आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

प्लास्टिक की बोरियों में भरा गेहूं लेने से इंकार

Jalaun

Updated Wed, 13 Jun 2012 12:00 PM IST
उरई (जालौन)। एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) ने अपने गोदाम में प्लास्टिक की बोरियों में भरा गेहूं रखने से इंकार कर दिया है। एफसीआई ने सरकारी खाद्य केंद्रों और लाइसेंसी आढ़तियों से गेहूं को जूट के बोरों
में ही भर कर गोदाम या वेयर हाउस भिजवाने का निर्देश दिया है। एफसीआई के फरमान से सरकारी क्रय केंद्र प्रभारियों और सरकारी ठेकेदारों को प्लास्टिक की बोरियों में भरा गेहूं जूट की बोरियों में दोबारा पल्टवाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही उन्हे दस रूपए प्रति कुंतल का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय गल्ला मंडी स्थित सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों तथा लाइसेंसी गल्ला व्यापारियों के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। भारतीय खाद्य निगम के जिला प्रबंधक देवेंद्र कुमार ने विभाग के उच्चाधिकारियों के आदेश का
हवाला देते हुए कहा प्लास्टिक की बोरियों में भरा गेहूं किसी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस आदेश के बाद अब सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों के प्रभारी व सरकारी क्रय केंद्रों के ठेकेदार तथा लाइसेंसी प्राइवेट आढ़तिया परेशानी में पढ़ गए हैं। सरकारी क्रय केंद्रों के ठेकेदार महेंद्र विक्रम सिंह, अनिल कुमार, नरेंद्र यादव तथात लाइसेंसी गल्ला आढ़तिया प्रदीप माहेश्वरी सहित तमाम गल्ला व्यापारी बताते हैं जब सरकारी क्रय केद्रों में बारदाना लगभग 20-25 दिन नहीं आया तो किसान प्लास्टिक की बोरियों बाजार से खरीदकर उसमें अपना गेहूं भरकर सरकारी केद्रों को बेचने लगे। लगभग दस हजार से अधिक प्लास्टिक की बोरियां किसान गेहूं भर कर लाए। प्लास्टिक की बोरियों में भरे गेहूं की इस खेप को तो सरकारी केंद्रों ने खरीद तो लिया। लेकिन एफसीआई के उच्च अधिकारियों के इस निर्देश के कारण अब सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों के ठेकेदारों को प्लास्टिक की बोरियों का तौलाई के बाद बोरियों में सिला तथा मार्का लगा हुआ गेहूं निकलवा कर जूट के नए बोरों में पल्टवाना पड़ रहा है। इससे करीब दस रुपए प्रति कुंतल का अतिरिक्त खर्च आ रहा है। इसे सरकारी ठेकेदारों व लाइसेंसी गल्ला व्यापारियों को वहन करना पडे़गा। उधर एफसीआई के जिला प्रबंधक देवेंद्र कुमार का कहना है एफसीआई के उच्चाधिकारियों के स्पष्ट निर्देश है कि प्लास्टिक बोरियों में भरा गया गेहूं गोदामों में रखने के लिए नहीं लिया जाएगा। इसका खामियाजा अब सरकारी क्रय केंद्रों के ठेकेदारों तथा लाइसेंसी गल्ला आढ़तियों को उठाना पड़ रहा है।

  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

plastic sacks

स्पॉटलाइट

खाने की इन चीजों को भूलकर भी दोबारा गर्म ना करें, पड़ सकता है भारी

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

कटप्पा का खुलासा, 'इस शख्स ने दिए थे बाहुबली को मारने के पैसे'

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

सीधे इंटरव्यू के जरिए डॉक्टरों की नियुक्ति, जल्द करें अप्लाई

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

रंग को लेकर पति से हुई तुलना को यूं भड़क उठी ये एक्ट्रेस

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

चैत्र नवरात्र को यादगार बना देंगे ये Free ऐप

  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

Most Read

योगी सरकार के इस ऑर्डर ने उड़ाये ‘गुरुओं के होश’

yogi government orders surprised teacher
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

यूपी में अवैध कत्लखाने बंद करने पर बोले बाबा रामदेव, जानें- क्या कहा

 baba ramdev on illigal slaughter houses.
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

छात्रा बनकर थाने पहुंचीं सीओ ने दी तहरीर, मुंशी ने दर्ज नहीं की रिपोर्ट    

CO Vandana Sharma
  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

योगीराज में सूबे की चर्चित जिलाधिकारी बी. चंद्रकला प्रतिनियुक्ति पर पहुंचीं दिल्ली

Yogiraj discussed the District Magistrate B. chandrakala Delhi reached deputation
  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

तीन तलाक के विरोध में हिंदू लड़के से किया विवाह

Jodhpur: Muslim Girl Marriage With Hindu Boy
  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

ग्रेटर नोएडा में केन्याई लड़की को कैब से उतारकर पीटा

nigerian girl took out of auto and brutally beaten in greater noida
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top