आपका शहर Close

मलबे में दबकर मासूम बहनों की मौत

Jhansi

Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
झांसी। जब शहर के लोग नींद के आगोश में थे, तभी कोतवाली थानांतर्गत बाहर सैयर गेट स्थित नत्थू कुमार के हाता में जर्जर दो मंजिला मकान ढह गया, जिसके मलबे में दबकर दो मासूम बहनों की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन सदस्य घायल हो गए। चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने दंपति समेत तीनों लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया। तड़के जेसीबी मशीन की मदद से दोनों मासूमों के शवों को बाहर निकाल लिया गया।
सैयर गेट स्थित कलारी के पीछे नत्थू कुमार के हाता में परिवार के साथ रहने वाले शब्बीर के मकान की दूसरी मंजिल में कई जगह दरारें आ गई थीं। इसके बाद भी वह लोग मकान में रह रहे थे। शुक्रवार की रात को शब्बीर अपनी पत्नी अक्शा, पुत्र फैजल (9), पुत्री मन्नो (8) व रुसमा उर्फ तन्नो (3) के साथ सो रहा था। रात करीब दो बजे दूसरी मंजिल के कमरे की दीवार व छत तेज धमाके के साथ गिर गई। उस समय इस कमरे में कोई नहीं था। चूंकि परिजन पहले से ही मकान की जर्जर हालत को देख इसके धराशायी होने के प्रति सशंकित थे, इसलिए छत गिरने की आवाज सुनकर वह नींद से जागकर बाहर की ओर भागने के लिए उठे ही थे कि नीचे के कमरे की छत भी भरभराकर गिर पड़ी। छत व दीवार के मलबे में पूरा परिवार दब गया। चीखपुकार को सुनकर आसपास के लोग घरों से भागकर बाहर आए। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को देते हुए बचाव काम शुरू कर दिया।
जब तक पुलिस पहुंचती तब तक लोगों ने शब्बीर, उसकी पत्नी अक्शा और पुत्र शब्बीर को मलबे से बाहर निकालकर गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचवाया। रुसमा व मन्नो मलबा में दबे हुए थे। इस स्थिति में पुलिस ने जेसीबी बुलाई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी की मदद से दोनों को मलबे से निकाल लिया गया। दोनों बच्चियों की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

जगह- जगह खड़े हैं मौत के महल
झांसी। बाहर सैंयरगेट कलारी के पीछे दो मंजिला मकान ढहने से हुई दो बच्चियों की मौत की घटना से यदि सबक नहीं लिया गया तो ऐसे हादसे बार - बार होंगे। शहर में एक- दो नहीं, हजारों मकान ऐसे हैं जो अत्यधिक जर्जर हालत में पहुंच गए हैं और रहने लायक नहीं हैं। लेकिन, मौत के इन महलों से जानमाल की रक्षा के उपाय नहीं किए जा रहे हैं।
नगर निगम सीमा के अंतर्गत करीब अस्सी हजार मकान पंजीकृत हैं। इनमें से आधे से अधिक मकान परकोटा के अंदर पुराने शहर में हैं। मुहल्ला परवारन, जुगयाना, डरू भोंडेला, गनपत का बगीचा, खत्रयाना, नरसिंहराव टौरिया, गुदरी, हजरयाना, झारखड़िया, मेवातीपुरा, उन्नाव गेट, लक्ष्मनगंज, सरांय, ओरछा गेट, पंचकुइयां, मुकरयाना, अलीगोल, सैंयरगेट, तलैया आदि मुहल्लों में तमाम ऐसे जर्जर मकान हैं, जो अंतिम सांसें ले रहे हैं। यह मकान न केवल गृहस्वामी परिवार के लिए, बल्कि राहगीरों और पड़ोसियों के लिए भी खतरनाक हैं। नगर निगम द्वारा जर्जर मकानों का कोई सर्वे तो नहीं कराया गया, लेकिन एक अनुमान के मुताबिक पुराने शहर के करीब दस फीसदी मकान जर्जर हैं। ऐसे अधिकांश मकान लाल मिट्टी और गुम्मा के बने हैं, जिनके ऊपर खपैरल या फिर पत्थर की छतें हैं। इनकी उम्र साठ से अस्सी साल हो चुकी है, लेकिन फिर भी लोग इनमें रह रहे हैं। इनमें तमाम ऐसे हैं, जिनमें किरायेदार रह रहे हैं। वर्षों से किरायेदार टिके होने के कारण गृहस्वामी इन्हें खाली नहीं करा पा रहे हैं। किरायेदारों को निर्माण का अधिकार न होने के कारण भी मकान दिनोंदिन जर्जर होते चले जा रहे हैं। कई मालिक तो मकान गिरने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि किसी तरह खाली हो जाए। बहुत से मकान ऐसे हैं, जिनके मालिक गरीब हैं। वहीं, बहुत से संपन्न लोगों के पुश्तैनी मकान पुराने शहर में हैं, जबकि वह नई कालोनी में रहने लगे हैं। ऐसे में पुश्तैनी मकानों में ताले पड़े हैं, जिनकी देखरेख नहीं हो रही है। इस तरह के मकान खतरनाक हैं। खासतौर पर बरसात के समय इनमें पानी बैठते रहने से कभी भी धराशायी हो सकते हैं।
नियमत: ऐसे मकानों की सूचना समय - समय पर जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन या फिर झांसी विकास प्राधिकरण को दी जानी चाहिए। विभागों का भी दायित्व बनता है कि वह सर्वे कराकर ऐसे मकानों को चिह्नित करें और उनमें रहने वालों को या तो नया बनवाने के लिए कहें या सख्ती से मकान गिरा दें, लेकिन ऐसा होता नहीं है।

क्या कहता है अधिनियम?
नगर निगम अधिनियम 1959 (धारा 393 से 396) के तहत गृहस्वामी या पड़ोसी की सूचना, प्रशासनिक स्तर से किसी जर्जर मकान के बारे में जानकारी मांगे जाने पर अथवा स्वयं के स्रोत से जानकारी मिलने पर नगर निगम सर्वे कराता है। इसके बाद गृहस्वामी को नोटिस दिया जाता है। जरूरत पड़ने पर नगर निगम उस मकान को तोड़ भी सकता है।

‘नगर निगम ने अलग से जर्जर मकानों का कोई सर्वे नहीं कराया है। किसी मकान के बारे में शिकायत आने पर उसका सर्वे कराते हैं।’
- आर सी श्रीवास्तव अपर नगर आयुक्त

पिछले साल भी हुआ था हादसा
सितंबर 2011 में मुहल्ला जुगयाना निवासी रमेश तिवारी का पचास साल पुराना मकान गिरने से एक राहगीर की मौत हो गई थी। वहीं, बड़ा बाजार में निर्माण के दौरान एक पुराने भवन का एक हिस्सा धराशायी हो गया था, जिसकी चपेट में कुछ दुकानदार और राहगीर आ गए थे। गनीमत थी कि कोई अनहोनी नहीं हुई थी।
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

मुफ्त में देश घूम आया इलाहाबाद का युवक, तरीका बेहद अनोखा

  • बुधवार, 18 अक्टूबर 2017
  • +

अरशद वारसी ने Bigg Boss 11 को बताया 'डाउन मार्किट', बोले-TRP के लिए परोस रहे गंदी चीजें

  • बुधवार, 18 अक्टूबर 2017
  • +

दिवाली 2017: इस त्योहार घर को सजाएं रंगोली के इन बेस्ट 5 डिजाइन के साथ

  • बुधवार, 18 अक्टूबर 2017
  • +

पुरुषों में शारीरिक कमजोरी दूर करती है ये सब्जी,जानें इसके दूसरे फायदे

  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +

Bigg Boss 11: घर से बेघर हुई लुसिंडा का बड़ा खुलासा, कहा- हर समय KISS मांगता था आकाश

  • बुधवार, 18 अक्टूबर 2017
  • +

Most Read

पार्टी हाईकमान से नाराजगी, भाजपा में इस्तीफों की लग गई झड़ी

Hamirpur bjp mandal president resign
  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +

टिकट मिले न मिले, पांच बार विधायक रहे ये जनाब तो लड़ेंगे चुनाव

himachal assembly election 2017 rikhi ram kaundal to contest polls
  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +

जब बदमाशों को पकड़ने के लिए AK-47 लेकर कीचड़ में दौड़े SSP

to caught goons in ranchi ssp of police jumped into mud with Ak-47 
  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

टिकट कटने की अटकलों के बीच फूट-फूटकर रो पड़े पूर्व मंत्री किशन कपूर

himachal assembly election 2017 kishan kapoor get emotional
  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +

गुरदासपुर में हार पर भाजपा पर बरसे शत्रुघ्न सिन्हा, पार्टी को दिखाया आईना

Shatrughan Sinha slams BJP after defeat in Gurdaspur Lok Sabha By Election
  • सोमवार, 16 अक्टूबर 2017
  • +

जम्मू-कश्मीरः शोपियां में कल की थी सरपंच की हत्या, आज फूंक दिया घर

House of former Sarpanch Ramzan set on fire in Shopian
  • मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!