आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

बंगाल से उरई आते हैं मां दुर्गा की मूर्तियां बनाने वाले कारीगर

Jalaun

Updated Tue, 16 Oct 2012 12:00 PM IST
उरई(जालौन)। मां दुर्गा की सुघड़ मूर्तियां बनाने वाले परिश्चम बंगाल के कारीगर चार माह पूर्व उरई आ जाते हैं। उरई स्थित राठ रोड वाली हाथी धर्मशाला में मुख्य कारीगर बलराम पाल व उनकी टीम यहां डेरा डाल देती है। इसके बाद मां दुर्गा की मूर्तियां बनाने का काम शुरु हो जाता है। अब तक यह टीम 101 बड़ी-छोटी दुर्गा की प्रतिमाओं को तैयार कर चुके हैं।
16 अक्तूबर से श्रृद्धालु तथा मां दुर्गा उत्सव समितियां बैंड बाजे के साथ इन मूर्तियों की दक्षिणा देकर ले जाएंगे। पश्चिम बंगाल के जनपद 24 परगना क्षेत्र के कृ ष्ण नगर निवासी मां दुर्गा की मूर्तियां बनाने में निपुण कारीगर जिनमें क्रमश: अनूप कुमार, देवाशी पाल, विश्वनाथ पाल, रवि राजपूत, बप्पा पाल सहित आधा दर्जन कारीगरों की टीम है। यह टीम चार माह पहले पश्चिम बंगाल से उरई आ गई थी तब से यह कार्यक्रम दिनभर मेहनत करके दुर्गा की विभिन्न मुद्राओं में मूर्तियां बनाने में जुटे हैं। अब तक वह 101 मूर्तियां बना चुके हैं। जिनमें सबसे छोटी दुर्गा की मूर्ति तीन फिट ऊंची तो सबसे ऊंचाई हनुमान व मां काली के साथ बनाई गई दस दस फिट दुर्गा की मूर्तियां हैं। वरिष्ठ कारीगर बलराम पाल बताते हैं कि देश में उन्होंने पहली बार हनुमान के शीर्ष रखकर जिनके हदय में राम सीता हैं। मां दुर्गा की मूर्ति बनाई है। इन दोनों दस दस फिट ऊंची दुर्गा मूूर्तियों की दक्षिणा नौ नौ हजार रुपए जबकि 2100 रुपए से लेकर कम की दक्षिणा की कोई मूर्ति नहीं है। वरिष्ठ कारीगर व टीम के नेता बलराम पाल बताते हैं कि मां दुर्गा की मूर्ति को बनाने के लिए मिट़्टी पश्चिम बंगाल से लाते हैं। कारीगर मां दुर्गा की मूर्ति की आंख तथा चेहरों में ऐसा रंग भरते हैं कि वह श्रृद्धालुओं को भा जाए। उन्होंने बताया कि किसी मूर्ति की कीमत हम लोग नहीं लेते हैं बल्कि श्रृद्धालुओं से दक्षिणा के रुप में सबसे छोटी मूर्ति का 2100 रुपए तथा नौ फिट मां दुर्गा की मूर्ति का 9000 रुपए दक्षिणा के रुप में लेते हैं।
उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में पूरे वर्षभर पहले गणपति, फिर मां दुर्गा, मां काली, गणेश लक्ष्मी, फिर सरस्वती आदि की मूर्तियां बनाने का क्रम लगा रहता है। चूंकि बांगली का पर्व दुर्गा पूजन सबसे प्रिय पर्व है इसलिए मां दुर्गा की मूर्ति बनाने वाले कारीगरों की भरमार है। इसलिए वह जून माह में उरई आ जाते हैं। यहां उनकी बनाई दुर्गा की मूर्तियों श्रृद्धालुओं में काफी लोकप्रिय है। इसलिए पिछले पांच वर्षों से वह लोग लगातार उरई आ रहे हैं। मां दुर्गा की मूर्तियों से उन्हें व उनके परिवार को रोजी रोटी मिलती है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

काबिल ऋतिक की 8 नाकाबिल फिल्में, हो गई थी फ्लॉप

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

ट्रंप की 'चहेती बेटी' हैं काफी फैशनेबल, देखना चाहेंगे इनका बोल्ड अवतार?

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

सेक्स दवाखानों के दरवाजे हो रहे हैं बंद, कारण जान लीजिए

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

मनचले की शरारत, फेसबुक पर वायरल दीपिका का फेक गाउन

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

VIDEO: केकड़े का चुंबन करना चाहा, हो गया ये हाल

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

Most Read

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

राष्ट्रपति ने 4 की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला

President sets aside MHA advice, commutes death of 4 to life term
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

द‌िल्लीः आसमान में ड्रोन ‌द‌िखने से मचा हड़कंप, एक मह‌िला समेत तीन व‌िदेशी ग‌िरफ्तार

drone seen in delhis chhawla area, three foreigners
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top