आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

हर साल आते हैं यादों के झोकें, नम होती आंखें

Hardoi

Updated Wed, 15 Aug 2012 12:00 PM IST
‘आजादी हासिल हुए 65 साल पूरे हो चुके हैं। 15 अगस्त का दिन हर साल हमें अंग्रेजी हुकूमत से जूझते देश के सपूतों की याद दिलाता है। इसी के साथ उन सब की आंखें भी नम हो जाती है, जो इन मंजरों के समीप से प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं। जिले के स्वतंत्रता सेनानियों का कहना है कि आज के युवा अपने पथ से भ्रमित न हो, देश के लिए कुछ करें या न करें, भारत माता के लिए यही उनकी तरफ से सच्ची सौगात होगी, क्योंकि एक मां के लिए उनके सपूतों का उज्ज्वल भविष्य की ओर जाने वाले पथ पर बने रहना ही सपना होता है। जिले में न तो देश के नाम पर कुर्बान होने वाले सपूतों की कोई कमी रही है और न ही महात्मा गांधी के आंदोलनों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले सेनानियों की। इन सेनानियों की सूची में हमारे बीच प्रेरणा स्रोत के रूप में भोला सिंह, राम भरोसे आर्य, महादेव प्रसाद शुक्ल व कप्तान सिंह आज भी मौजूद हैं। इनका कहना है कि भारत मां के लिए जज्बा न तो भारत में कभी भी कम हुआ है और न ही होगा, पर दुख की बात है कि आज की युवा पीढ़ी नशे, भ्रष्टाचार आदि में लिप्त है, जिससे उनका भविष्य क्या होगा और उसके बाद देश का भविष्य क्या होगा, इसका आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। इनका युवा पीढ़ी से यही कहना है कि वह अपने पथ से भ्रमित न हो, एक उद्देश्य लेकर चले, जिससे भारत मां के लिए अच्छे सपूत बनकर सामने आ सके, कपूत नहीं। अंग्रेजी हुकूमत केे चंगुल से आजाद होने के बाद भले ही आज जिलेवासी खुली हवा में सांस ले रहे हों और आजादी के उन हालातों के बारे में भले ही कोई अहसास भी न हो और जिले को फिरंगियों से बचाने को कुर्बान हुए जिले के शूरवीरों को भूल गए हों, पर साल दर साल बीतने के बाद भी जिले के कई स्थल ऐसे हैं कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हुई तबाही व जिले के शूरवीरों की गाथा आज भी गा रही है। इन्हीं में से एक रूइया नरेश बलशाली नरपति सिंह।’
हरदोई। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नायकों में जिले के अमर सेनानी नरेश नरपति सिंह रैकवाड़ का नाम आदर से लिया जाता है। वर्ष 87 के फरवरी माह में वाजीराव पेशवा के सुपुत्र नानाजी के नेतृत्व में तात्या टोपे, अजीमुल्ला खां, रंगों बापू की गुप्त मंत्रणा में पूरे देश के अंग्रेजों को एक ही दिन में खत्म करने की महती योजना बना डाली गई। योजना को अंजाम देने को 31 मई 1857 निश्चित किया गया और देशभक्त देसी राजाओं और अंग्रेजों व उनकी सेना के देसी सिपाहियों को क्रांति का प्रतीक लाल कमल का फूल तथा भाईचारे के प्रतीक रोटी का टुकड़ा माध्यम बनाकर दिया गया।
मौखिक रूप से 31 मई को सुबह गिरजाघरों मेें अंग्रेजों का स्वाहा कर जनक्रांति की जाय। इस क्रांति का संदेश राजा नरपति सिंह तथा अन्य राजाओं को भी मिला। फूल तथा रोटी को मस्तक से लगाकर उन्होंने प्रण किया कि इस संग्राम में अपना तन-मन-धन लगाकर युद्ध करेंगे और मातृभूमि को आजाद करवाएंगे। दुर्ग की सुरक्षा और मजबूत की और 31 मई के दिन का इंतजार करते रहे, पर वैरकपुर सैन्य छावनी में एक जोशीले वीर सिपाही मंगल पांडे ने जोश में होश खो दिया। निश्चित तिथि का इंतजार न कर राइफल की प्रथम गोली से 29 मार्च 1857 को ही सार्जेंट मेजर ह्यूसन को मारकर फिर लेफ्टीनेंट नाग को तलवार से काटकर युद्ध की घोषणा की। अनियंत्रित युद्ध शुरू हो गया।
इसके बाद राजा नरपति सिंह ने अपने रूइया किला में तथा गुलाब सिंह ने अपनी बेरूआ गढ़ी में सैन्य शक्ति की तैयारी शुरू कर दी। यहां दो विशेष राज्य थे जिन्होंने एक वर्ष से ज्यादा समय तक अंग्रेजों से लोहा लिया और 28 नवंबर 1858 तक पूरे हरदोई जिले पर शासन किया। उधर, राजा नरपति सिंह अकेले ही शुरू से लेकर आखिर तक ब्रिटिश के खिलाफ थे। फीरोजशाह, लक्कड़ शाह भी बगावत किए हुए थे। अन्य तालुकेदार अंग्रेजों से मिल गए थे और राजा कटियारी हरदेव बक्स सिंह ने कई मोर्चो पर नरपति सिंह के खिलाफ लड़ाई लड़ी तथा जमींदारों को अंग्रेजी शासन की ओर लाने का प्रयत्न किया। सेनानी भोला सिंह ने बताया कि सेनानियों ने भी राष्ट्रभक्ति दिखाने व देश को आजाद करवाने को क्या-क्या नहीं किया होगा।
न सिर्फ भूखे प्यासे रहकर प्रखर राष्ट्रभक्ति का परिचय दिया, बल्कि तप की पराकाष्ठा का भी अनूठा नमूना पेश किया। लखनऊ में बुलाए गए सेनानियों ने जब गाजर खाकर अपने पेट की भूख शांत की का किस्सा आज भी उनके बीच जिंदा है। सेनानियों को लखनऊ बुलाया गया। जैसे तैसे पैसे के अभाव में हरदोई आए तथा यहां से चलने के बाद दूसरे दिन लखनऊ पहुंचे। भूख से व्याकुल दोपहर हो गई, सब एक दूसरे का मुंह देख रहे थे। जत्थे की अगुवाई निरंजन सिंह देव व बाबू छेदा लाल कर रहे थे। एक सेनानी ने देव से कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के सेनानी कल रात से भूखे हैं। देवजी ने गुप्ताजी को इशारा किया और गुप्ताजी ने अपनी खाली जेबें दिखाने लगे। देवजी ने बताया कि यही तप है। सब्र करो शाम को सामूहिक भंडारा का इंतजाम है।
मेरे पास भी कुछ नहीं है। केवल आठ आने हैं। आप बीती में अंकित है कि उन्होंने उसी अठन्नी को एक नवयुवक को बुलाकर कुछ चुपके से कहा और वह अठन्नी दे दी। वह पांच या छह सेर गाजर ले आया और उसको पानी से धोकर जैसे ही वह आया, लाल गाजर का मुंह देखने के बाद सेनानियों के मुंह में पानी आ गया और खाने को ऐसे झपटे कि जैसे जंगल में भूखा शेर।
इंसेट---
जिले के कुछ महत्वपूर्ण स्वतंत्रता सेनानी
हरदोई। बाबू लालता प्रसाद, राम नरायन लहरी, रामचरन गुप्त, गुरुप्रसाद गुप्ता, हरी बहादुर श्रीवास्तव, शोभाराम, राम सिंह, लक्ष्मी नरायन वर्मा, श्रीकृष्ण त्यागी, बाबू शिव नारायन, देबू पासी, चंदन प्रसाद, रामदयाल त्रिवेदी, मुन्नू सिंह, गजराज प्रसाद, हरगोविंद प्रसाद, बृजराज सिंह, आत्माराम बाजपेई, भोला सिंह, हीरालाल चिरौजी सेवाराम मिश्र, विशंभर प्रसाद, महादेव प्रसाद, चंदमौलि अवस्थी, चक्कर सिंह, अखलाक आदि।
---
प्यारी लक्ष्मी बाई व नन्हें बापूजी भी
हरदोई। टीएन किड्स जोन स्कूल के तत्वावधान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बच्चों की मनोहर छटा देखकर बड़ों का भी मन बाग बाग हो गया। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता को खूब सराहा गया, जिसमें नित्या सिंह ने टीपू सुल्तान, सूर्य वर्मा महात्मा गांधी, युवराज सिंह जवाहर लाल नेहरू, अदित्रि मिश्रा रानी लक्ष्मी बाई, अंशिका दीक्षित मंगल पांडे, पार्थवर्धन सिंह तात्या टोपे के रूप में नजर आई।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

jhoken memories

स्पॉटलाइट

डॉक्टर से बिना पूछे न खाएं ये दवा, पड़ सकता है भारी

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

रातों रात जोड़ों के दर्द से छुटकारा दिलाएगी रोटी, आप भी ट्राई करें

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

कुछ इस तरह लड़कों को जज करती हैं लड़कियां, क्या आपको पता है ?

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

B'Day Spl: इस एक्टर से प्रभावित होकर मनोज कुमार ने बदल लिया था अपना नाम

  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

GST लगने के बाद डेढ़ लाख रुपये घटी मित्सुबिशी पजेरो की कीमत

  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

Most Read

J&K: आर्मी के जवानों ने थाने में घुसकर पुलिस को पीटा, अब्दुल्ला बोले- कार्रवाई हो

soldier beat policemen in jammu six injured
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

5 साल की बेटी को नहला रही थी मां, दोनों को मिली खौफनाक मौत

5 year old and mother died after electrocuting
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

अखिलेश यादव की बैठक के दौरान सपा नेता उमाशंकर चौधरी को हार्टअटैक, मौत

sp leader uma shankar chaudhary died in akhilesh yadav meeting
  • शनिवार, 22 जुलाई 2017
  • +

हरमनप्रीत पर मेहरबान हुई पंजाब सरकार, 5 लाख के बाद पुलिस में नौकरी का ऐलान

Captain Amarinder singh announces Rs 5 lakh reward for Harmanpreet Kaur
  • सोमवार, 24 जुलाई 2017
  • +

Video: डीएम बोले- 'टॉयलेट नहीं तो अपनी वाइफ को बेच दो'

Aurangabad's DM Kanwal Tanuj has made a controversial statement during a public meeting
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!