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खुलेआम ‘डाका’ से गरीबों को ‘फांका’

Hardoi

Updated Sun, 16 Sep 2012 12:00 PM IST
‘जिले में करीब 8 लाख राशनकार्ड धारक है। इनमें बीपीएल 1,89,932, अन्त्योदय योजना के 1,17,727, और एपीएल कार्डधारकों की संख्या पांच लाख है। इनमें से तमाम बोगस कार्ड हैं, जिन पर खेल होता है। अनाज और केरोेसिन तेल वितरण की व्यवस्था पर कालाबाजारी करने वाले हावी है। राशन कोटे की दुकानों को स्थापित करने को न तो मानकों का पालन हो रहा और न ही वितरण में समय सारिणी का ध्यान रखा जा रहा है। सबसे ज्यादा गोलमाल ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहा है, वहीं नगरीय क्षेत्र भी इस खेल में पीछे नहीं। नगर क्षेत्र की दुकानें कहां स्थित है, इसका पता डीएसओ कार्यालय में भी नहीं है। सिर्फ दुकान मालिक का नाम और मोहल्ला ही अभिलेखों में दर्ज है, ऐसे में इन दुकानों को विभाग के लोग भी खोज नहीं पाते तो फिर आम राशन कार्ड धारक कहां से खोज पाएंगे। बड़ी तादाद में हर माह राशन एवं तेल की कालाबाजारी करके पूरे जिले में करोड़ों का खेल हो रहा है। गरीबों का अनाज, केरोसिन और चीनी खुलेआम ब्लैक कर दी जाती है और लोग शिकायत करते हैं तो जांच के नाम पर सिर्फ खानापूरी कर मामला रफा दफा कर दिया जाता है। सूबे में सरकार बदलने के बाद भी गरीबों के हक पर पड़ रहे डाके पर अंकुश लगता नजर नहीं आ रहा है। कार्डधारक ग्रामीण आए दिन तहसील से कलक्ट्रेट तक धरना-प्रदर्शन करते हैं, फिर भी सुनवाई नहीं हो रही है। कोटेदार अब जनप्रतिनिधियों पर भी भारी पड़ रहे हैं। प्रधान से लेकर विधायक तक को अफसरों से उनकी शिकायत करनी पड़ती है, फिर भी उनके खिलाफ कार्रवाई से महकमे के अधिकारी कतराते हैं।’
हरदोई/संडीला। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की 1323 दुकानें हैं। जिनसे करीब आठ लाख कार्ड धारक जुडे़ हैं, इनमें शहरी क्षेत्र में बीपीएल कार्डधारकों की संख्या 612 तथा अन्त्योदय कार्डधारकों की संख्या 335 है और एपीएल कार्ड धारकों की संख्या 49 हजार के करीब है। औसतन हर कोटेदार के यहां करीब 800 से 900 कार्डधारक हैं और इनके लिए हर केरोसिन तथा खाद्यान्न आदि आता है, पर अधिकांश कार्डधारकों को इसका लाभ नहीं मिलता।
उधर, सदर क्षेत्र के ब्लाक बावन, हरियावां, टड़ियावां, सुरसा और अहिरोरी क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में भी वितरण व्यवस्था कोटेदारों की मनमानी से कार्डधारक परेशान हैं। संडीला तहसील क्षेत्र के कोटेदार मनमानी कर रहे हैं। ग्रामीणों को समय पर अनाज और केरोसिन नहीं मिल रहा। शिकायत के बावजूद कोटेदारों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। क्षेत्र में मात्र 5 दुकानें सस्पेंड हैं और चार को निरस्त कर 35 हजार जमानत राशि की रकम जब्त करने का विभाग दावा कर रहा है। उधर, कछौना ब्लाक में कोटेदार निर्धारित अनाज में घटतौली कर रहे हैं, वहीं अधिकांश कोटेदार केरोसिन तो दो माह में एक बार ही बांटते है। कोथावां ब्लाक में कई कोटेदार अनाज की वितरण में भी गोलमाल करते है। भरावन और बेहंदर ब्लाक में भी लगभग ऐसी ही स्थिति है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल है वितरण व्यवस्था
बिलग्राम। तहसील क्षेत्र में भी कोटेदारों की मनमानी से आए दिन धरना प्रदर्शन के बावजूद समस्या दूर होती नजर नहीं आ रही, जबकि पूर्ति विभाग का दावा है कि अनियमितताओं से तीन दुकानों को निरस्त किया गया और छह कोटेदारोें पर साढे़ 22 हजार रुपए जुर्माना किया। इसके बावजूद व्यवस्था सुधरती नजर नहीं आ रही। उधर, मल्लावां ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्रों में एक माह का गैप कर कोटेदार अनाज वितरण करते हैं, जबकि केरोसिन में घटतौली आम है। ग्रामीणों की माने तो तीन माह में एक माह का अनाज गायब हो जाता है, जबकि हर बार वितरण में घटतौली आम बात है। साड़ी ब्लाक में तो हालात और भी खराब है।
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सपा विधायक को सीएम से करनी पड़ी शिकायत
शाहाबाद। क्षेत्र के एक कोटेदार की शिकायत मिलने पर सपा विधायक ने एसडीएम से कार्रवाई को कहा, पर कुछ नहीं हुआ। इसके बाद विधायक ने सीएम को पत्र भेजकर एसडीएम की भी शिकायत करते हुए हटाने की मांग की। एसडीएम ने आनन फानन में कोटेदार पर रिपोर्ट दर्ज कराई। करीब 24 शिकायतें जांच के लिए लंबित पड़ी है। हालांकि, विभागीय अधिकारी शिकायतों पर कार्रवाई का दावा कर रहे हैं, पर दुकानें निलंबन के बाद गुपचुप बहाल होना आम बात हो गई है। पिहानी ब्लाक के ग्रामीण कोटेदारों की मनमानी से परेशान हैं।
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मिलकर्मियों के कोटे की भी होती कालाबाजारी
सवायजपुर। क्षेत्र में 194 राशन की दुकानें से कार्डधारकों को लाभ नहीं मिल पा रहा। एसडीएम ने रूपापुर शुगर मिल कर्मियों को मिट्टी का तेल व अनाज वितरित करने वाले कोटेदार द्वारा अनियमितताएं बरतने पर कोटा बीते दिनों निलंबित कर दिया। कोटेदार ने 75 कुंतल एपीएल कार्डधारकों का गेहूं गोदाम से उठा खुले बाजार मेें बेंच दिया। आवंटित दो हजार मिट्टी का तेल अटैच कोटेदार ने उठाकर बेंच दिया और मिल कर्मचारी भटकते रहे। विभाग का दावा है कि 19 दुकानों का निलंबन व बहाली का कार्य किया गया। रहतौरा की दुकान गत 16 जून को बहाल हुई, पुन: सस्पेंड की गई और बीती 7 सितंबर को फिर बहाल हो गई। उधर, ब्लॉक भरखनी और टोडरपुर क्षेत्र में भी लगभग ऐसी ही स्थित है।
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बीपीएल कार्ड धारकों के लिए हर माह 15 किलो गेहूं दर 4.65 रुपए किलो, 20 किलो चावल 6.15 रुपए, 3 लीटर केरोसिन एवं चीनी 700 ग्राम प्रति यूनिट, जिले में बीपीएल कार्डधारकों की संख्या 1,89,932।
अन्तोदय कार्ड धारकों 1,17,727 के लिए हर माह 10 किलो गेहूं दर दो रुपए किलो, 25 किलो चावल दर तीन रुपए, तीन लीटर केरोसिन एवं चीनी सात सौ ग्राम प्रति यूनिट।
एपीएल कार्ड धारकों के लिए हर माह, 10 किलो गेहूं दर 6.60 रुपए प्रति किलो, तीन लीटर केरोसिन तेल देने का प्राविधान, जिले में एपीएल कार्डधारकों की संख्या 5 लाख।
महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियों को 15 किलो गेहूं दर 4.65 रुपए प्रति किलो, 20 किलो चावल दर 6.15 रुपए किलोे।
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प्रति माह आवंटित अनाज में बीपीएल गेहूं-2848.980 एमटी, बीपीएल चावल-3798.640 एमटी, अंत्योदय गेहूं-1177.270 एमटी, अंत्योदय चावल-2943.175 एमटी, एपीएल गेहूं-4069.165 एमटी, चीनी-953 एमटी और मिट्टी का तेल-24,860 लीटर।
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‘अनाज, चीनी एवं तेल की कालाबाजारी पर डीएसओ एसपी सिंह ने कहा कि जनवरी से अगस्त तक काफी कार्रवाई हुई है। 8 माह की अवधि में 141 कोटे की दुकानें सस्पेंड और 50 दुकानों को निरस्त किया गया और 572 दुक ानों पर छापे मारे गए एवं 17 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विभाग हर स्तर पर सजग है और शिकायत मिलने पर कार्रवाई करता है। दुकानाें के स्थित होने एवं खुलने के समय को लेकर जल्द ही अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।’
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कोटेदार के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन
सवायजपुर। विकास खंड भरखनी की ग्राम सभा रहतौरा के रामकिशोर, शिवदयाल, रामदेव, रामनरेश, सतीश, मोती, राजेश, प्रेमपाल, गौरीशंकर समेत 3 दर्जन ग्रामीणों ने बताया कि गांव की राशन की दुकान निजामपुर के कोटेदार के यहां अटैच थी और तेल व राशन उक्त दुकानदार के यहां मिलना था, पर कोटेदार ने मिलीभगत से अनाज और चीनी गोदाम से उठाने के बाद कालाबाजारी कर दिया। ग्रामीणों ने प्रधान व कोटेदार के विरुद्ध नारेबाजी की और कार्रवाई की मांग की। एसडीएम सत्यप्रकाश शर्मा ने नायब तहसीलदार को मौके पर जाकर जांच कर आख्या पेश करने के निर्देश दिए।
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