आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

आज ही के दिन शहीद हुए थे दो सौ क्रांतिकारी

Jalaun

Updated Wed, 05 Sep 2012 12:00 PM IST
उरई (जालौन)। आजादी के लिए हुए गदर (1857-58) के दौरान पांच सितंबर को अंग्रेजों से लड़ते हुए सहाव के 200 क्रांतिकारियों ने अपनी जान न्यौछावर कर दी थी। इस घटना का वर्णन इतिहासकारों ने नहीं किया है, लेकिन उस समय की मिलेट्री रिपोर्ट में इसका विवरण मिलता है। प्रसिद्ध इतिहासकार डा.डीके सिंह ने बताया कि क्रांति के दमन के बाद अंग्रेज सरकार ने एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवाई थी। इसका शीर्षक था द रिवोल्ट इन सेंट्रल इंडिया कंपाइंड इन द इनटेलीजेंस ब्रांच आफ आर्मी हेड क्वार्टर इंडिया डिवीजन आफ द चीफ आफ द स्टाफ (फार आफीसियल यूज ओनली)। कहा जाता है बाद में जब भी कोई नया चीफ आफ द आर्मी भारत में चार्ज लेता था सबसे पहले इसको पढ़ता था।
डॉ. सिंह ने बताया कि कि घटना गदर के दौरान की है। मई 1858 के अंतिम सप्ताह में कालपी में क्र्रांतिकारियों की पराजय के बाद रावसाहब महारानी लक्ष्मीबाई के यहां से ग्वालियर चले गए थे। तब जनपद में नवनियुक्त डिप्टी कमिश्नर एएच टरनन ने समझा कि जनपद में क्रांति का दमन हो गया है, मगर यह उनकी भूल थी। सैनिकों के यहां से जाने के बाद क्रांति की कमान स्थानीय क्रांतिकारियों ने अपने हाथ में ले ली थी। उन्हीं में एक थे सहाव के लंबरदार चतुर सिंह।
चतुर सिंह ने सहाव की छोटी सी गढ़ी में स्थानीय क्रांतिकारियों को एकत्रित करना शुरु किया। इधर टरनन के खुफिया विभाग को खबर मिली कि सहाव की गढ़ी में तीन हजार विद्रोही एकत्रित हैं और जल्द ही किसी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने की फिराक में हैं। जिले की पुलिस इतने क्रांतिकारियों का मुकाबला नहीं कर सकती है। टरनन ने कानपुर में स्थित सैन्य अधिकारियों के पास सूचना भेजकर सहाव की गढ़ी पर आक्रमण करने की प्रार्थना की। टरनन की प्रार्थना पर सहाव पर आक्रमण हुआ। डॉ. सिहं के मुताबिक मिलेट्री रिपोर्ट के पृष्ठ नंबर 5 में सहाव के युद्ध का विवरण है। इस विवरण के अनुसार बिग्रडियर मैकइफ को सहाव आक्रमण की कमान सौंपी गी।
अंग्रेजी सेना ने चारों तरफ से गढ़ी पर गोले दागने शुरु कर दिया। मजबूरी में क्रांतिकारियों को गढ़ी से निकलना पड़ा। क्रांतिकारियों ने गढ़ी से निकलकर अंग्रेजों पर आक्रमण किया। सहाव से सरावन तक घमासान युद्ध छिड़ गया। क्रांतिकारी वीरता से लड़े परंतु अंत में पराजित हो गए। 5 सितंबर 1858 को सहाव के युद्ध में जिले के 200 क्रांतिकारियों ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए। लेफ्टीनेंट डिक गंभीर रुप से घायल हुआ। मृत क्रांतिकारियों के शरीर युद्ध भूमि में यूं ही पड़े रहे। डर के मारे कोई उनको लेने आगे नहीं आया। कई दिनों के बाद टरनन ने उनको नदी में प्रवाहित करवा दिया।


  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

सालों बाद मिला आमिर का ये को-स्टार, फिल्में छोड़ इस बड़ी कंपनी में बन गया मैनेजर

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

इस मानसून इन हीरोइनों से सीखें कैसा हो आपका 'ड्रेसिंग सेंस'

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

जब शूट के दौरान श्रीदेवी ने रजनीकांत के साथ कर दी थी ये हरकत

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

50 वर्षों बाद बना है इतना बड़ा संयोग, आज खरीदी गई हर चीज देगी फायदा

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

हिट फिल्म के बावजूद फ्लॉप हो गई थी ये हीरोइन, अब इस फील्ड में कमा रही है नाम

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

Most Read

J&K: आर्मी के जवानों ने थाने में घुसकर पुलिस को पीटा, अब्दुल्ला बोले- कार्रवाई हो

soldier beat policemen in jammu six injured
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

पुलिस को देख भागने लगा युवक, तलाशी ली तो मिली ऐसी चीज देख सभी हैरान

kapurthala boy arrested with drugs
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

DSP अयूब पंडित हत्याकांडः 20 आरोपी गिरफ्तार, एक का हुआ एनकाउंटर

Deputy SP Ayub Pandit lynching case ig muneer khan says 20 arrested and one killed in encounter
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

5 साल की बेटी को नहला रही थी मां, दोनों को मिली खौफनाक मौत

5 year old and mother died after electrocuting
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

अलगाववादियों को भारत सरकार से भी मिल चुके हैं पैसे: फारूक अब्दुल्ला

GOI too gave funds to separatists says farook abdullah
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!