आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

अब गोरों से नहीं, रोटी के लिए संघर्ष

Jhansi

Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST

झांसी। टूटी खाट, बारिश में टूटी खपरैल से गिरते पानी की टपटप की आवाज, कमरे में सीलन, दीवारों पर शहीदों एवं महापुरुषों की फोटो। कभी यहां देश को आजाद कराने की रणनीति तैयार होती थी, लेकिन अब यहां दो जून की रोटी के लिए संघर्ष है। ‘आधी रोटी खाएंगे, देश को आजाद कराएंगे’ के नारों से अलख जगाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सीताराम आजाद का परिवार अंधकार की कोठरी में गुजरबसर कर रहा है। खपरैल की छत कब गिर पडे़गी किसी को पता नहीं। गरीबी ऐसी कि देखते ही आंखों में पानी आ जाए। ऐसे हालातों में आजाद के बेटे राजगुरु आजाद अपनी इकलौती बेटी कल्पना और दामाद संतोष व उनकी चार वर्षीय बेटी मुस्कान के साथ जीवन गुजारने के लिए मजबूर हैं।
टकसाल मुहल्ला में रहने वाले स्वतंत्रता सेनानी सीताराम आजाद के परिवार पर न शासन ने ध्यान दिया और न ही प्रशासन ने। जन प्रतिनिधियों की भी कोई विशेष भूमिका नहीं रही। यही कारण है कि स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाले आजाद और न ही उनके परिवार को वह सम्मान मिल सका, जिसके वह हकदार हैं। आजाद को पेंशन तक नहीं मिली। शासन की अनदेखी का अंदाज इससे लगाया जा सकता है कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पत्नी रामरती अंतिम समय तक केंद्रीय पेंशन व छोटे बेटे राजगुरु आजाद के लिए प्रशासन व सरकार से नौकरी के लिए गुहार लगाती रहीं, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
ऐसे में आजाद का परिवार दो जून की रोटी को परेशान है। न आजाद के बेटे राजगुरु की आर्थिक स्थिति अच्छी है और न ही होमगार्ड में तैनात स्वर्गीय लल्लूराम के परिवार की। लल्लूराम की मौत राम जन्म भूमि आंदोलन में झांसी में लगे कर्फ्यू के दौरान पत्थर लगने से हो गई थी। उनके दो बच्चे हैं। बेटी भारती की शादी बदरवास में हुई है, जबकि बेटा सुनील अपनी मां ममता नामदेव के साथ रहता है। वह आटो चलाकर किसी तरह गुजर बसर कर रहा है। वहीं राजगुरु आजाद रेलवे में दैनिक मजदूरी पर ठेला चलाते हैं। इलाज के अभाव में उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। एक बेटी है जो उनके साथ रहती है। टेलर दामाद व राजगुरु की दिन भर की दिहाड़ी से जैसे तैसे जीवन की गाड़ी चल रही है। राजगुरु के अनुसार मां की मौत के बाद उन्होंने न शासन से मदद की गुहार की और न ही हक मांगा।



‘आधी रोटी खाएंगे, देश को आजाद कराएंगे’
झांसी। ‘आधी रोटी खाएंगे देश को आजाद कराएंगे।’ अंग्रेजी हुकूमत में खादी का कुर्ता- पाजामा, नेहरू कट जाकेट व एक हाथ में तिरंगा लेकर बुलंदी के साथ यह नारा लगाते हुए कोई और नहीं स्वतंत्रता के दीवाने सीताराम आजाद घूमते रहते थे। यही कारण था कि गोरों में उन की चर्चा खासी होने लगी थी।
सीताराम आजाद का जन्म 20 जनवरी 1920 को टकसाल मुहल्ले में हुआ था। प्राथमिक स्कूल में पढ़ने के बाद वह आजादी की लड़ाई में कूद पडे़। आजाद के गुरु थे मास्टर रुद्रनारायण जो चंद्रशेखर आजाद व अन्य क्रांतिकारियों के आश्रयदाता थे। सीताराम आजाद ने महात्मा गांधी के आह्वान पर नमक आंदोलन में भाग लिया और जेल गए। उन्हें अंग्रेजों ने 1942 व 1944 में झांसी जेल में बंद रखा। वह हरदम गाते थे- ‘हम आजाद हैं आजाद थे, आजाद रहेंगे। जालिम के जुल्म हम न सहे हैं, न सहेंगे।’ 04 दिसम्बर 1990 को सीताराम आजाद की आत्मा नश्वर शरीर से आजाद हो गई।


  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

GST लगने के बाद डेढ़ लाख रुपये घटी मित्सुबिशी पजेरो की कीमत

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

सिर जो तेरा चकराए तो...छुटकारा पाने के लिए कर लें ये उपाए

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

करोड़ों की फीस लेने वाली दीपिका पादुकोण ने पहने ऐसे सैंडल, आप कभी नहीं पहनना चाहेंगे

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

थायराइड की प्रॉब्लम दूर करती है गजब की ये मुद्रा

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

50 वर्षों बाद बन रहा है ऐसा संयोग, जानें खरीदारी का सही समय

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

Most Read

J&K: आर्मी के जवानों ने थाने में घुसकर पुलिस को पीटा, अब्दुल्ला बोले- कार्रवाई हो

soldier beat policemen in jammu six injured
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

5 साल की बेटी को नहला रही थी मां, दोनों को मिली खौफनाक मौत

5 year old and mother died after electrocuting
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

सैनिक लौट रहा था ड्यूटी को, तभी पत्नी ने पंखे से लटककर दे दी जान

woman suicide after husband gone for duty
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

सेना-पुलिस के बीच खाई पैदा कर रहे देशद्रोही, नहीं होने देंगे कामयाबः आर्मी

army responds on statements by separatists
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

Video: डीएम बोले- 'टॉयलेट नहीं तो अपनी वाइफ को बेच दो'

Aurangabad's DM Kanwal Tanuj has made a controversial statement during a public meeting
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!