आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

एक ही छात्रा को दोहरा भुगतान

Jaunpur

Updated Sun, 23 Sep 2012 12:00 PM IST
जौनपुर। छात्रा एक ही है लेकिन भुगतान उसे कई बार मिल रहा है। दो किस्तों में 11वी और 12वीं में 25 हजार का भुगतान हो चुका है तथा अब मौजूदा सरकार इन्हीं छात्राओं को तीस हजार रुपये फिर देने जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पिछले दस दिनों से कन्या विद्याधन को लेकर परेशान है। 24361 छात्राओं के फार्म डीआईओएस कार्यालय पहुंच गए हैं।
बसपा सरकार में सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना के तहत बीपीएल छात्राओं को हाईस्कूल उत्तीर्ण करने और 11वीं में एडमीशन लेने के बाद 15 हजार और बारहवीं में दाखिला लेने पर 10 हजार रुपये दिए गए। सपा सरकार ने इस योजना को बंद कर कन्या विद्याधन बांटने की तैयारी कर दी। कन्या विद्याधन का फायदा भी उन छात्राओं को मिलेगा जो बालिका शिक्षा मदद योजना के तहत 25 हजार दो किस्तों में प्राप्त कर चुकी हैं। बालिका शिक्षा मदद योजना के तहत 25 हजार मिलते थे और कन्या विद्याधन में 30 हजार रुपये दिए जाएंगे। बालिका शिक्षा मदद योजना की पहली किस्त पंद्रह हजार प्राप्त कर चुकी छात्राएं कन्या विद्याधन योजना में इस वर्ष पात्र नहीं मानी जाएंगी। अगले वर्ष बारहवीं उत्तीर्ण करने पर वह तीस हजार के लिए दावा कर सकती हैं। 12वीं उत्तीर्ण छात्राओं को दोनों सरकारों की योजनाओं से 55 हजार तथा बारहवी में पढ़ रही छात्राओं को अगले वर्ष दोनों योजनाओं से 45 हजार मिल जाएंगे।
कन्या विद्याधन योजना के तहत बालिका के परिवार की सालाना आय 35 हजार रुपये रखी गई है। यह माना जाता है कि यदि किसी के पास बीपीएल राशन कार्ड होगा तो वह इसके दायरे में आ सकता है। यदि कार्ड नहीं है तो तहसील उसके परिवार की आय प्रमाणित करेगी। हालांकि कन्या विद्याधन के लिए दावा करने वाली सभी छात्राओं को 35 हजार से नीचे का आय प्रमाणपत्र देना होगा। बीपीएल के दायरे में आने वाले परिवारों की छात्राओं को भी आय प्रमाणपत्र देना होगा। पता चला है कि अभी तीन हजार छात्राओं को ही कन्या विद्याधन देने की मौखिक सूचना दी गई है। इसके इतर 24361 छात्राओं ने कन्या विद्याधन के लिए आवेदन किया है। पिछले वर्ष बालिका शिक्षा मदद योजना के तहत 5374 सामान्य वर्ग की तथा 675 अनुसूचित जाति जनजाति छात्राओं को सहायता राशि दी गई थी। डीआईओएस भाष्कर मिश्र का कहना है कि कन्या विद्याधन की पात्रता तय करने में आय को ही मानक बनाया जा रहा है। आय के बढ़ते क्रम में लाभार्थी छात्राओं का चयन किया जाएगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

student payments

स्पॉटलाइट

कपल्स को देखकर ये सोचती हैं सिंगल लड़कियां!

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

नौकरी के बीच में ही कपल्स को मिल सकेगा 'सेक्स ब्रेक'

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

सुपरस्टारों के ये बच्चे भी बिन तैयारी हुए लॉन्च, हो गए फ्लॉप

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

बदन से आती है दुर्गंध ? खाने की प्लेट से हटा दें ये चीजें

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

हैलो! अनुष्का शर्मा आपसे बात करना चाहती हैं, ये रहा उनका नंबर

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

Most Read

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

पत्नी की हत्या का आरोपी अमनमणि समेत सात सपा से निष्कासित

Amanmani tripathi expelled from SP.
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

वाेटिंग में पांच लाख इनामी डाकू बबुली काेल का खाैफ, पुलिस, पीएसी ने की घेरेबंदी

daku babuli kol affects up election 2017
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top