आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

बुंदेली बुकनू ने मचाई अमेरिका में धूम

Jalaun

Updated Mon, 04 Jun 2012 12:00 PM IST
उरई (जालौन)। पैसा नहीं नाम कमाने के लिए कृपाशंकर मिश्रा ने किया था बुकनू बनाने का धंधा शुरू करने का फैसला। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से दस हजार का कर्ज लेकर शुरू किया गया कारोबार वक्त के साथ ऐसा चमका कि कृपाशंकर मिश्रा की जिंदगी ही बदल गई। उनके स्वादिष्ट और पाचक बुंदेली बुकनू ने उन्हे पैसे के साथ शोहरत भी दिलाई। मिश्रा दंपति के हाथ का बना बुंदेल बुकनू जिले की सरहदों को पार कर अमेरिका में भी धूम मचा चुका है।
खादी ग्रामोद्योग बोर्ड से लिए गए दस हजार के ऋण ने कृपाशंकर मिश्रा और उनकी पत्नी श्रीमती कुसुम मिश्रा को जीवन की नई राह 38 वर्ष पहले ही दिखा दी थी। गरीबी की उबड़-खाबड़ राह पर जिंदगी के सफर की शुरूआत करने वालेकृपाशंकर मिश्रा के पास न तो खेती के लिए जमीन थी और न रोजगार का कोई और जरिया। लेकिन उनके पास पेट की तकलीफ दूर करने वाले खानदानी फार्मूलों की जानकारी जरूर थी। हिम्मत के बूते उन्होने वर्ष 72-73 में बुकनू बनाना शुरु किया तो लोगों को इससे फायदा हुआ। लेकिन उस वक्त उनके पास इतना पैसा नहीं था कि वह इसका बडे़ पैमाने पर कारोबार कर सकें। वर्ष 89 में उरई में तैनात खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के तत्कालीन अधिकारी अरुण अवस्थी भी उनके बुंदेली बुकनू के मुरीद बन गए। एकदिन अरुण अवस्थी ने बुंदेली बुकनू की तारीफ करते कृपाशंकर मिश्रा ने कहा यदि वह चाहें तो इसका बड़े पैमाने पर कारोबार करने के लिए कम ब्याज पर कर्ज ले सकते हैं। इसके लिए उन्हे महज प्रोजेक्ट बना कर आवेदन करने की औपचारिकता पूरी करनी होगी। जल्द ही दस हजार रुपए का ऋण स्वीकृत हो गया। कृपाशंकर मिश्रा बुंदेली बुकनू के स्टाल कलेक्ट्रेट व जिला न्यायालय परिसर में लगाने लगे। धीरे-धीरे बुंदेली बुकनू की प्रसिद्धि इतनी बढ़ी कि जिले में जो भी अधिकारी आया इसका मुरीद हो गया। धीरे धीरे कृपाशंकर मिश्रा भी बुकनू वाले मिश्रा के नाम से प्रसिद्ध हो गए। उनके उत्पाद की मशहूरी सात समुंदर पार अमेरिका तक पहुंच गई। बुंदेली बुकनू के मुरीद अमेरिका में बसे अप्रवासी भारतीयों के उनके पास आर्डर आने लगे। करीब सौ अप्रवासी भारतीयों को कोरियर के जरिये बुकनू के पैकेट पहुुंचाने की व्यवस्था कृपाशंकर मिश्रा ने की।
जब उनका बडे़ पैमाने पर बुकनू का व्यापार चल निकला तो उन्होंने अपने और पत्नी श्रीमती कुसुम मिश्रा के नाम से खादी ग्रामोद्योग बोर्ड में फर्म दर्ज करवा कर आंवला जूस, मुरब्बा बनाना शुरु किया। उनका यह कारोबार भी चल निकला। अपने कारोबार के बूते दो बेटियों की शादी करने के साथ मकान बनवा चुके कृपाशंकर मिश्रा अब 86 वर्ष के हैं। सेहत के साथ न देने से एक वर्ष पहले उन्होंने अपना स्टॉल बंद कर दिया। अब वह अपने घर में जीवंतता कायम रखने के लिए कुटीर उद्योग चला रहे हैं। उनके दर्द यह है शासन ने इस व्यवसाय को वैसा प्रोत्साहन नहीं दिया जैसा उत्तराखंड में मिल रहा है। श्री मिश्र बताते हैं कुटीर उद्योग के सफल संचालन का राज्य स्तरीय पुरुस्कार उन्हें इसलिए नहीं मिल पाया क्योंकि वह वाणिज्य कर विभाग में पंजीकृत नहीं थे। उन्होंने जिद में अपनी फाइल शासन को नहीं भिजवाई कि जब प्रदेश सरकार व्यवसाय को प्रोत्साहित करने को तैयार नहीं है तो कागजी खानापूरी का क्या मतलब। उधर जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी सुनील त्यागी कहते हैं सन इंडिया फार्मेसी का डकोर जैसे छोटे गांव में शैम्पू का उत्पाद व मिश्रा जी का बुकनू जिले में खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की उपलब्धियों का प्रतीक है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

buknu bundle

स्पॉटलाइट

Bigg Boss : मनवीर से अंडे फुड़वाएंगे शाहरुख, सलमान हो जाएंगे हैरान

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

इन प्राकृतिक तरीकों से घर पर बनाएं ब्लीच, त्वचा को नहीं होगा नुकसान

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

सोई हुई लड़कियों को गंदे तरीके से उठाते हैं लड़के, देखिए जापान का अजीब गेम शो

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

सिक्योरिटी गार्ड के बेटे ने हासिल किया ऐसा मुकाम, पहली ही कोशिश में बना सीए

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

पीरियड्स के दौरान नहीं करने चाहिए ये काम, पड़ सकते हैं भारी

  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

Most Read

सपा ने कहा- करीब-करीब टूट गया गठबंधन, कांग्रेस बोली- - कल पता चलेगा

akhilesh yadav says alliance is poosible with congress
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

...तो सीएम हरीश रावत इन दो सीटों से चुनाव में ठोकेंगे ताल?

harish rawat may contest in election from two seats
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top