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आपदा के लिए ट्रेंड होंगे दस वालेंटियर

Jaunpur

Updated Mon, 10 Sep 2012 12:00 PM IST
जौनपुर। प्रदेश के राहत आपदा आयुक्त एल वेंकटेश लू ने कहा कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन और राहत कार्य के लिए बजट का संकट नहीं है। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन के लिए पांच सौ करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में आपदा राहत से निपटने के लिए दस-दस लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षित कर उन्हें आपदा प्रबंधन के लिए तैयार किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलेभर के अफसरों, ब्लाकों से आए कुछ जन प्रतिनिधियों की बैठक में वेंकटेश ने प्राकृतिक आपदा, रेल दुर्घटना, आतंकी घटनाओं के दौरान प्रबंधन के तरीकों पर चर्चा की। बताया गया कि दस लोगों को ऐसी ट्रेनिंग दी जाएगी कि वह आपदा राहत प्रबंधन के लिए पूरी तरह उपयुक्त हो जाएंगे। हर आफत की स्थिति में उनका सहयोग लिया जाएगा। यहां बताया गया कि जिले में 31 लाख पशु हैं। वेंकटेश ने कहा कि पशुओं के मरने पर भी तत्काल राहत का प्रावधान है। शासन के एफओ अजय जौहरी ने बताया कि आपदा एवं राहत का बजट ही पांच सौ करोड़ का है। हर ऐसी स्थिति से निपटने के लिए धन की कमी नहीं है। सोँधी ब्लाक के पूर्व प्रमुख इंद्रदेव यादव, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र कुमार ने अपने सुझाव दिए। डीएम डा. बलकार सिंह ने राहत आयुक्त को बताया कि आपदा से किसी व्यक्ति की यदि मौत होती है तो 1.50 लाख रुपये दिए जाते हैं। दुधारू पशु के मरने पर 16,400, ऊंट, घोड़ा, बैल के मरने पर 15 हजार, बकरी के मरने पर 1650 रुपये दिया जाता है। पक्का मकान पूरी तरह गिरने पर 35 हजार, कच्चा मकान गिरने पर पंद्रह हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) प्रमोद कुमार उपाध्याय ने बताया कि कच्ची शराब की भट्ठियों तथा भोजन बनाने के बाद आग को खुले में छोड़ देने के कारण गर्मी के दिनों में आग लग जाती है। बाद में वेंकटेश ने चकबंदी कार्यों की भी समीक्षा की। लू के पास इन दिनों चकबंदी विभाग की भी जिम्मेदारी है। यहां बताया गया कि 53 गांवो में चकबंदी प्रक्रिया बाधित है। चकबंदी आयुक्त ने आदेश दिया कि एसडीएम तथा चकबंदी अधिकारी गांवों में जाकर चौपाल लगाएं और संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में विवाद खत्म कराएं। अपर आयुक्त केदारनाथ ने बताया कि पूरी इकाई में 149 गांव चकबंदी प्रक्रिया में हैं तथा प्रथम चक्र में 38 गांवों में धारा 9 की कार्यवाही चल रही है। डीडीसी कोर्ट में इस वक्त करीब तीन हजार मुकदमे चल रहे हैं। एसओसी के पास 1011, सीओ चकबंदी न्यायालय में चार हजार मुकदमे लंबित हैं। आयुक्त ने पीठासीन अधिकारियों को मुकदमों की सुनवाई कर निस्तारित करने के आदेश दिए। बैठक में डीडीसी राज मंगल सिंह समेत सभी एसडीएम तथा चकबंदी अधिकारी मौजूद थे।
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