आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

घिसट रहे चकबंदी के आठ हजार मुकदमे

Jaunpur

Updated Tue, 11 Sep 2012 12:00 PM IST
जौनपुर। चकबंदी विभाग की दांवपेच में सैकड़ों लोग चकबंदी न्यायालयों के चक्कर लगा रहे हैं। जिला मुख्यालय पर डीडीसी, एसओसी तथा चकबंदी अधिकारियों के न्यायालय में करीब आठ हजार मुकदमे पिछले दस वर्षों से डंप हैं। सुनवाई हुई नहीं हुई लेकिन कास्तकार को तो हर पेशी पर आना ही है। घर से निकलेगा तो मतलब कम से कम सौ रुपये जेब से गए। ऐसा लंबे समय से हो रहा है। आंकड़े बताते हैं कि चकबंदी अधिकारी (सीओ) न्यायालयों में चार हजार, डीडीसी कोर्ट में 3 हजार तथा एसओसी कोर्ट में 1011 मुकदमे लंबित हैं। जाहिर सी बात है कि हर बीस दिन पर एक व्यक्ति चकबंदी कोर्ट के चक्कर लगा रहा है। निस्तारण की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण दिक्कतें हो रही हैं। चकबंदी विभाग ने यह खुलासा रविवार को चकबंदी आयुक्त की बैठक में किया। आम तौर पर यह कभी नहीं बताया जाता कि चकबंदी के कितने मुकदमे लंबित हैं। चकबंदी आयुक्त ने पूछा तो आंकड़े पेश किए गए।
चकबंदी की हालत सबसे ज्यादा खराब है। यही वजह है कि जौनपुर में जमीन के विवाद सबसे अधिक हैं। कहीं किसी का चक कम हो गया तो कहीं किसी के चक में ज्यादा हो जाना आम बात है। यह मानवीय गड़बड़ी हो या फिर किसी साजिश का हिस्सा लेकिन इसे दुरुस्त कराने में लंबे पापड़ बेलने पड़ते हैं। ऐसे में गांवों की पंचायतों भी कुछ मदद नहीं कर पाती। अक्सर लोग खुद ही मारपीट और फौजदारी पर उतारू हो जाते हैं। जब बात नहीं बनती तभी चकबंदी न्यायालयों का रुख करते हैं। यहां हालत यह है कि एक मुकदमा दाखिल हुआ तो उसे निस्तारित होने में औसतन कम से कम पांच वर्ष लग जाएंगे। दस से बीस वर्ष लग जाएं तो कोई बड़ी बात नहीं। राजस्व मुकदमों के जानकार अधिवक्ताओं का कहना है कि नजरी नक्शा या फिर भौतिक सत्यापन किए बगैर पीठासीन अधिकारियों को यह समझाना मुश्किल हो जाता है कि वादकारी के साथ गलत हुआ है। जब मुकदमे में कुछ समझ में नहीं आता तो तारीखें लगा दी जाती हैं। कुछ संवेदनशील पीठासीन अधिकारी मुकदमों में दिलचस्पी लेते हैं और निस्तारित करने की कोशिश करते हैं। ऐसे अधिकारियों की संख्या कम ही है। इस नाते चकबंदी के मुकदमे निस्तारित होने में लंबा वक्त लग जाता है। गांव चकबंदी में चले जाने से पूरा गांव वर्षों तक परेशान रहता है। काम इतना लंबा होता है कि चक कटने में ही कम से कम आठ से दस वर्ष लग जाते हैं। चक कट गया तो फिर विवाद के दौर शुरू हुए। किसी का चक कम हो गया और किसी का चक ज्यादा हो जाना कोई बड़ी बात नहीं है। इसके अलावा भूमि की कीमत निर्धारित करने में भी गड़बड़ी की जाती है। ऐसे में बगैर मुकदमा दाखिल किए काम नहीं चलने वाला। मुकदमा दाखिल हो गया तो पेशी दर पेशी चक्कर लगाने ही हैं। चकबंदी आयुक्त को पेश किए गए आंकड़ों से ही साफ है कि करीब आठ हजार मुकदमे लंबित हैं। यह सिर्फ डीडीसी, एसओसी और चकबंदी अफसरों के कोर्ट के मुकदमे में है। चकबंदी आयुक्त को लंबति मुकदमों की ही सूचना दी गई। यह नहीं बताया गया कि निस्तारण की स्थिति क्या है। यदि निस्तारण की स्थिति बता दी जाती तो सरकारी कामकाज पर सवाल उठने लगता। शायद इसी नाते निस्तारण की स्थिति की जानकारी नहीं दी गई। फिलहाल चकबंदी आयुक्त ने एसडीएम और चकबंदी अधिकारियों को गांवों में चौपाल लगाकर विवादों को निस्तारण के सुझाव दिए हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

B'Day Spl: 13 साल छोटी कोरियोग्राफर से प्यार में पड़े थे संजय लीला भंसाली लेकिन आज भी हैं कुंवारे

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

कपल्स को देखकर ये सोचती हैं सिंगल लड़कियां!

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

नौकरी के बीच में ही कपल्स को मिल सकेगा 'सेक्स ब्रेक'

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

सुपरस्टारों के ये बच्चे भी बिन तैयारी हुए लॉन्च, हो गए फ्लॉप

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

बदन से आती है दुर्गंध ? खाने की प्लेट से हटा दें ये चीजें

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

Most Read

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

वाेटिंग में पांच लाख इनामी डाकू बबुली काेल का खाैफ, पुलिस, पीएसी ने की घेरेबंदी

daku babuli kol affects up election 2017
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

पत्नी की हत्या का आरोपी अमनमणि समेत सात सपा से निष्कासित

Amanmani tripathi expelled from SP.
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top