरा, कैरोखर, अतरसुवा, गढ़बई, करगुवां, धनौरा, समशेरपुरा, खडै़नी, सेमरी, अस्ता, खलार, झबरा, कचीर, जखौरा, देवरी, अहरौरा व खरका आदि सेंटर एएनएम न होने के कारण बंद पड़े हैं।
हमारे मोंठ संवाददाता के अनुसार ब्लॉक में 45 सबसेंटर हैं, जिनमें 30 पर एएनएम तैनात हैं। बाकी केंद्र खाली चल रहे हैं। 13 केंद्र ऐसे हैं, जहां तक पहुंचने का कोई संपर्क मार्ग नहीं है। इसमें से अधिकतर दस्यु प्रभावित क्षेत्रों में स्थित हैं। कर्मचारी केंद्रों पर जाने या रात में रुकने से डरते हैं। ग्राम छेवटा, अंटा, बुढ़ेरा घाट ऊँटा, साजौनी, मड़ोरा कंला, कांडौर, बमरौली, देवरी व रेवरा केंद्र दस्यु प्रभावित क्षेत्र में हैं। इन केंद्रों तक पहुंचने का सुगम रास्ता नहीं है। ग्राम परेछा, रिपरिया घाट, म्यौरा घाट, सौजना व नंदपुरा पहुंचने के लिए भी संपर्क मार्ग नहीं हैं। ग्राम लोहागढ़ व पुलिया में नया भवन बनाया गया है, लेकिन चहारदीवारी अधूरी है और दरवाजे नहीं हैं। आबादी से दूर बने बुढ़ेरा घाट सब सेंटर की इमारत पूरी तह से जीर्णशीर्ण है। यहां गांव वाले भूसा भरते हैं तथा उपले पाथे जाते हैं।
हमारे मऊरानीपुर संवाददाता के अनुसार ब्लॉक में 42 सब हेल्थ सेंटर हैं। इसमें मात्र 22 सेंटरों पर एएनएम की तैनाती है, शेष 20 सेंटर अधिकांश समय बंद रहते हैं। बीरा सब सेंटर पर एक वर्ष से एक व्यक्ति कब्जा किये हुए है। ककवारा हेल्थ सेंटर का निर्माण एक वर्ष पूर्व हुआ, लेकिन बनने के बाद अभी तक खुला नहीं है । सेंटर के आसपास गंदगी के ढेर लगे हैं, जिनसे बदबू आती है। ग्राम धवाकर के सेंटर पर तैनात एएनएम का छह माह पूर्व स्थानांतरण हो गया था, उनकी नई एएनएम नहीं आई है।
हमारे बंगरा संवाददाता के अनुसार ब्लाक में 42 सब सेंटर हैं। 20 पर एएनएम की तैनाती है 22 सब सेंटर हमेशा खाली पड़े रहते हैं। ग्राम लुहारी, पठाकरका, रजपुरा, उल्दन, कचनेव, बिजना, मगरपुर, भिटौरा, पचवारा, सनौरा व मगरवारा केंद्र में अंदर व बाहर घास तथा जंगली पौधे उग आए हैं।
हमारे बड़ागांव संवाददाता के अनुसार ब्लॉक में 38 सब हेल्थ सेंटर हैं। इसमें से 20 सब सेंटर गांव के बाहर खेतों या जंगलों के करीब बने हैं। इस कारण यहां रात के समय न तो एएनएम रुकती हैं और न प्रसूता जाती हैं। ग्राम लेवा, जोरी बुजुर्ग, सारमऊ, भट्टागांव, लक्ष्मणपुरा, फुटेरा बरुआसागर, ताल रमन्ना, तेंदौल, हस्तिनापुर, करारी, कोट बेहटा, आरी, भवई गिर्द, विरगुवां, करगुवां मेडिकल, गढ़मऊ, दोन, बचावली सब सेंटर गांव की आबादी से काफी दूर बने हैं।
हमारे बबीना संवाददाता के अनुसार ब्लॉक में 42 सब हेल्थ सेंटर हैं। इसमें से 32 केंद्रों पर एएनएम हैं, जबकि शेष दस केंद्र खाली चल रहे हैं। ग्राम रसीना, पुरा, हीरापुर, बुड़पुरा, सरवां, मथुरापुरा, गुढ़ा व किल्चवारा बुर्जुग, बुड़पुरा व हीरापुर सब सेंटर एएनएम नहीं होने से बंद पड़े हैं। खजराहा खुर्द का स्वास्थ्य केंद्र खेत में बना है। मानपुर सब सेंटर जंगल में और गनेशपुरा केंद्र गांव की आबादी से बहुत दूर है। ग्वाल टोली हंसारी का केंद्र श्मशान घाट के पास होने से मरीज व एएनएन नहीं जाती हैं।
बदहाल केंद्रों की मुख्य वजह एएनएम की कमी है। पांच सालों में एक- एक करके एएनएम सेवानिवृत्त होती चली गईं, लेकिन शासन ने भर्ती में रुचि नहीं ली। संविदा पर एएनएम रखने का प्रावधान है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं।


उप केंद्रों पर जरूरी कार्य
- माह के अंतिम सप्ताह में विशेष टीकाकरण अभियान
- हर बुधवार व शनिवार को विशेष टीकाकरण दिवस
- बृहस्पतिवार को क्लीनिकल डे
- संस्थागत प्रसव
- ग्रामीणों का विस्तृत स्वास्थ्य रिकार्ड व रजिस्टर


तीन दशक पुराना मानक
झांसी। ग्रामीण क्षेत्रों में एक हजार की आबादी पर 7.25 लाख रुपये की लागत से सब हेल्थ सेंटर का निर्माण किया जाता है। सेंटर में दो कमरे होते हैं। एक कमरा क्लीनिक के रूप में और दूसरा एएनएम के रुकने के काम आता है। सेंटर ग्राम समाज की जमीन पर स्थापित किए जाते हैं। मानक के अनुसार सब सेंटर ऐसी जगह बनाए जाने चाहिए, जहां आबादी आसानी से पहुंच सके। लेकिन, अधिकतर सेंटर गांव की आबादी से दूर खेतों में बने हुए हैं। सब सेंटर बनाने के मानक करीब तीन दशक पुराने हैं, इस कारण निर्माण, संख्या व स्टाफ आदि वर्तमान समय के हिसाब से अप्रासंगिक हो चुके हैं।


रानीपुर न्यू पीएचसी: एक तरफ कब्रिस्तान, दूसरी ओर श्मशान घाट
झांसी। मऊरानीपुर ब्लाक स्थित रानीपुर के नये प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण अप्रैल 2003 में शुरू हुआ था। करीब पचास लाख रुपये की लागत से निर्मित इस छह बेड वाला पीएचसी ने नवंबर 2006 में काम करना शुरू कर दिया था। पीएचसी में डॉक्टर, नर्स, वार्ड ब्वाय के निवास बनाए गए हैं, लेकिन तीन सालों तक यहां कोई डॉक्टर तैनात नहीं किया गया। बाद में तैनात किए डॉक्टर भी अक्सर गायब रहते थे। गत जुलाई माह में यहां से डॉक्टर का स्थानांतरण हो गया, तब से यह चिकित्सकविहीन चल रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए यहां बंगरा पीएचसी से एक सहायक चिकित्सक तथा फार्मासिस्ट को अटैच किया गया है, लेकिन उनके दर्शन यदा - कदा ही होते हैं। पीएचसी के पीछे की ओर श्मशाम घाट और आगे कब्रिस्तान है। इस कारण क्षेत्र के लोग रात के समय पीएचसी की ओर जाने से डरते हैं।


ग्राम समाज द्वारा उपलब्ध भूमि पर ही सब सेंटर बनाया जाता है। एएनएम की कमी शासन स्तर से ही दूर की जा सकती है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर स्टाफ की कमी दूर करने की कोई व्यवस्था नहीं है। जहां से शिकायतें मिलती हैं, वहां औचक निरीक्षण कर कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाता है।
- डा. सविता दुबे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
Comments

Browse By Tags

areas health center

स्पॉटलाइट

'पद्मावती' विवाद पर दीपिका का बड़ा बयान, 'कैसे मान लें हमने गलत फिल्म बनाई है'

  • शनिवार, 18 नवंबर 2017
  • +

'पद्मावती' विवाद: मेकर्स की इस हरकत से सेंसर बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी नाराज

  • शनिवार, 18 नवंबर 2017
  • +

कॉमेडी किंग बन बॉलीवुड पर राज करता था, अब कर्ज में डूबे इस एक्टर को नहीं मिल रहा काम

  • शनिवार, 18 नवंबर 2017
  • +

हफ्ते में एक फिल्म देखने का लिया फैसला, आज हॉलीवुड में कर रहीं नाम रोशन

  • शनिवार, 18 नवंबर 2017
  • +

SSC में निकली वैकेंसी, यहां जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया

  • शनिवार, 18 नवंबर 2017
  • +

Most Read

सीएम योगी बोले- अपराधी जेल जाएंगे या फिर भेजा जाएगा यमराज के पास

The Chief Minister said, offenders will go to jail or be sent to Yamraj
  • शनिवार, 18 नवंबर 2017
  • +

वीडियो: बीजेपी मेयर ने कमिश्नर को दी औकात में रहने की धमकी, अनुशासन सिखाया तो अच्छा नहीं होगा

Satna BJP Mayor Mamta Pandey reprimands Commissioner Pratibha Pal at a public meeting
  • शनिवार, 18 नवंबर 2017
  • +

हार्दिक पटेल मामले में अखिलेश का बयान, कहा- 'किसी की प्राइवेसी को सार्वजनिक करना बहुत गलत बात'

akhilesh yadav statement about hardik patel cd case
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

ऐश्वर्या-अभिषेक बने माता-पिता और दादा बने मुख्यमंत्री रमन सिंह

baby girl born to aishwarya abhishek cm raman singh becomes grandfather
  • रविवार, 12 नवंबर 2017
  • +

पूर्व सीएम एनडी तिवारी की हालत फिर बिगड़ी, फिजियोथेरेपी के दौरान हुए बेहोश

 uttarakhand former chief minister n d tiwari condition remain serious
  • शनिवार, 18 नवंबर 2017
  • +

PoK पर फारूक के बिगड़े बोल, 70 साल में तय नहीं कर पाए अब कहते हैं ये हमारा हिस्सा है

Farooq Abdullah give reaction on POK
  • गुरुवार, 16 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!