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पानी पर ‘चोरों’ की सेंध, पब्लिक ‘प्यासी’

Hathras

Updated Sat, 06 Oct 2012 12:00 PM IST
हाथरस। रहिमन पानी राखिये बिन पानी सब सून... शहर में पेयजल संकट एक गंभीर समस्या है, फिर भी नगर पालिका इस समस्या के निदान के कारगर उपाय नहीं किए गए। शहरवासियों के पानी देने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है, लेकिन यह अपनी पूरी क्षमता से पानी दे भी दे तो वह शहर के लोगों की डिमांड का एक तिहाई पानी भी उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है। शहर के लोगों को करीब 22.5 एमएलडी पानी की आवश्यकता है, लेकिन पालिका की क्षमता 7.2 एमलडी पानी देने की है। किसी समय में नगर पालिका की आधा दर्जन टंकियों में पानी पहुंचता था। आज स्थिति यह है कि पालिका की किला दाऊजी मंदिर और आवास विकास कॉलोनी स्थित टंकियों को रिजेक्ट कर दिया गया है। आठ साल पहले जल निगम ने पालिका को वाटर वर्क्स में सबसे बड़ी टंकी बनाकर दी। इस टंकी का वाल्व खराब हो गया। हालांकि वाल्व बदलने में 3.50 लाख रुपये खर्च किए गए, फिर भी टंकी में पानी नहीं चढ़ा। इसके अलावा पालिका के वाटर वर्क्स के 30 नलकूप हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 11 नलकूप चालू हैं। पिछले दिनों रमनपुर की टंकी के नीचे कमरे की बिल्ंिडग टूट गई। ऐसे में इस टंकी में केवल एक टाइम पानी भर पा रहा है और इलाके भर के लोग परेशान हो रहे हैं। राइजिंग पाइप और सप्लाई पाइप दोनों में अवैध कनेक्शन लोगोें ने कर रखे हैं। सूत्रों की मानें तो पूरे शहर भर में लगभग 2500 से ज्यादा घरों में ‘चोरी का पानी’ पहुंच रहा है। जलेसर रोड से लेकर काले खां की मजार और किला गेट तक, नाई का नगला से लेकर घास मंडी तक, लेबर कॉलोनी से लेकर रमनपुर तक व अन्य कई इलाकों में नलकूपों की मुख्य पाइपों पर ही लोगों ने अपने कनेक्शन जुड़वा लिए हैं। इससे जिन लोगोें के पास वैध कनेक्शन हैं, उन्हें तो पानी मिल नहीं रहा, बल्कि पानी चोरों को हमेशा पानी मिलता है। पानी चूंकि पहले ही खींच लिया जाता है, इसलिए टंकियों तक पानी नहीं पहुंच पाता। यही स्थिति सप्लाई लाइन की है। वहां भी अवैध संयोजन की भरमार है। नगर पालिका क्षेत्र में वाटर वर्क्स के 8450 वैध कनेक्शन हैं। यही स्थिति इंडिया मार्क टू नलों की है। शहर के करीब 450 नलों में से 70 नल खराब पड़े हैं। इनमें से कुछ को रिबोर होना है तो कुछ में अन्य कमियां है। वाटर वर्क्स और जल निगम एक दूसरे पर इन नलों के ठीक होने की जिम्मेदारी डाल देते हैं और लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। जल निगम एक नया नलकूप घास मंडी में लगा रहा है लेकिन वहां अभी व्यवधान पैदा हो रहा है। ऐसे में पालिका लोगोें की ‘प्यास’ नहीं बुझा पा रही।
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