आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

फीकी पड़ती जा रही हाथरसी गुलाल की चमक

Hathras

Updated Tue, 22 May 2012 12:00 PM IST
हाथरस। टैक्स की मार और ट्रांसपोटेशन की समस्या की वजह से हाथरस के रंग-गुलाल उद्योग की चमक दिन-प्रतिदिन फीकी पड़ती जा रही है। करीब 70 साल पुराना यह कारोबार सरकारी प्रोत्साहन के अभाव में दम तोड़ता जा रहा है। कारोबार चूंकि सीजनेविल है, इसलिए प्रशिक्षित लेबर भी यहां से पलायन करती जा रही है। इतना ही नहीं यहां के कुछ कारोबारी भी अन्य प्रदेशों में अपना कारोबार जमा रहे हैं। हाथरसी रंग-गुलाल की धाक दूर-दूर तक है। देश-विदेश में हाथरसी रंग-गुलाल जाता है। फिल्मी दुनिया में भी होली के मौके पर हाथरसी रंग बरसता है, लेकिन पिछले कुछ सालों से इस कारोबार की चमक धीमी पड़ती जा रही है। इसका मुख्य कारण टैक्स की मार और ट्रांसपोटेशन की समस्या है। रंग बनाने के लिए प्योर कलर अहमदाबाद और मुंबई से आते हैं। उसके बाद स्टार्च व ग्लोबल साल्ट मिलाकर इसे रिड्यूज कर दिया जाता है और यह रंग बाजार में बिकता है। बाजार में जिस क्वालिटी के रंग की डिमांड होती है, उस क्वालिटी का रंग बनाया जाता है। स्टार्च में रंग मिलाकर गुलाल तैयार किया जाता है। यहां छोटे-बडे़ सब मिलाकर रंग-गुलाल की करीब डेढ़ दर्जन फैक्ट्रियां हैं। कुल मिलाकर 20 हजार लोग इस कारोबार से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ हुए हैं। इस कारोबार के पिछड़ने का एक कारण यहां के गलीचा कारोबार का उजड़ना भी है। गलीचों की रंगाई के लिए काफी रंग इन फैक्ट्रियों से जाता था, लेकिन काफी गलीचा फैक्ट्रियां बंद हो र्गइं और रंग की खपत कम हो गई। इधर, सबसे बड़ी समस्या गुलाल पर टैक्स की है। गुलाल पर इस प्रदेश में साढे़ 13 फीसदी टैक्स है, जबकि कई प्रदेशों में कोई टैक्स नहीं है। छत्तीसगढ़ में केवल चार फीसदी टैक्स है। रंग-गुलाल का काम सीजनेविल भी है। यहां यह धंधा 12 महीने फैक्ट्रियों में नहीं चलता। इसलिए प्रशिक्षित कारीगर यहां के बड़े शहरोें की तरफ पलायन कर गए हैं। यहां से मुंबई, रायपुर, जयपुर जैसे शहरों के अलावा विदेशों तक माल जाता है। पैकिंग और क्वालिटी में अभी भी हाथरस के रंग और गुलाल का कोई जवाब नहीं है। यहां नील भी बनता है। इसके बावजूद टैक्स की मार और ट्रांसपोटेशन की समस्या इस कारोबार की चमक फीकी कर रही है। कुछ रंग कारोबारी स्पष्ट रूप से यह कहते हैं कि शासन-प्रशासन इस कारोबार को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन तो दे नहीं रहा, उल्टे प्रदूषण के नाम पर छापामार कार्रवाई और होती है। इससे कारोेबार पर विपरीत असर पड़ता है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

अपनी इस फिल्म के लिए अनिल कपूर ने दी थी इतनी बड़ी कुर्बानी, बाद में मिला धोखा

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

तलाक के चार दिन बाद ही अरबाज ने लिया ऐसा फैसला, मलाइका के पैरों तले खिसक जाएगी जमीन

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

फिर जुड़वा बच्चों की मां बनने वाली है गुमनाम हुई ये हीरोइन, अरबों की मालकिन बन दुबई में रह रही

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

नीरस होते रोमांस में गर्माहट ला देंगे ये तेल, रानियां भी करती थीं इस्तेमाल

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

Modi@3: मोस्ट स्टाइलिश पीएम ऑफ द वर्ल्ड, देखें जानदार 'Look'

  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

Most Read

यूपी: IAS-PCS अफसरों के 15 ठिकानों पर IT की रेड

income tax raid on ias pcs and five government clerks house in delhi ncr
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

MCD उपचुनावः भाजपा का नहीं खुला खाता, आप को मिली जीत

mcd bypoll on 2 seats: know results here as aap won a seat
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

J&K: मेजर गोगोई के सम्मान के विरोध में NC का प्रदर्शन

national conference leaders protested against major gogoi in Srinagar
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

अल्पसंख्यकों का कोटा खत्म करने की बातें आधारहीन: यूपी सरकार

 UP govt to end minority quota
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

पाकिस्तान पर बरसे कुमार विश्वास, कहा- शरीफ रहो नहीं तो शरीफा बना दिए जाओगे

kumar vishwas takes dig on pakistan denial over their post in nowshera being destroyed by india
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर अबू दुजाना 5वीं बार फरार

Lashkar-e-Toiba Kashmir commander Abu Dujana again escapes from the security in Pulwama 
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top