आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

...फिर भी दिल है हिंदुस्तानी

Hathras

Updated Sun, 21 Oct 2012 12:00 PM IST
सासनी। सात समंदर पार जाकर विदेशों में जा बसे भारतीयों के दिल में आज भी मातृभूमि के प्रति उतना ही प्यार है जितना कि भारत में रहने वाले लोगों को। किसी जमाने में अंग्रेजों के गुलाम होकर फिजी जा बसे एक परिवार की सातवीं पीढ़ी भारत आकर अपने पूर्वजों की जन्मभूमि ढूंढ रही है। प्रवासी भारतीय युवती अपनी मां के साथ भूलवश असरोही को हरोली समझ कर आगरा से सासनी आ गई थी, बाद में गलती का अहसास होने पर वह पुन: अपने पूर्वजों को ढूंढने का संकल्प लेकर असरोही रवाना हो गई। न्यूजीलैंड निवासी कुमारी आरती अपनी वृद्ध मां सरिता देवी के साथ हरोली का पता पूछते-पूछते सासनी थाने आ गई थी। अंग्रेजी के साथ-साथ धाराप्रवाह हिंदी बोल रही आरती ने बताया कि भारत भ्रमण का एक मात्र उद्देश्य अपने नाते रिश्तेदारों एवं सगे संबंधियों की खोज कर मुलाकात करना है। इसी क्रम में उन्होंने अपने एक निकट संबंधी को जनपद आगरा के बाह क्षेत्र में खोज निकाला है। उसका कहना था कि अभी तक मैंने इस देश की खूबियों को सिर्फ सुना था, लेकिन यहां आकर जो अपनत्व, प्यार दुलार मिला उसने मेरी परिकल्पना को साकार कर दिया। आरती अपने साथ 30 मार्च 1900 का अंग्रेजों द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र लिए हुए थी, जिस पर करन सिंह पुत्र चेतराम सिंह उम्र 23 वर्ष असरोही थाना मुरसान जनपद अलीगढ़ अंग्रेजी में लिखा था। जिसे वह हरोली समझ कर आगरा से सासनी आयी थी। थाने से वह गाँव की भौगोलिक स्थिति की जानकारी करना चाहती थी। दरोगा मान पाल सिंह ने भी अतिथियों की खातिरदारी करते हुए उन्हें भारतीय संस्कृति का भान कराया। आरती ने बताया कि उनके पूर्वज करन सिंह को वर्ष 1900 में अंग्रेज 5 वर्ष के लिए-इंडेचर लेबर सिस्टम के तहत फिजी ले गए थे। लेकिन गुलाम को कोई अधिकार नहीं थे। इसी कारण उनके पूर्वज वहीं के बाशिंदे बन कर रह गए। 112 साल के अंतराल में सात पीढ़ियां बदल गयीं। मैंने छात्र जीवन में कसम खाई थी कि भारत में निवास करने वाले अपने पूर्वजों को खोज निकालूंगी। इसी कसम को पूरा करने आयी हूँ। मां-बेटी दोनों इसके बाद सासनी से वापस असरोई के लिए रवाना हो गईं।
  • कैसा लगा
Comments

स्पॉटलाइट

भारी भरकम लहंगों में नहीं अब इन ड्रेसेज के साथ खेलें डांडिया..

  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

पत्नी ने पति को थमाई सब्जियों की ये लिस्ट, इस वजह से हो रही है वायरल

  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

'बाहुबली' पर भारी पड़ गया ये 'मुंगेरीलाल', नेपाली लड़की से शादी के बाद जिंदगी हो गई थी नर्क

  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

दोस्तों की ये 5 आदतें आपको कर सकती हैं परेशान, बच कर रहें

  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

होटल में जाकर लोग करते हैं ये 5 काम, बताने में आती है शर्म

  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

Most Read

हनीप्रीत को झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका

Delhi High Court Judgment on Honeypreet Anticipatory Bail Petition
  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

J&K: कुपवाड़ा में BAT हमला नाकाम, काफी अंदर तक घुस आए थे आतंकी

indian troops failed pak border action team attack ik kupwara
  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

कश्मीर: सेना को मिली बड़ी कामयाबी, आतंकी संगठन लश्कर-ए-इस्लाम का प्रमुख ढेर

J&K Infiltration bid foiled in Uri One terrorist killed
  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

..तो यहां से चुनाव लड़ेंगे विक्रमादित्य सिंह, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने लिया ये बड़ा फैसला

shimla rural block congress committee meeting decision
  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

बिहार: अशोक चौधरी पर गिरी गाज, कादरी को मिली प्रदेश कांग्रेस की कमान

Sonia Gandhi relieves Ashok Choudhary from post of Bihar Pradesh Congress Committee chief
  • मंगलवार, 26 सितंबर 2017
  • +

नवरात्र में टूट सकती है सपा, मुलायम-शिवपाल बनाएंगे नई पार्टी, ये हो सकता है नाम

samajwadi party will be divided mulayam and shivpal announce new party
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!