आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

‘छोटू’ खा आयरन, ले स्वास्थ्य का ‘आशीर्वाद’

Hardoi

Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
‘जिले के बच्चों के लिए खुशखबरी है। बाल्यावस्था से किशोरावस्था तक उन्हें स्वास्थ्य विभाग का आशीर्वाद मिलेगा। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत शुरू की गई आशीर्वाद बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना में 16 वर्ष तक के करीब सोलह लाख बच्चों का घर बैठे निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका उपचार किया जाएगा। तीन चरणों में चलने वाले कार्यक्रम में पहले चरण में सरकारी स्कूल जाने वाले, फिर सहायता प्राप्त आदि स्कूलों में जाने वाले और तीसरे चरण में स्कूल न जाने वाले बच्चों को लाभ मिलेगा। शासन के निर्देश पर जिले में कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। दो से छह वर्ष तक के बच्चे स्कूल जाते नहीं हैं, ऐसे बच्चों का आंगनबाड़ी कार्यकत्री व एएनएम आदि परीक्षण करेंगी और जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों को बुलाएंगी। छह से 12 वर्ष तक के बच्चों की जांच और अगर कोई बीमारी है तो उसका उपचार और अगर बीमारी नहीं है तो आयरन फोलिक एसिड की गोली और हर छह माह में पेट के कीड़ों के लिए डी वर्मिग की गोली की जाएगी। 12-16 वर्ष तक किशोवास्था के बच्चों को उन्हें शारीरिक एवं मानसिक विकास की जानकारी और भ्रांतियों को दूर किया जाएगा। मेडिकल टीम तो अपना काम करेगी ही, टीचरों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।’
हरदोई। एनआरएचएम के तहत चलाए जा रहे कार्यक्रमों में बच्चों के लिए स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम व सलोनी स्वस्थ किशोरी योजना संचालित की जा रही थी, पर अब शासन ने दोनों योजनाओं को मिलाकर बच्चों के लिए आशीर्वाद बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना शुरू की है। इस कार्यक्रम में दो वर्ष से लेकर 16 वर्ष तक के सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें उपचार किया जाएगा।
शिक्षा विभाग व जनगणना के आंकड़ों को अगर देखें, तो 16 वर्ष तक के जिले में स्कूल जाने वाले और न जाने वाले सभी बच्चों को मिलाकर करीब 15 लाख 93 हजार 672 बच्चे हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत इन बच्चों और किशोर-किशोरियों के परीक्षण और उपचार के लिए ब्लाक स्तर पर चिकित्सक, एक नर्सिंग स्टाफ और एक पैरामेडिकल स्टाफ की मेडिकल टीम बनाई जाएगी। छह वर्ष तक स्कूल न जाने वाले बच्चों का आंगनबाड़ी, आशा और एएनएम घर-घर जाकर परीक्षण करेंगी और जरूरत पड़ने पर टीम को बुलाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उपचार व्यवस्था मुहैया कराई जाएगी।
वहीं छह वर्ष से 16 वर्ष तक के स्कूल जाने वाले बच्चों का परीक्षण के लिए टीम विद्यालयों में जाकर उनका परीक्षण करेगी। टीचरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा और छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य की स्क्रीनिंग, जांच के बाद कार्ड बनाया जाएगा और जरूरत पर उन्हें उपचार मुहैया कराया जाएगा। एनआरएचएम के मिशन निदेशक के निर्देश पर जिले में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सीएमओ डा. अनुराग भार्गव ने बताया कि जल्द ही शिक्षा विभाग व अन्य संबंधित विभागों के अफसरों की बैठक बुलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी।
इंसेट---
पहले चरण में छह लाख बच्चों को मिलेगा लाभ
हरदोई। आशीर्वाद बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना के पहले चरण में ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी प्राइमरी, जूनियर एवं माध्यमिक स्कूलों में जाने वाले बच्चों को शामिल किया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार जिले के परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के पांच लाख 52 हजार 245 तथा माध्यमिक स्कूलों में कक्षा नौ व दस के 47 हजार 836 बच्चों को मिलाकर छह लाख 81 बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।
इंसेट---
दूसरे चरण में गैरसरकारी स्कूल के बच्चों को लाभ
हरदोई। योजना के दूसरे चरण में सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, अनौपचारिक शिक्षा, बाल श्रम विभाग एवं समाज कल्याण विभाग, मदरसा, अनाथालय एवं बाल अपराध गृह आदि के बच्चों को शामिल किया जाएगा। जिसमें गैरसरकारी स्कूलों के तीन लाख 25 हजार 535, बाल श्रम स्कूलों के करीब 1200 बच्चों व अन्य माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।
इंसेट---
तीसरे चरण में स्कूल न जाने वाले होंगे शामिल
हरदोई। तीसरे चरण स्कूल न जाने वाले बच्चों को शामिल किया जाएगा, जिसमें छह से 14 वर्ष के चिह्नित करीब 1724 बच्चों के साथ ही इससे ऊपर के बच्चों को खोजकर उनका परीक्षण के बाद उनका कार्ड बनाया जाएगा और उसके बाद उनका उपचार होगा।
इंसेट---
साढ़े छह लाख बच्चों की घर बैठे भी होगी जांच
हरदोई। स्कूल न जाने वाले दो वर्ष से नीचे व दो से छह वर्ष तक के बच्चों में जिले में कुल छह लाख 62 हजार 807 बच्चे हैं। इन बच्चों को एएनएम, आशा-बहू व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां घर-घर जाकर परीक्षण करेंगी और उनका कार्ड बनाएंगी। अगर किसी बच्चे को उपचार की जरूरत है तो टीम बुलाएंगी और टीम बच्चे का उपचार करेगी। बच्चे को अगर बाहर ले जाने की जरूरत है तो उसे बाहर भी भेजा जाएगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

सायना नेहवाल ने खत्म किया सूखा, लंबे समय बाद जीता गोल्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Bigg Boss : सलमान ने शाहरुख पर लगाया गोभी चुराने का आरोप, भड़क गए किंग खान

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अगर दफ्तर में सोना है तो सोएं, लेकिन जरा नजाकत से

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

सोमवार को बना है शुभ संयोग त‌िल के 6 प्रयोग से म‌िलेगा बड़ा लाभ

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अफगानिस्तान के इस बल्लेबाज ने तोड़ा कोहली का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Most Read

सपा-कांग्रेस का हुआ गठबंधन, सपा- 298, कांग्रेस-105 सीटों पर लड़ेगी चुनाव

congress sp alliance sealed
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

माया का पलटवार, ‘सपा का काम कम, अपराध ज्यादा बोलता है’

mayawati criticizes on akhilesh manifesto
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

विदेशी सेब पौधे कहीं चौपट न कर दें 3000 करोड़ की बागवानी

foreign apple cultivation is threat for himachal apple growers
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top