आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

डीपीएचएच बना जहरखुरानों का हथियार

Jhansi

Updated Tue, 24 Jul 2012 12:00 PM IST
झांसी। जहरखुरानों ने यात्रियों को अपना शिकार बनाने के लिए डीपीएचएच तत्व को अपना हथियार बनाया है। यह स्वादहीन, रंगहीन और गंधहीन होता है तथा कफ सीरप में इस्तेमाल किया जाता है। इसका खुलासा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के फोरेंसिक साइंस विभाग केे शिक्षकों ने ‘फोरेंसिक डेटेरमिनेशन आफ डिफाइन हाईड्रामाइन हाइड्रे क्लोराइड (डीपीएचएच) इन सिमुलेटेड क्राइम इक्जीबेटेड’ विषयक शोध कार्य में किया गया है।
विश्वविद्यालय के फोरेंसिक साइंस विभाग के शिक्षकों ने जहरखुरानों से पीड़ित सौ से ज्यादा यात्रियों के ब्लड सैंपल लिए, साथ ही उनसे घटना का पूरा वर्णन एवं दूसरी जानकारियां एकत्रित की गईं। इससे नया खुलासा हुआ है। बकौल विभाग हेड/ शोध इंचार्ज डा. अनु सिंगला जहरखुरान इन दिनों ट्रेनों व बसों में यात्रियों को निशाना बनाने के लिए डिफाइन हाईड्रामाइन हाइड्रे क्लोराइड (डीपीएचएच) को अपना हथियार बना रहे हैं। एलर्जी के प्रभाव को कम करने के लिए कफ सीरप में इस्तेमाल होने वाले इस केमिकल को जहरखुरान किसी पदार्थ में मिला कर अपने शिकार (यात्री) को दे देते हैं और देखते ही देखते शिकार बेहोश हो जाता है। डीपीएचएच स्वादहीन, रंगहीन व गंधहीन पदार्थ होता है। इसका साइड इफेक्ट (लक्षण) भी बहुत ही सामान्य होता है, जिस कारण आसपास के लोगों को यह भनक भी नहीं लग पाती है कि साथ में बैठे व्यक्ति ने कुछ खाया या पीया है, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ रही है। इसके सेवन के बाद यात्री तो तुरंत अचेत हो जाता है, लेकिन उसकी आंतरिक गतिविधियां धीरे - धीरे अचेत होती हैं। इस कारण वह बर्थ पर बैठा तो रहता है, लेकिन आस पास के माहौल से कट जाता है। इस बीच जहरखुरान यात्री का माल समेट कर रफूचक्कर हो जाते हैं।
शोध कार्य में साथ देने वाले शिक्षक डा. अंकित श्रीवास्तव का कहना है कि जहरखुरानों द्वारा प्रयोग किए जाने वाले इस पदार्थ की पहचान बहुत आसान है। मात्र ब्लड सैंपल से इस तत्व को जाना जा सकता है, लेकिन रेलवे, जीआरपी या आरपीएफ द्वारा पीड़ितों का कभी भी शारीरिक परीक्षण या ब्लड सैंपल लेने का प्रयास नहीं किया जाता है। शोधकार्य में क्षेत्रीय फोरेंसिक साइंस लैब, ग्वालियर के साइंटिफिक आफिसर विनोद ढींगरा ने भी सहयोग दिया है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

jahrakhuranon arms

स्पॉटलाइट

गर्म-गर्म चाय पीने के हैं शौकीन, जा सकती है जान

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

तीन हफ्ते में मां बनीं सनी लियोन, देखें बेटी की पहली तस्वीर

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

इन तरीकों को अपनाकर पहले से ज्यादा जवां दिखेंगे मर्द

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

अपने आप को फिट रखने के लिए पापा सुनील के इस फंडे को फॉलो करती हैं अथिया

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

महिलाएं प्यार में देती हैं मर्दों को इस वजह से धोखा, रिसर्च में हुआ खुलासा

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

Most Read

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

शिक्षामंत्री की कुर्सी पर बैठ FB में शेयर की फोटो, वायरल होते ही हिरासत में युवक

police arrested boy sat on minister's chair after uploading pic on FB
  • गुरुवार, 20 जुलाई 2017
  • +

सीजफायर उल्लंघन पर भारत का पाक को करारा जवाब, कई पोस्ट की तबाह

befeating response to pakistan of CFV many posts destroyed
  • बुधवार, 19 जुलाई 2017
  • +

अपने सुप्रीमो के स्वागत के लिए भाजपा ने बिछाए पलक पांवड़े

bjp president amit shah will reach jaipur today
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

..जब पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच 10 घंटे फंसे रहे दो स्कूलों के 217 बच्चे

more than two hundred children were stucked in pak shelling in school
  • मंगलवार, 18 जुलाई 2017
  • +

जीते रामनाथ कोविंद, उत्तर प्रदेश को मिली खास सौगात

ramnath kovind will be the first president of uttar pradesh
  • गुरुवार, 20 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!