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01 लाख बच्चे कर रहे इंतजार

Jhansi

Updated Wed, 01 Aug 2012 12:00 PM IST

झांसी। पुराना शिक्षण सत्र खत्म हो गया और नया शिक्षण सत्र शुरू हो चुका है, इसके बाद भी वर्ष 2011-12 में छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर चुके करीब एक लाख बच्चे अभी तक लाभान्वित नहीं हो पाए हैं। शासन द्वारा बजट आवंटित न करने से इन बच्चों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
वर्ष 2011-12 में जिले के 3,68,697 बच्चों ने पूर्व दशम एवं 40,103 बच्चों ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। सभी बच्चों को लाभान्वित करने के लिए बाइस करोड़ चालीस लाख अठासी हजार रुपये का मांगपत्र भेजा गया। इसके सापेक्ष शासन ने लगभग अठारह करोड़ रुपये आवंटित किए, जिससे सवा तीन लाख बच्चों को छात्रवृत्ति बांट दी गई है। विभागीय रिकार्ड के अनुसार पूर्व दशम के पिछड़ा वर्ग के 1,88,986 में से 16,874 एवं अल्पसंख्यक वर्ग के 22,539 में से 5,039 बच्चे छात्रवृत्ति से वंचित हैं। दशमोत्तर के पिछड़ा वर्ग के 19,863 में से 5,363 एवं अल्पसंख्यक वर्ग के 592 में से 134 बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। पूर्व दशम में अनुसूचित जाति वर्ग के 1,21,417 एवं दशमोत्तर में 11,426 तथा सामान्य वर्ग के पूर्व दशम में 35,155 एवं दशमोत्तर के 8,222 बच्चे छात्रवृत्ति के पात्र पाए गए थे। विभाग का मानना है कि अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के करीब पंचानवे हजार बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिली है। विभाग ने ऐसे बच्चों की सूची तैयार करना शुरू कर दी है।
दूसरी ओर नए शिक्षण सत्र के बच्चों के छात्रवृत्ति आवेदन भरने शुरू हो गए हैं। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि पुरानी छात्रवृत्ति पाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसका मिल पाना मुश्किल है।

8,772 को नहीं मिली शुल्क प्रतिपूर्ति
केवल छात्रवृत्ति ही नहीं, छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति का भी भुगतान नहीं हुआ है। दशमोत्तर के छात्रों को दी जाने वाली शुल्क प्रतिपूर्ति में पिछड़ा वर्ग के 19,863 में से 8,378 एवं अल्पसंख्यक वर्ग के 592 में से 394 बच्चे शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित हैं। इन बच्चों के लिए करीब ढाई करोड़ रुपये की आवश्यकता है।

‘शासन से बजट न मिलने के कारण सभी बच्चों को लाभान्वित नहीं किया जा सका। जिलाधिकारी के माध्यम से शेष बजट की मांग की गई है। यदि आवंटित हो गया तो बच्चों के खाते में भेज दी जाएगी।’
अशोक कुमार
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी।
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