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पीड़ित गरीबों का हक हड़पने के खेल का खुलासा

Hathras

Updated Tue, 09 Oct 2012 12:00 PM IST
हाथरस। गरीबों की मदद पर भी दलालों का कब्जा है। वैसे तो किसी भी पीड़ित को एक बार भी आर्थिक मदद पाने को दफ्तरों के कई चक्कर काटने पड़ते हैं मगर दलाल चाहें तो एक ही व्यक्ति को दो बार आसानी से सरकारी मदद दिलवा सकते हैं। इस जालसाजी में उन्हें सरकारी मुलाजिमों का पूरा साथ मिला हुआ है। जालसाजी के ऐसे ही खेल का खुलासा राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में हुआ है। हाथरस और सादाबाद तहसील के मुलाजिमों ने 14 ऐसे आवेदकों के फार्म मदद के लिए दुबारा समाज कल्याण दफ्तर भिजवा दिए, जोकि एक बार मदद पा चुके हैं। और भी तहसीलों से डबल आवेदन आने की आशंका है।विभागीय पड़ताल में यह आवेदन पकड़ में आ गए। इनमें हाथरस तहसील के 5 और सादाबाद के 9 ऐसे आवेदन थे, जिन्हें एक बार विभाग से 20-20 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिल चुकी है। समाज कल्याण अधिकारी ने इसकी शिकायत मुख्य विकास अधिकारी से की तो सीडीओ ने दोनों उपजिलाधिकारियों को इस बारे में खत लिखे और यह जांच कराने का निर्देश दिया कि आखिर किन परिस्थितियों में ऐसे लोगों के आवेदन दुबारा तहसील से सत्यापित करके भेज दिए गए। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदारी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट भी मंगाई थी, लेकिन एक महीने बाद भी इसकी रिपोर्ट नहीं भेजी गई। सीडीओ ने जालसाजी का यह मामला डीएम डॉ. संयुक्ता समद्दर के सामने रखा तो डीएम ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों उपजिलाधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। हाथरस के एसडीएम को दिए नोटिस में कहा गया है कि उनकी तहसील से इस योजना में 245 आवेदन सत्यापित करके भेजे गए थे, जिनमें से 5 ऐसे आवेदक हैं, जोकि साल 2011-12 में विभाग से मदद प्राप्त कर चुके हैं, फिर भी इनके आवेदन पुन: मदद की संस्तुति करके भेजे गए हैं। 4 सितंबर तक इन आवेदनों पर संस्तुति करने वाले अधिकारी और कर्मियों की जिम्मेदारी तय करते हुए रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं दी गई है। डीएम ने दोनों एसडीएम से तत्काल जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इस बारे में रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने यह हिदायत भी दी है कि भविष्य में योजना के हर आवेदन पत्र पर खासतौर पर यह भी लिखना होगा कि इनके अनुदान के लिए एक ही बार संस्तुति की जा रही है। इसके बावजूद डबल संस्तुति सामने आई तो एसडीएम खुद भी जिम्मेदार होंगे। डीएम की सख्ती से तहसील में भी खलबली मच गई। एसडीएम ने आनन-फानन तहसीलदार को इन आवेदनों की संस्तुति करने वालों पर कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट मांग ली है।
-यह मामला वाकई गंभीर है। जिन लोगों ने दूसरी बार एक ही व्यक्ति को मदद के लिए संस्तुति की है, उनके खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
कुमार संजय, तहसीलदार सदर
क्या है राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में किसी परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु होने पर उसके आश्रित को 20 हजार रुपये की मदद दी जाती है। योजना के लिए पीड़ितों के आवेदन तहसील से अग्रसारित होकर आते हैं, जिनके आधार पर समाज कल्याण विभाग आर्थिक मदद स्वीकृत करता है।
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