आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

सूखे की आहट पर प्रशासन बेखबर

Hathras

Updated Wed, 25 Jul 2012 12:00 PM IST
हाथरस। औसत से कम हुई बारिश से जिले में सूखे की आशंका गहरा गई है। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहराती जा रही हैं। शासन को भी संभावित सूखे की स्थिति का आभास हो चुका है। यही वजह है कि शासन ने जिला प्रशासन से सूखा राहत प्लान तलब कर लिया है। हालांकि यह योजना एक महीने पहले ही तैयार हो जानी थी, लेकिन अभी तक जिले का कोई भी विभाग इस योजना को तैयार करके नहीं दे पाया है। यही नहीं, डीएम ने इस सिलसिले में अभी तक विभागों के साथ कोई बैठक की है, जबकि जिले में बारिश का औसत पिछले डेढ़ महीने से ही कम चला आ रहा है मगर महीने की शुरुआत में हुई बारिश ने सूखा राहत प्लान के लिए प्रशासनिक तैयारियों को ढीला कर दिया। हालांकि अब शासन के निर्देश के बाद एक बार फिर सूखा राहत की तैयारियाें में तेजी आई है। डीएम ने एक हफ्ते में सभी विभागों से सूखा राहत प्लान मांगा है, जिसे जल्द ही जिला स्तरीय अफसरों के साथ बैठक में अंतिम रूप दिया जा सकता है। वैसे जितना शासन सूखे को लेकर चिंतित है, प्रशासन में उतनी चिंता नहीं दिखती।
----
बारिश नहीं आई तो बढ़ेगा फसलों पर खतरा
चूंकि पिछले 10 दिनों से जिले में न के बराबर बारिश हुई है, इसलिए फसलों के लिए पानी का संकट फिर गहरा गया है। खरीफ की फसलों पर वो चमक नहीं है, जोकि आम तौर पर सावन के महीने में देखी जाती थी। खासकर धान की फसल के लिए आलू उत्पादक क्षेत्रों के किसान पानी का गंभीर संकट झेल रहे हैं। धान की सलामती के लिए उन्हें न चाहते हुए भी नलकूपों से पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है, जिससे उनकी जेब पर खर्चों का बोझ बढ़ गया है। फसल की लागत भी बढ़ती जा रही है। अगर इस हफ्ते जोरदार बारिश नहीं होती है तो धान की फसल पर सूखने का खतरा बढ़ जाएगा, क्योंकि ज्यादा दिनों तक धान की नर्सरी को नलकूपों के पानी के भरोसे सलामत रख पाना किसान के बूते का नहीं है। यही वजह है कि किसान एक बार फिर ऊपर वाले से अपनी फसल की खातिर बारिश की दुआ मांग रहे हैं। किसान ही नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों में गर्मी से जूझते लोगों को भी अच्छी बारिश की दरकार है। बिना बारिश के गरमी और उमस इस कदर बढ़ गई है कि कूलर-पंखों की हवा भी खास राहत नहीं दे पा रही। गर्मी के तेवर लगातार तल्ख होते जा रहे हैं। यही वजह है कि शहर वाले भी बारिश की दुआ करने में पीछे नहीं हैं।
साल 2011 में जुलाई महीने में औसतन करीब 260 मिमी बारिश हुई थी, जबकि इस साल अब तक मात्र 52 मिमी ही बारिश हुई है यानि पिछले साल से 208 मिमी कम बारिश हुई है, जोकि साफ तौर पर सूखे की तरफ इशारा कर रही है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

नए कलेवर में लॉन्च हुए नोकिया के मोबाइल फोन, खास हैं खूबियां

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

जानिए दुनिया के सबसे सम्मानित पुरस्कार 'ऑस्कर' से जुड़ी 10 रोचक बातें 

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

ICC रैंकिंग: स्टीव ओ'कीफ की ऊंची छलांग, अश्विन-जडेजा और विराट को हुआ नुकसान

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

अब यह लोकप्रिय कार भी नहीं मिलेगी बाजार में

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

सेक्स में चरम सुख की कुंजी क्या है? शोध में हुआ खुलासा

  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

Most Read

बागी मंत्री को अख‌िलेश ने क‌िया कैब‌िनेट से बाहर

vijay mishra expelled from akhilesh cabinet
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

झारखंड: महिला कर्मचारियों को मिलेगी दो विशेष छुट्टी

Jharkhand:women will get 2 special leave under sarva shiksha abhiyan
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

ड‌िम्पल ने मोदी को बताया झूठ का प‌िटारा, कसाब को द‌‌िया नया फुलफॉर्म

dimple yadav rally in gonda
  • शनिवार, 25 फरवरी 2017
  • +

पीएम मोदी के बयान से हिला पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक-2 की तैयारी तो नहीं!

prime minister statement shock pakistan
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +

अपने ऊपर दर्ज रेप के मामले में गिरफ्तारी देने पहुंचे आईपीएस अमिताभ ठाकुर

IPS amitabh thakur protest against fir against him in rape case
  • रविवार, 26 फरवरी 2017
  • +

जानें, अखिलेश को मायावती से क्यों लग रहा है डर

akhilesh says against mayawati
  • सोमवार, 27 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top