आपका शहर Close

घिसट रहे चकबंदी के आठ हजार मुकदमे

Jaunpur

Updated Tue, 11 Sep 2012 12:00 PM IST
जौनपुर। चकबंदी विभाग की दांवपेच में सैकड़ों लोग चकबंदी न्यायालयों के चक्कर लगा रहे हैं। जिला मुख्यालय पर डीडीसी, एसओसी तथा चकबंदी अधिकारियों के न्यायालय में करीब आठ हजार मुकदमे पिछले दस वर्षों से डंप हैं। सुनवाई हुई नहीं हुई लेकिन कास्तकार को तो हर पेशी पर आना ही है। घर से निकलेगा तो मतलब कम से कम सौ रुपये जेब से गए। ऐसा लंबे समय से हो रहा है। आंकड़े बताते हैं कि चकबंदी अधिकारी (सीओ) न्यायालयों में चार हजार, डीडीसी कोर्ट में 3 हजार तथा एसओसी कोर्ट में 1011 मुकदमे लंबित हैं। जाहिर सी बात है कि हर बीस दिन पर एक व्यक्ति चकबंदी कोर्ट के चक्कर लगा रहा है। निस्तारण की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण दिक्कतें हो रही हैं। चकबंदी विभाग ने यह खुलासा रविवार को चकबंदी आयुक्त की बैठक में किया। आम तौर पर यह कभी नहीं बताया जाता कि चकबंदी के कितने मुकदमे लंबित हैं। चकबंदी आयुक्त ने पूछा तो आंकड़े पेश किए गए।
चकबंदी की हालत सबसे ज्यादा खराब है। यही वजह है कि जौनपुर में जमीन के विवाद सबसे अधिक हैं। कहीं किसी का चक कम हो गया तो कहीं किसी के चक में ज्यादा हो जाना आम बात है। यह मानवीय गड़बड़ी हो या फिर किसी साजिश का हिस्सा लेकिन इसे दुरुस्त कराने में लंबे पापड़ बेलने पड़ते हैं। ऐसे में गांवों की पंचायतों भी कुछ मदद नहीं कर पाती। अक्सर लोग खुद ही मारपीट और फौजदारी पर उतारू हो जाते हैं। जब बात नहीं बनती तभी चकबंदी न्यायालयों का रुख करते हैं। यहां हालत यह है कि एक मुकदमा दाखिल हुआ तो उसे निस्तारित होने में औसतन कम से कम पांच वर्ष लग जाएंगे। दस से बीस वर्ष लग जाएं तो कोई बड़ी बात नहीं। राजस्व मुकदमों के जानकार अधिवक्ताओं का कहना है कि नजरी नक्शा या फिर भौतिक सत्यापन किए बगैर पीठासीन अधिकारियों को यह समझाना मुश्किल हो जाता है कि वादकारी के साथ गलत हुआ है। जब मुकदमे में कुछ समझ में नहीं आता तो तारीखें लगा दी जाती हैं। कुछ संवेदनशील पीठासीन अधिकारी मुकदमों में दिलचस्पी लेते हैं और निस्तारित करने की कोशिश करते हैं। ऐसे अधिकारियों की संख्या कम ही है। इस नाते चकबंदी के मुकदमे निस्तारित होने में लंबा वक्त लग जाता है। गांव चकबंदी में चले जाने से पूरा गांव वर्षों तक परेशान रहता है। काम इतना लंबा होता है कि चक कटने में ही कम से कम आठ से दस वर्ष लग जाते हैं। चक कट गया तो फिर विवाद के दौर शुरू हुए। किसी का चक कम हो गया और किसी का चक ज्यादा हो जाना कोई बड़ी बात नहीं है। इसके अलावा भूमि की कीमत निर्धारित करने में भी गड़बड़ी की जाती है। ऐसे में बगैर मुकदमा दाखिल किए काम नहीं चलने वाला। मुकदमा दाखिल हो गया तो पेशी दर पेशी चक्कर लगाने ही हैं। चकबंदी आयुक्त को पेश किए गए आंकड़ों से ही साफ है कि करीब आठ हजार मुकदमे लंबित हैं। यह सिर्फ डीडीसी, एसओसी और चकबंदी अफसरों के कोर्ट के मुकदमे में है। चकबंदी आयुक्त को लंबति मुकदमों की ही सूचना दी गई। यह नहीं बताया गया कि निस्तारण की स्थिति क्या है। यदि निस्तारण की स्थिति बता दी जाती तो सरकारी कामकाज पर सवाल उठने लगता। शायद इसी नाते निस्तारण की स्थिति की जानकारी नहीं दी गई। फिलहाल चकबंदी आयुक्त ने एसडीएम और चकबंदी अधिकारियों को गांवों में चौपाल लगाकर विवादों को निस्तारण के सुझाव दिए हैं।
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

पद्मावती का 'असली वंशज' आया सामने, 'खिलजी' के बारे में सनसनीखेज खुलासा

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

Film Review: विद्या की ये 'डर्टी पिक्चर' नहीं, इसलिए पसंद आएगी 'तुम्हारी सुलु'

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

पत्नी को किस कर रहा था डायरेक्टर, राजकुमार राव ने खींच ली तस्वीर, फोटो वायरल

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

सिर्फ 'पद्मावती' ही नहीं, ये 4 फिल्में भी रही हैं रिलीज से पहले विवादों में

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

बेसमेंट के नीचे दफ्न था सदियों पुराना ये राज, उजागर हुआ तो...

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

Most Read

J&K: फुटबॉलर से लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी बना था माजिद, किया सरेंडर

footballer who joined LeT has surrendered before security forces in Kashmir
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

चुनाव आयोग का शरद यादव को करारा झटका, बोला- चुनाव चिन्ह तीर के असली हकदार नीतीश

Election commission recognizes Nitish Kumar led faction as JDU and gives them arrow symbol
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

हार्दिक पटेल मामले में अखिलेश का बयान, कहा- 'किसी की प्राइवेसी को सार्वजनिक करना बहुत गलत बात'

akhilesh yadav statement about hardik patel cd case
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

ऐश्वर्या-अभिषेक बने माता-पिता और दादा बने मुख्यमंत्री रमन सिंह

baby girl born to aishwarya abhishek cm raman singh becomes grandfather
  • रविवार, 12 नवंबर 2017
  • +

PoK पर फारूक के बिगड़े बोल, 70 साल में तय नहीं कर पाए अब कहते हैं ये हमारा हिस्सा है

Farooq Abdullah give reaction on POK
  • गुरुवार, 16 नवंबर 2017
  • +

संशोधित पेंशन का आदेश जारी, 120 से 200 रुपए तक बढ़ी पेंशन

Revised pension issued by up government
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!