आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

फर्जी स्कूलों में पढ़ रहे 15 हजार बच्चे!

Hardoi

Updated Sat, 06 Oct 2012 12:00 PM IST
हरदोई। नौनिहालों की शिक्षा पर प्रतिवर्ष करोड़ों खर्च हो रहे हैं लेकिन महकमे के अधिकारी गंभीर नहीं है। आलम यह है कि कहीं बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच रहे तो कहीं शिक्षक नदारद रहते। हाउस होल्ड सर्वे से आई रिपार्ट में परिणाम और चौंकाने वाले हैं जिसमें बताया गया कि जिले के करीब 15 हजार बच्चे ऐसे स्कूलों और मदरसों में पढ़ रहे है जिनका विभाग में पंजीकरण भी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों की चौपाल पर ऐसे बच्चों को पढ़ाकर उनसे फीस के नाम पर पैसा कमाया जा रहा है। सबकुछ जानने के बाद विभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात अधिकारी इसे नजरंदाज किए है। हालांकि बीएसए ने अब ऐसे विद्यालयों को चिंहित कर नोटिस देने की कार्यवाही शुरू कर दी है।
जिले में शिक्षा का अधिकार अधिनियम का खुलेआम मखौल उड़ाया जा रहा है। अधिनियम में बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के लिए तमाम व्यवस्थाएं की गईं। इनमें सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण व्यवस्था में बिना मान्यता के किसी भी विद्यालय का संचालन न होने और किसी भी अप्रशिक्षित के शिक्षण कार्य न करने का प्रावधान किया गया। शासन स्तर से भी इसके लिए कड़े कदम उठाए गए। बिना मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विरुद्ध कार्रवाई का आदेश दिया गया। हालांकि अधिकारियों के अनुसार जिले में कोई भी बिना मान्यता के विद्यालय संचालित नहीं है लेकिन हाउस होल्ड सर्वे की रिपोर्ट ने सच को उजागर कर दिया है।
जिले के शासकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त विद्यालय,मदरसों व गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों और मदरसों आठ लाख 41 हजार 884 बच्चे पढ़ रहे हैं। इनमें से 15 हजार 294 बच्चे तो बिना मान्यता के विद्यालय या मदरसों यानी कि फर्जी विद्यालयों में पढ़ रहे हैं। हाउस होल्ड सर्वे के अनुसार जिले में बिना मान्यता के मदरसों में 5332 बच्चे पढ़ रहे हैं। इनमें 6 से 13 साल के 2760 बालक और 2572 बालिकाएं हैं। बिना मान्यता के विद्यालयों में 9962 बच्चे पढ़ रहे हैं। इनमें 5514 बालक और 4448 बालिकाएं हैं। जानकारों का कहना है कि जब विद्यालयों को ही मान्यता नहीं है तो यहां शिक्षण करने वाले कितने प्रशिक्षित होंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उधर, अधिकारी इस मामले में कार्रवाई की बात कह रहे हैँ।



वर्जन
‘बीएसए के आदेश पर बिना मान्यता के विद्यालयों का चिह्नीकरण कराकर उन्हें नोटिस दी जा चुकी है। इसके बाद उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और वहां पर पढ़ने वाले बच्चों को नजदीकी शासकीय या मान्यता प्राप्त विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाएगा’।
बलवीर शास्त्री
जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

पाकिस्तान की हार के बावजूद टूटा विवियन रिचर्ड्स का रिकॉर्ड

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

प्रियंका चोपड़ा ने लाइट जलाकर बनाए हैं संबंध, खुद किया खुलासा

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

OMG: ये लड़की डॉक्टर से मांग लाई अपना कटा पैर, फिर दिखाए गजब के करतब

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

प्रियंका का सबसे जुदा अंदाज, किसी राजकुमारी से कम नहीं लग रही हैं

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

BIGG BOSS : स्वामी ओम के चलते सलमान ने लिया बड़ा फैसला, ऐसा अब तक नहीं हुअा

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

Most Read

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

टिकट बंटवारे को लेकर बीजेपी से नाराजगी पर आया स्वामी प्रसाद मौर्या का बयान

swami prasad maurya denies news of being unhappy due ticket distribution
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

एटा बस हादसे में 25 लोगों की मौत, सीएम ने द‌िए मुफ्त इलाज के न‌िर्देश

cm akhilesh shows grieve on etah school accident
  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

जानें, सपा में 'अखिलेश युग' की शुरुआत पर क्या बोले अमर ‌सिंह

 amar singh reaction on EC decision.
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

कभी भी हो सकता है सपा-कांग्रेस के गठबंधन का ऐलान, गुलाम नबी ने की पुष्ट‌ि

ghulam nabi confirms congress alliance with sp
  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top